उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में पुरानी रंजिश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के जिला सह संघचालक इंद्रजीत सिंह के बेटे की चार बदमाशों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया है। स्थिति नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इंद्रजीत सिंह ने इस मामले में सच्चिदानंद यादव, श्रीनिवास यादव, देवेंद्र यादव व ज्ञान यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि एक फरार है।
हत्यारों ने युवक की आंख फोड़ दी और कान-पैर काट डाले
यह घटना कुशीनगर के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के सेमरा गांव की है। बताया जा रहा है कि जिला सह संघचालक का बेटा उत्कर्ष सिंह (40) उर्फ पाल साहब बाजार से अपने घर लौट रहा था, तभी घात लगाए चार लोगों ने शुक्रवार (29 अगस्त) को रास्ते में उस पर हमला बोल दिया। फिर उसकी धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या की दी। हत्यारों ने युवक की आंख फोड़ दी और कान-पैर काट डाले। सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गांव में तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
घटना के बाद से ग्रामीणों में आक्रोश
पुलिस अधीक्षक संतोष मिश्रा देर रात घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस का कहना है कि यह घटना दो पक्षों के बीच पुराने विवाद को लेकर हुई मारपीट का नतीजा है। मृतक उत्कर्ष सिंह और आरोपी सच्चिदानंद यादव उर्फ लालधर के बीच पुरानी रंजिश थी। दोनों पक्षों में मारपीट हुई, जिसमें उत्कर्ष की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी और उसके भाइयों को हिरासत में ले लिया है, जबकि एक फरार है। परिजनों की शिकायत के आधार पर कुबेरस्थान पुलिस मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जुट गई है। फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था कायम है, लेकिन इस घटना के बाद से ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। पुलिस सतर्कता बरत रही है और मामले की जांच जारी है।
उत्कर्ष घर पर रहकर खेती-बाड़ी देखता था
वहीं मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि खेत में पशु चराने के विवाद को लेकर दबंगों ने जिला सह संघ चालक के बेटे की घेर कर हत्या कर दी। उत्कर्ष के जमीन पर गिर जाने के बाद चारों उसका गला दबाकर बैठे रहे। मौके पर पुलिस पहुंची तो चारों आरोपी वहीं मौजूद थे। पुलिस को देखकर एक वहां से फरार हो गया। गंभीर हालत में उत्कर्ष को मेडिकल कॉलेज पडरौना पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इंद्रजीत सिंह के दो बेटों में उत्कर्ष छोटा था। बड़ा असीम कुमार सिंह बाहर नौकरी करता है। इंद्रजीत समाजसेवक हैं, वह आरएसएस के कार्यों में व्यस्त रहते हैं, जबकि एमए बीएड कर चुका उत्कर्ष घर पर रहकर खेती बाड़ी देखता था। छह साल पहले उसकी शादी हुई थी। उसकी एक बेटी भी है।

















