इंडोनेशिया में सोमवार सुबह एक और भूकंप आया। यह 5.7 की तीव्रता का था। यह भूकंप एंडे शहर के उत्तर-उत्तर पश्चिम में महसूस किया गया। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण यानी यूएसजीएस के मुताबिक इसकी गहराई 35 किलोमीटर थी। अभी तक किसी के मरने या घरों को नुकसान होने की कोई खबर नहीं आई है।
यह घटना उस बड़े भूकंप के कुछ दिन बाद हुई है, जिसकी तीव्रता 7.7 थी।
पिछले बड़े भूकंप की बात
शनिवार सुबह करीब 6 बजे से पहले 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था। इसकी गहराई 10 किलोमीटर बताई गई थी। उस समय सुनामी की चेतावनी भी जारी की गई थी। लोग घरों से भागकर बाहर निकल गए थे। बाद में चेतावनी हटा ली गई।
उस भूकंप और उसके बाद के झटकों से अब तक 53 लोगों की मौत हो चुकी है। रविवार को बचाव टीमों ने छह और शव निकाले, जिससे मौतों का आंकड़ा 53 पहुंच गया। पहले 35 से ज्यादा मौतें बताई जा रही थीं।
कहां-कहां असर पड़ा
यह इलाका फ्लोरेस द्वीप पर है। यह द्वीप मुख्य रूप से कैथोलिक लोगों का है, जबकि पूरा देश मुस्लिम बहुल है। छह रेजेंसी में मलबे और भूस्खलन के बीच बचाव कार्य चल रहा है। सबसे ज्यादा ध्यान मंगगराई, पूर्वी मंगगराई और नागेकेओ पर है। इनमें मंगगराई सबसे ज्यादा प्रभावित बताया जा रहा है।
मॉमेरे में खोज और बचाव कार्यालय के प्रमुख फतुर रहमान ने बताया कि ज्यादातर भूस्खलन साफ कर दिए गए हैं और पहले कटे हुए गांवों तक सड़कें फिर से खोल दी गई हैं। लेकिन संचार और बिजली की समस्या अभी भी बनी हुई है, जिससे काम में दिक्कत आ रही है।
घर और लोग
पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत में 900 से ज्यादा घर पूरी तरह नष्ट हो गए। करीब 450 घर क्षतिग्रस्त हुए। इससे लगभग 5,000 लोग अस्थायी शरण स्थलों में चले गए। सिर्फ फ्लोरेस इलाके में कम से कम 241 घर क्षतिग्रस्त बताए गए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के अधिकारी अब्दुल मुहारी ने यह जानकारी दी।
हजारों लोग रात बाहर बिता रहे हैं। वे और झटकों के डर से घरों में नहीं जा रहे। बचाव दल मलबे के बीच खोज जारी रखे हुए हैं। कुछ इलाके अभी भी पहुंचने में मुश्किल वाले हैं।













