भुवनेश्वर: राउरकेला पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली जब उसने कुख्यात माओवादी विशु सिंह (58) को गिरफ्तार कर लिया। सिंह, जो क. बलांग थाना क्षेत्र के आमझरन गांव का निवासी है, लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था और उस पर कई गंभीर माओवादी घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। इस संबंध में पश्चिमी रेंज के डीआईजी बृजेश राय ने राउरकेला पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सिंह न केवल सक्रिय माओवादी गतिविधियों में भाग लेता था, बल्कि संगठन के लिए इनफॉर्मर के तौर पर भी काम करता था। पूछताछ के दौरान उसने कई वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। उसे कोर्ट में पेश किया गया।
उन्होंने बताया कि सिंह की संलिप्तता 14 जून को सरण्डा जंगल में सीआरपीएफ जवान पर हुए आईईडी विस्फोट में रही थी, जिसमें घायल जवान की अस्पताल में मौत हो गई थी। इसके अलावा, वह 3 अगस्त को ओडिशा–झारखंड सीमा पर बिमलागढ़–करमपदा रेल लाइन पर हुए तीन सिलसिलेवार लैंडमाइन विस्फोटों में भी शामिल था। इन विस्फोटों से न केवल रेल ट्रैक को भारी नुकसान पहुँचा, बल्कि रेजंडा स्टेशन पर गश्त कर रहे रेलवे कर्मी एडुआ ओराम (57), निवासी – बिश्रा, राउरकेला की मौत हो गई। शाम को हुआ तीसरा विस्फोट तो सीआरपीएफ कैंप से महज 500 मीटर की दूरी पर हुआ था, जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी।
पुलिस का कहना है कि सिंह ने इन घटनाओं में माओवादियों को मदद पहुँचाई और बांकी क्षेत्र की पत्थर खदान से विस्फोरक लूट की वारदात में भी उसकी भूमिका रही। यही नहीं, उस पर माओवादी पोस्टर चिपकाने जैसी गतिविधियों में शामिल होने का भी आरोप है। इन सभी घटनाओं ने पुलिस और सुरक्षा बलों को लंबे समय तक चुनौती दी थी।
डीआईजी राय ने बताया कि सिंह की गिरफ्तारी माओवादियों के नेटवर्क को तोड़ने में एक अहम कदम साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस गिरफ्तारी से न केवल विस्फोरक आपूर्ति तंत्र की जानकारी मिलेगी, बल्कि आगे की साजिशों को भी नाकाम करने में मदद मिलेगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राउरकेला एसपी नितेश वाधवानी, रेलवे एसपी प्रफुल चंद्र बड़ जेना और बोणाई एसडीपीओ रामचंद्र बिश्वाल भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने इसे राज्य पुलिस की बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि इससे प्रभावित इलाकों में शांति बहाल करने की दिशा में मदद मिलेगी। स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सिंह की गिरफ्तारी से माओवादियों के मनोबल पर गहरा असर पड़ेगा, क्योंकि यह इलाका लंबे समय से उनकी गतिविधियों से प्रभावित रहा है।

















