मुंबई से लगभग 100 किलोमीटर दूर, कर्जत के पास नेरल में एक नई रिहायशी परियोजना ‘हलाल लाइफस्टाइल टाउनशिप’ का प्रस्ताव अब विवादों में घिर गया है। इस टाउनशिप को लेकर जो विज्ञापन सामने आए हैं, उन पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि यह केवल एक विशेष समुदाय को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है। इसी कारण सोशल मीडिया पर इसे लेकर जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
क्या है विवाद- विवाद की शुरुआत तब हुई जब इस टाउनशिप के प्रचार वीडियो और विज्ञापन सामने आए। इन प्रचार सामग्रियों में यह संकेत दिया गया कि यह टाउनशिप ‘हलाल’ जीवनशैली को अपनाने वालों के लिए बनाई जा रही है। ‘हलाल’ शब्द इस्लामी परंपराओं से जुड़ा हुआ है, और इसे देखकर कई लोगों को यह आभास हुआ कि यह केवल मुस्लिम समुदाय के लिए ही बनाई जा रही है। इस मुद्दे ने जल्द ही राजनीतिक रंग ले लिया और राज्य के विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं- शिवसेना (शिंदे गुट) के प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने इस परियोजना के प्रचार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा प्रचार समाज में नफरत फैलाने वाला है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार से इस पूरे मामले की जांच कराने और वीडियो को हटाने की मांग की है। भाजपा प्रवक्ता अजीत चव्हाण ने इस योजना को भारत-विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाएं ‘गजवा-ए-हिंद’ जैसी मानसिकता को बढ़ावा देती हैं, जो देश और संविधान दोनों के खिलाफ हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में ऐसी योजनाओं को किसी भी हाल में सफल नहीं होने दिया जाएगा
यह विज्ञापन नहीं विष व्यापन है।
मुंबई के पास करजत इलाके में केवल मुसलमान मज़हब वालों के लिए हलाल लाइफ़ स्टाइल वाली टाउनशिप बनाई जा रही है।
यह Nation Within The Nation है,महाराष्ट्र सरकार को नोटिस किया जा रहा है। pic.twitter.com/zYtW4PN4Qt— प्रियंक कानूनगो Priyank Kanoongo (@KanoongoPriyank) September 1, 2025
आयोग की प्रतिक्रिया- इस विवाद को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी इस योजना पर संज्ञान लिया है। आयोग ने महाराष्ट्र सरकार से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है और जांच शुरू कर दी है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने भी इस योजना की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि यह कोई साधारण विज्ञापन नहीं है, बल्कि समाज में जहर फैलाने की कोशिश है। इस परियोजना को ‘हलाल लाइफस्टाइल टाउनशिप’ नाम दिया गया है। इसे एक ऐसी जगह के रूप में प्रस्तुत किया गया है जहाँ ‘हलाल’ जीवनशैली का पालन किया जा सके। जैसे कि भोजन, कपड़े, रहने की आदतें आदि सब कुछ इस्लामी नियमों के अनुसार हो। कई संगठनों और नेताओं ने इस योजना के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई हैं।

















