हरिद्वार: चंद्रग्रहण के बाद सुबह तड़के से ही हजारों श्रद्धालुओं ने पावन घाटों में पहुंच कर गंगा स्नान किया। दूसरी तरफ चारों धामों के कपाट भी चंद्रग्रहण के पश्चात खोल दिए गए हैं।
देवभूमि उत्तराखंड के बद्रीनाथ केदारनाथ, गंगोत्री यमुनोत्री, जागेश्वर सहित सभी मंदिरों के कपाट बीते कल दिन में 12.57 पर बंद कर दिए गए थे, चंद्रग्रहण के सूतक काल की वजह से सभी मंदिरों में सांयकाल आरती 12.30 पर हो गई थी। चंद्रग्रहण की अवधि समाप्त होने और सूतक काल बीत जानेवके बाद आज सुबह मंदिर देवालयों में पुनः आरती के साथ पाठ पूजा आरम्भ हो गई।
हरिद्वार ऋषिकेश में चंद्रग्रहण काल खंड समाप्त होते ही साधु संतों पंडा समाज के पुरोहितों के साथ साथ हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं में गंगा में आस्था की डुबकी लगाई।
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पूर्णमासी पर अक्सर गंगा घाटों में स्नान करने वालों की भीड़ रहती है, लेकिन इस बार ग्रहण की वजह से सन्नाटा पसरा रहा, जैसे ही चंद्रग्रहण का समय समाप्त हुआ, हर की पैड़ी पर शंख घंटों की मधुर ध्वनि सुनाई देने लगी और घाटों पर पुनः रौनक लौट आई। हर हर गंगे के जयघोष के बीच हजारों श्रद्धालुओं के द्वारा गंगा स्नान का क्रम जारी रहा।

















