हम इन बातों पर विश्वास नहीं करते कि रास्ता काटने से या छींक जाने से कोई अमंगल होता है। जैसे किसी ने कहा “बिल्ली रास्ता काट गई, इसलिए अब आगे नहीं जाना चाहिए।” या “हम चले और किसी ने छींक दिया, अब तो काम बिगड़ जाएगा।” कोई कहता है “उसकी नजर लग गई।” ये सब भ्रम हैं, फालतू की बातें हैं।
महाराज जी कहते हैं “अगर तुम चाहो तो 100-200 बिल्लियां भी सामने से निकल जाएं, फिर भी कोई फर्क नहीं पड़ता।” क्योंकि ये सब बातें केवल अंधविश्वास हैं। अब कोई पानी लेने जा रहा है और किसी ने उसकी खाली बाल्टी देख ली, तो वो गुस्सा हो जाता है “अरे तूने मेरी खाली बाल्टी देख ली, अब अमंगल हो गया।” असल में अमंगल तो तब हो रहा है जब हम गुस्सा कर रहे हैं, लड़ाई कर रहे हैं। इसलिए महाराज जी कहते हैं “इन सब बातों में ध्यान मत दो। ‘राधे राधे’, ‘भगवान का नाम’ जपो। जब भगवान का नाम स्मरण करोगे, तो कोई अमंगल नहीं हो सकता। क्योंकि भगवान मंगल के धाम हैं और अमंगल का नाश करने वाले हैं।” अगर ऊपर वाले यानी भगवान की कृपा दृष्टि तुम पर है, तो किसी की बुरी नजर तुम्हारा कुछ बिगाड़ नहीं सकती और अगर ऊपर वाले की दृष्टि टेढ़ी हो जाए, तो फिर कोई भी तुम्हें बचा नहीं सकता। इसलिए ध्यान इस बात पर लगाओ कि भगवान की कृपा बनी रहे।
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महाराज जी का सीधा सन्देश है जब भी कहीं जाना हो, कोई काम करना हो भगवान का नाम लेकर चलो। जो लोग भगवान से विमुख होते हैं, उनके लिए ही अमंगल होता है। जो भगवान का सुमिरन करते हैं, उनके जीवन में कोई अमंगल नहीं होता। इसलिए, छोटी-छोटी बातों जैसे बिल्ली रास्ता काट गई, छींक हो गई, खाली बाल्टी दिख गई इन सब बातों की चिंता छोड़ दो। भगवान का नाम लो, राधे राधे बोलो यही सबसे बड़ा मंगल है।











