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होम जीवनशैली

कर्तव्य निभाने के बाद भी अगर लोग प्रसन्न न हो तो क्या करें?

प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं- संसार का स्वभाव ही ऐसा है। आप चाहे किसी को कितना भी प्रेम दें, सुख पहुंचाएं, उसके लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दें फिर भी वही व्यक्ति एक दिन ऐसा व्यवहार करेगा कि आपको पीड़ा पहुंचेगी।

Written byMahak SinghMahak Singh
Sep 11, 2025, 10:16 am IST
inजीवनशैली
प्रेमानंद जी महाराज

प्रेमानंद जी महाराज

प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं- संसार का स्वभाव ही ऐसा है। आप चाहे किसी को कितना भी प्रेम दें, सुख पहुंचाएं, उसके लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दें फिर भी वही व्यक्ति एक दिन ऐसा व्यवहार करेगा कि आपको पीड़ा पहुंचेगी। यही इस माया-जाल का नियम है। संसार में यह सामान्य है। आप किसी को जितना अधिक सुख देंगे, वह उतनी ही जल्दी आपको कष्ट भी दे सकता है। जब हम किसी के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य करते हैं, तो हमारे भीतर यह स्वाभाविक भावना आ जाती है कि सामने वाला कम से कम हमें समझे, प्रेम से बात करे। लेकिन संसार की गति ऐसी नहीं है।

यह कोई आपकी कमी नहीं है, यह इस संसार और माया का विधान है। इसलिए संतों को सिखाया गया- “सहो, सह जाओ”। जो सह लेता है, वही दुख से बचता है। नहीं तो यह संसार तो निश्चित रूप से दुख देगा- पक्का दुख देगा। फिर चाहे वो कोई भी हो- भाई, मित्र, परिवार या समाज। आप वर्षों तक सेवा करें, प्रेम दें, समर्पण करें लेकिन एक बार यदि आपकी कोई बात उन्हें प्रतिकूल लग जाए, तो वही लोग अपना चेहरा बदल लेते हैं। यही संसार का खेल है।

यह भी पढ़ें- https://panchjanya.com/2025/08/31/432653/lifestyle/know-from-premananda-maharaj-what-should-be-done-if-a-cat-crosses-the-path/

हमें अपनी अच्छाई कभी नहीं रोकनी चाहिए। हमें जो भी अच्छा कार्य करना है, वो भगवान को समर्पित भाव से करना चाहिए। हम यदि किसी को सुख दे रहे हैं, प्रेम दे रहे हैं, सेवा कर रहे हैं तो वो सब भगवान के चरणों में अर्पित है। यदि सामने वाला बुरा भी करता है, तब भी हमें यही मानना चाहिए कि भगवान देख रहे हैं। हमें दूसरों के व्यवहार पर नहीं, अपने कर्तव्य पर ध्यान देना है। हमारा धर्म है कि हम सभी से प्रेम करें, सेवा करें, और भलाई करें लोग जैसा व्यवहार करें, वो उनके संस्कार और समझ का विषय है। हम अपनी ओर से शुभ विचार, शुभ कर्म, और शुभ भाव बनाए रखें। यही सच्ची विजय है। यही आध्यात्मिक सफलता है।

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Mahak Singh
Mahak Singh
2022 में ज़ी न्यूज़ से पत्रकारिता की शुरुआत की। उसके बाद न्यूज़ नेशन, दैनिक जागरण और न्यूज़ 24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए पत्रकारिता के विभिन्न आयामों का अनुभव प्राप्त किया। वर्तमान में पाञ्चजन्य में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं। ज़िमा ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से मैने पत्रकारिता की है। [Read more]
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