Pitru Paksha 2025: 7 सितंबर से पितृ पक्ष की शुरुआत और साल का आखिरी चंद्र ग्रहण एक साथ: जानिए क्या करें और क्या नहीं?
June 7, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम धर्म-संस्कृति

Pitru Paksha 2025: 7 सितंबर से पितृ पक्ष की शुरुआत और साल का आखिरी चंद्र ग्रहण एक साथ: जानिए क्या करें और क्या नहीं?

7 सितंबर 2025 का दिन हिंदू धर्म के अनुसार बहुत खास माना जा रहा है। इस दिन से पितृ पक्ष की शुरुआत हो रही है और इसी दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी पड़ रहा है।

Written byMahak SinghMahak Singh
Sep 4, 2025, 02:47 pm IST
in धर्म-संस्कृति
प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

7 सितंबर 2025 का दिन हिंदू धर्म के अनुसार बहुत खास माना जा रहा है। इस दिन से पितृ पक्ष की शुरुआत हो रही है और इसी दिन साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी पड़ रहा है। ऐसे में यह दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है।

पितृ पक्ष क्या है- यह वह समय होता है जब हम अपने पूर्वजों (पितरों) को याद करते हैं, उनके लिए तर्पण, पूजा और दान करते हैं। माना जाता है कि इस समय पितरों की आत्मा धरती पर आती है और अपने परिजनों से तर्पण और सम्मान की अपेक्षा रखती है। श्राद्ध के दिनों में किए गए कर्म जैसे जल अर्पण, भोजन दान, मंत्र जाप आदि पूर्वजों की आत्मा को शांति प्रदान करते हैं और उनके आशीर्वाद से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

चंद्र ग्रहण और उसका महत्व- 7 सितंबर को रात 9:57 से 1:26 बजे तक पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा, जो अपने चरम पर 11:42 बजे होगा। इस दौरान चंद्रमा लाल दिखाई देगा। हिंदू धर्म में ग्रहण के समय मंत्र जाप, ध्यान और साधना को शुभ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस समय की गई साधना कई गुना अधिक फल देती है। इस बार खास बात यह है कि चंद्र ग्रहण और पितृ पक्ष एक ही दिन पड़ रहे हैं। पितृ पक्ष का पहला दिन और पूर्ण चंद्र ग्रहण का यह संयोग बहुत ही दुर्लभ होता है और वर्षों में एक बार आता है। इस वजह से 7 सितंबर का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति इस दिन सच्चे मन से अपने पितरों को याद करता है, तर्पण करता है और पूजा करता है, तो उसे कई गुना पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

इस दिन क्या करें- एक लोटे में जल और काले तिल लें। पूर्वजों का स्मरण करके उनका नाम लेकर तर्पण करें। यदि संभव हो तो गंगा, यमुना या नर्मदा जैसी किसी पवित्र नदी के किनारे तर्पण करना श्रेष्ठ होता है। पितरों के नाम पर गरीबों को भोजन, वस्त्र या दान दें। गाय, कुत्ते, पक्षियों को खाना खिलाएं और पानी पिलाएं। यह सब कार्य पितरों को अर्पित मानकर करें। ग्रहण शुरू होने से पहले भोजन कर लें। ग्रहण के दौरान भोजन करना वर्जित होता है। घर की दक्षिण दिशा में दीपक जलाएं। शांति से बैठकर अपने पितरों को याद करें और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” या अन्य मंत्रों का जाप करें। इस दिन भगवद् गीता, विष्णु सहस्रनाम या रामचरितमानस का पाठ करना बहुत पुण्यकारी माना जाता है। ग्रहण का समय ध्यान और भक्ति के लिए सबसे उपयुक्त होता है। ग्रहण के दौरान सोना, खाना, बाल काटना या नाखून काटना वर्जित है। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करके शुद्ध वस्त्र पहनें और घर में गंगाजल का छिड़काव करें।

Topics: lunar eclipseShraddhapitru pakshashradh 2025pitru paksha 2025chandra grahanBlood MoonShradh
Mahak Singh
Mahak Singh
2022 में ज़ी न्यूज़ से पत्रकारिता की शुरुआत की। उसके बाद न्यूज़ नेशन, दैनिक जागरण और न्यूज़ 24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए पत्रकारिता के विभिन्न आयामों का अनुभव प्राप्त किया। वर्तमान में पाञ्चजन्य में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं। ज़िमा ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से मैने पत्रकारिता की है। [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Grahan 2026: 4 ग्रहण लगेंगे इस साल लेकिन भारत में 1 ही क्यों दिखेगा? जानिये

Haridwar Guru Purnima

उत्तराखंड: चन्द्र ग्रहण के बाद हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया, चारों धाम भी खुले

पितृपक्ष : तर्पण और अर्पण का पर्व

Ptna Love Jihad seraj lured Hindu

लव जिहाद: सेराज ने सोनू बनकर हिंदू युवती को फंसाया, लिव-इन के बाद दी श्रद्धा जैसी धमकी

पंजाब : जाट रेजिमेंट ने बलिदानी सैनिकों का किया श्राद्ध

Pitru Paksha 2024 : अपने पूर्वजों को जल देने का भारतीय विधान सिर्फ कर्मकांड नहीं, विज्ञान भी !

Load More

ताज़ा समाचार

आज का श्लोक : यं हि नं व्यथयन्त्येते पुरुषं पुरुषर्षभ। हे पुरुषश्रेठ!

आज का इतिहास

आज का इतिहास: क्या आप जानते हैं 7 जून का इतिहास? आज के दिन दुनिया में हुई थीं ये बड़ी घटनाएं

आज का राशिफल

7 जून का राशिफल: मेष से मीन तक जानें किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान

जंतर मंतर से ग्राउंड रिपोर्ट

जंतर-मंतर के ग्राउंड रिपोर्ट : कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को Gen-Z ने क्यों किया रिजेक्ट?

जंतर-मंतर से ग्राउंड रिपोर्ट

जंतर-मंतर से ग्राउंड रिपोर्ट : CJP के प्रदर्शन में ‘आज़ादी’ के नारे क्यों?

purvanchal kalyan ashram ramkatha kolkata day 7

कोलकाता: पूर्वांचल कल्याण आश्रम की श्रीरामकथा में गूंजा राम-हनुमान मिलन का प्रसंग, वनवासी शिक्षा के लिए सहयोग का आह्वान

RSS Path Sanchalan Rudrapur Karyakarta Vikas Varg Uttarakhand

उत्तराखंड : रुद्रपुर में निकला का पथ संचलन, स्वयंसेवकों पर जगह जगह हुई पुष्प वर्षा

Sambhal illegal mosque demolished bulldozer action UP

UP: संभल में अवैध दो मंजिला मस्जिद पर चला बुलडोजर, सरकारी जमीन से हटा अतिक्रमण, मिले विवादित पोस्टर

Mamta Banerjee

बिखरने के कगार पर TMC, ममता बनर्जी के नेतृत्व पर उठने लगे सवाल

jantar mantar protest social media trends political narrative

कॉकरोच, कठपुतलियां और पिटे हुए पहलवान

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies