महाराष्ट्र सरकार ने 2027 में त्र्यंबकेश्वर और नासिक में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए एक बड़े डेवलपमेंट प्लान को मंज़ूरी दी है, जिसका कुल बजट लगभग ₹25,000 करोड़ है। इस योजना के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं: कुल अनुमानित बजट: ₹ 25,055 करोड़। स्वीकृत राशि अब तक लगभग ₹ 7,410 करोड़ मंजूर किए जा चुके हैं।
उद्देश्य
इस बजट का इस्तेमाल 2027 तक नासिक और त्र्यंबकेश्वर में विश्वस्तरीय अवसंरचना (Infrastructure), सड़क, पुल, और यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।
प्रमुख फोकस
गोदावरी नदी को प्रदूषण मुक्त करना, साधुग्राम का विकास, और नासिक हवाई अड्डे का विस्तार शामिल है। हरिद्वार में भी अर्ध कुंभ की तैयारियां जोरो पर है, धामी सरकार ने सभी घाटों की मरम्मत का काम तेज कर दिया है कुछ नए घाट भी बनाए जा रहे है।
रेलवे स्टेशन को नया रूप दिया जा रहा है, जॉलीग्रांड एयर पोर्ट का विस्तार भी किया गया है ।हरिद्वार से बस अड्डे को शिफ्ट किया जा रहा है,नए पार्किंग स्थल बनाए जा रहे है।
हरिद्वार ऋषिकेश कॉरिडोर योजना पर भी काम शुरू किया गया है। अखाड़ा परिषद के प्रमुख रविंद्र पुरी जी महाराज ने बताया कि त्रंबकेश्वर क्षेत्र में 10 अखाड़े स्नान करते है। जिस में सात सन्यासी अखाड़े, दो उदासी अखाड़े, एक निर्मल अखाड़ा, और नासिक क्षेत्र में तीन वैष्णो अखाड़े का स्नान होता है।इस बार हरिद्वार में भी अर्ध कुंभ का स्नान है, इस लिए पूरे देश में ये समय सनातन के उत्थान का है।
















