श्री बद्रीनाथ में भवनों की ऊंचाई पर विवाद: सरकार ने 6.5 मीटर की सीमा बरकरार रखी
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श्री बद्रीनाथ में भवनों की ऊंचाई पर विवाद: सरकार ने 6.5 मीटर की सीमा बरकरार रखी

श्री बद्रीनाथ में मास्टर प्लान के तहत भवनों की ऊंचाई 6.5 मीटर तक सीमित रखने का सरकार का निर्णय। होटल व्यवसायियों की 15 मीटर की मांग खारिज, प्राकृतिक आपदाओं के मद्देनजर सुरक्षा को प्राथमिकता।

Written byउत्तराखंड ब्यूरोउत्तराखंड ब्यूरो — edited by कुलदीप सिंह
Sep 1, 2025, 10:15 am IST
in उत्तराखंड
Badrinath dham kapat

बद्रीनाथ धाम

राज्य के हिमालय क्षेत्र में आ रही प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए सरकार ने श्री बद्रीनाथ नगरी में भवनों की ऊंचाई को साढ़े छह मीटर से ज्यादा नहीं देने का निर्णय लिया है। जानकारी के अनुसार पीएम नरेंद्र  मोदी के विजन पर धामी सरकार की देखरेख पर श्री बद्रीनाथ नगरी में इन दिनों मास्टर प्लान के तहत कॉरिडोर बनाए जाने का काम चल रहा है और यहां भवनों की ऊंचाई को लेकर विवाद जारी है।

15 मीटर ऊंचाई करने की मांग

होटल व्यवसायी ऊंचाई 6.5 मीटर से बढ़ाकर 15 मीटर करने की मांग कर रहे हैं। जिसे शासन ने प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाओं की वजह और सुरक्षा कारणों से पूरी तरह से नकार दिया है। आवास विभाग का कहना है कि मसूरी और नैनीताल में भी कम ऊंचाई के मानक हैं इसलिए श्री बदरीनाथ में अधिक ऊंचाई की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
श्री बदरीनाथ धाम में मास्टरप्लान के अनुसार हो रहे विकास कार्यों को लेकर पिछले करीब एक माह से स्थानीय लोग धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।

लोगों से बातचीत

स्थानीय लोगों की अलग अलग मांगे सामने आ रही है, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उनके प्रमुख सचिव और सचिव आवास विकास  आर. मीनाक्षी सुंदरम ने मास्टर प्लान की समीक्षा करते हुए स्थानीय लोगों से अलग अलग बातचीत की है।
सचिव आवास आर मीनाक्षी सुंदरम ने सभी वर्गों के प्रतिनिधियों से वार्ता कर उनकी जायज मांगों का निस्तारण हाथों हाथ कर दिया। इन मांगों में  भवनों की ऊंचाई का मानक परिवर्तित करने के विषय पर शासन की ओर से श्री सुंदरम ने किसी भी प्रकार की रियायत से इन्कार कर दिया है।

क्या कहते हैं मुख्य सचिव

श्री बदरीनाथ क्षेत्र के स्थानीय लोग खासकर होटल स्वामियों की ये मांग है कि यहां के भवनों की ऊंचाई का मानक 6.5 मीटर से बढ़ाकर 15 मीटर कर दिया जाए। इस पर सचिव आवास ने स्पष्ट किया कि 10,279 फीट की ऊंचाई पर स्थित बदरीनाथ में भवनों की ऊंचाई बढ़ाने का निर्णय किसी प्रकार से उचित नहीं है हिमालय क्षेत्र में आ रही प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए ये अनुमति बिल्कुल भी नहीं दी जा सकती।

स्मरण रहे कि देवभूमि के चारों धाम में पहले 8.5 मीटर ऊंचे भवन बनाने की अनुमति थी, लेकिन 2013 में केदारनाथ आपदा के बाद शासन ने सावधानी बरतते हुए भवनों की ऊंचाई को घटाकर 6.5 मीटर कर दिया था। अब बदरीनाथ के होटल व्यवसायी चाहते हैं कि इसे दोगुने से अधिक अर्थात 15 मीटर कर दिया जाए। भू गर्भ विज्ञानी तो ये तक कहते हैं कि चारों धाम में सीमेंट कंक्रीट का कम से कम प्रयोग होना चाहिए और यह भूकंप निरोधी भवन बनाए जाने चाहिए और इनकी ऊंचाई भी कम रहनी चाहिए।

Topics: मास्टर प्लानहोटल व्यवसायीप्राकृतिक आपदासुरक्षा मानकधामी सरकारheight of buildingsdhami governmentmaster planHimalayan regionhoteliersहिमालय क्षेत्रsafety standardsNatural Disastershri badrinathश्री बद्रीनाथभवनों की ऊंचाई
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