गत अगस्त को तिरुपति में कांची पीठाधिपति पूज्य श्री विजयेंद्र सरस्वती स्वामी ने दो दिवसीय अनुसूचित जाति परिवार सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें आंध्र प्रदेश के विभिन्न जिलों से 400 अनुसूचित जाति की महिलाएं और 100 पुरुष शामिल हुए।
अपने आशीर्वचन में स्वामी जी ने कहा कि हमारा सनातन धर्म अत्यंत मूल्यवान है, जिसे हम सभी हिंदू धर्म कहते हैं। हम सब हिंदू हैं। उन्होंने भक्तों से कहा कि वे अपने इष्ट-देव का प्रतिदिन स्मरण करें और माथे पर तिलक लगाएं।
सम्मेलन में आए सभी भक्तों को आदि शंकराचार्य का चित्र भेंट किया गया। महिलाओं को कुमकुम और साड़ियां दी गईं। इस सम्मान से गौरवान्वित हुए कई भक्तों ने कहा कि वे ऐसे पुनीत कार्यक्रम में भाग लेकर भाग्यशाली महसूस कर रहे हैं।
सम्मेलन में श्याम प्रसाद (राष्ट्रीय संयोजक, सामाजिक समरसता), वेंकटेश (राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के पूर्व अध्यक्ष), सुबैय्या (राज्य अध्यक्ष, एससी, एसटी, अधिकार कल्याण मंच), मोडापोथुला सत्यनारायण गांधी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

















