भुवनेश्वर: श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर में दर्शन के लिए पैसे देकर बुकिंग कराने की पेशकश करने वाली एक फर्जी वेबसाइट सामने आने के बाद साइबर पुलिस में मामला दर्ज कराया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 12वीं शताब्दी के इस विश्व प्रसिद्ध मंदिर में दर्शन पूरी तरह निःशुल्क है और किसी भी प्रकार की कोई सशुल्क ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध नहीं है।
हाल ही में एक फर्जी वेबसाइट का पता चला है जो ऑनलाइन ‘पेड दर्शन’ बुकिंग के नाम पर श्रद्धालुओं को ठग रही थी। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के अनुसार, फर्जी पोर्टल ने दर्शन के लिए अलग-अलग श्रेणियां तय करके भक्तों से 50 रुपये से लेकर 500 रुपये तक का शुल्क वसूला। वेलोगों को विश्वास दिलाने के लिए वेबसाइट पर मंदिर का इतिहास, अनुष्ठान और समय सारिणी जैसी भ्रामक जानकारी भी दी गई थी। इतना ही नहीं, कुछ पोर्टल विदेशी श्रद्धालुओं से डॉलर में पैसे लेकर उन्हें लुभा रहे थे और विशेष पूजा व दर्शन सुविधाएं देने का वादा कर रहे थे।
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक अरविंद पाधी ने कहा कि हमें एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म मिला जो सशुल्क दर्शन प्रणाली को बढ़ावा दे रहा था। यह पूरी तरह फर्जी और गैरकानूनी है। श्रीमंदिर में दर्शन व पूजा के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता। हम श्रद्धालुओं से अपील करते हैं कि ऐसे भ्रामक वेबसाइटों के झांसे में न आएं। प्रशासन ने साइबर पुलिस से दोषियों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
श्रीमंदिर के सुरक्षा प्रशासक हेमंत पाढ़ी ने भी कहा कि अगर कोई ऑनलाइन पैसे लेकर दर्शन कराने का दावा करता है तो वह श्रद्धालुओं के साथ धोखा कर रहा है। मंदिर में दर्शन सभी के लिए निशुल्क हैं। पुरी के एसपी प्रतीक सिंह ने इस बात की पुष्टि की कि इस मामले की जांच के लिए साइबर विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है। ऑनलाइन माध्यम से भक्तों की आस्था का फायदा उठाने की कोशिशें बार-बार हुई हैं। इस बार विस्तृत जांच चल रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
मंदिर के सेवायतों और भक्तों ने भी चिंता जताई है कि पिछले कुछ महीनों में कई फर्जी वेबसाइटें सामने आई हैं जो ‘श्रीमंदिर’ का नाम दुरुपयोग कर लाखों भक्तों की भावनाओं का शोषण कर रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक साल में कम से कम दर्जनभर वेबसाइट सक्रिय हुईं, जिन्होंने दर्शन स्लॉट, ऑनलाइन पूजा और यहां तक कि महाप्रसाद डिलीवरी के नाम पर ₹100 से ₹7,500 तक वसूले। कुछ ही दिन पूर्व पुलिस ने एक और फर्जी पोर्टल पकड़ा, जो अभिषेक पूजा, तुलसी दान, साधारण दर्शन और भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र व देवी सुभद्रा के लिए विशेष पूजाओं की बुकिंग के नाम पर रकम वसूल रहा था। अधिकारियों का मानना है कि इन बार-बार होने वाले घोटालों के पीछे संगठित गिरोह सक्रिय हैं।
भक्तों को सतर्क रहने की अपील करते हुए पुरी एसपी प्रतीक सिंह ने कहा कि श्रद्धालु केवल श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन की आधिकारिक घोषणाओं पर भरोसा करें। फर्जी कंटेंट फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पहले भी कुछ वेबसाइटों को बंद कराया गया है और कार्रवाई जारी रहेगी। श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने दोहराया कि श्रीमंदिर में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन नि:शुल्क व सभी भक्तों के लिए सुलभ हैं। किसी भी फर्जी वेबसाइट के झांसे में न आएं।

















