नई दिल्ली (हि.स.) । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज यमुना नदी के प्रवाह में कल के मुकाबले कुछ और कमी आई है। पुराना रेलवे पुल (ओल्ड रेलवे ब्रिज) पर शनिवार सुबह 10 बजे यमुना का जलस्तर 206.43 मीटर दर्ज हुआ। शुक्रवार सुबह सात बजे यह जलस्तर 207.33 मीटर था।
खतरे के निशान से ऊपर बह रही यमुना
दिल्ली में यमुना अभी भी खतरे के निशान 205.33 मीटर से ऊपर है। चेतावनी का निशान 204.50 मीटर है। यमुना के तटीय क्षेत्रों से लोगों को निकालने का काम 206 मीटर से शुरू होता है। ओआरबी नदी के प्रवाह और संभावित बाढ़ के जोखिमों पर नज़र रखने का प्रमुख केंद्र है।
अस्थायी आवास और पानी छोड़े जाने की जानकारी
दिल्ली के निचले क्षेत्रों के लिए मयूर विहार, कश्मीरी गेट और एक्सप्रेस-वे पर टेंट लगाए गए हैं। हथिनीकुंड बैराज से सुबह नौ बजे 50,629 क्यूसेक और वज़ीराबाद बैराज से 1,17,260 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हथिनीकुंड से छोड़े गए पानी को दिल्ली पहुंचने में 48 से 50 घंटे लगते हैं।
पंजाब में बाढ़ का गंभीर असर
भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) चेयरमैन मनोज त्रिपाठी ने बताया कि 1988 के बाद चार बार भारी बारिश हुई, लेकिन इस बार पानी की मात्रा सबसे अधिक रही। 1988 में पौंग बांध में 7.9 बीसीएम पानी आया था, जबकि इस वर्ष 11.7 बीसीएम दर्ज हुआ। पंजाब में लगभग 2000 गांव डूब गए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी करेंगे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जल्द ही बाढ़ प्रभावित राज्यों का दौरा करेंगे। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में हैं। हरियाणा में पहली बार सेना की मदद ली गई। झज्जर के बहादुरगढ़ में सेना के 80 जवान तैनात किए गए।
हथिनीकुंड बैराज और हिमाचल की स्थिति
यमुनानगर के हथिनीकुंड बैराज पर 106 घंटे बाद जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आया। हिमाचल में मंडी जिले के झलोगी में फोरलेन सुरंग का दक्षिणी हिस्सा धंस गया। कुल्लू में तीन शव बरामद हुए। किन्नौर जिले के लिप्पा गांव में बाढ़ से कृत्रिम झील बनी।
वायुसेना का बचाव अभियान और राजस्थान की स्थिति
चंबा जिले में फंसे मणिमहेश श्रद्धालुओं की जान बचाने के लिए वायुसेना के दो चिनूक हेलीकॉप्टरों ने 12 उड़ानें भरीं और 524 श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला। राजस्थान के दौसा जिले में लगातार बारिश से मोरल बांध भर गया, जिसकी दीवार टूटने से आसपास के क्षेत्र जलमग्न हो गए।

















