नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने अपने एक साक्षात्कार में कहा कि राहुल गांधी ने लालू यादव को बचाने के लिए लाये गये मनमोहन सिंह सरकार के अध्यादेश को क्यों फाड़ा था? उस दिन उनमें नैतीकता थी तो अब क्या हो गया?
क्या 3 चुनाव हारने में बदल गई नैतिकता?
गृह मंत्री अमित शाह ने पूछा कि क्या सिर्फ इसलिए कि राहुल गांधी तीन चुनाव लगातार हार चुके हैं उनकी नैतिकता बदल गई? नैतिक मूल्य चुनाव में हार जीत से जुड़े हुए नहीं होते हैं बल्कि नैतिक मूल्य चंद्रमा और सूरज की तरह अडिग होने चाहिए।
दरअसल राहुल गांधी और विपक्ष सरकार द्वारा लाये गये संविधान संशोधन विधेयक का विरोध कर रहा है। ऐसे में गृहमंत्री अमित शाह ने उनकी नैतीकता पर सवाल उठाये हैं और पूछा है कि कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या कैबिनेट मंत्री 30 दिनों से अधिक जेल में रहते हैं तो उन्हें पद से हटाने का विरोध क्यों हो रहा है?
गौरतलब है कि साल 2013 में मनमोहन सिंह सरकार सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले को पलटने के लिए अध्यादेश लाई थी। यह अध्यादेश बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को बचाने के लिए लाया गया था जो उच्चतम न्यायालय के आदेश के अयोग्य घोषित हो गए थे। अध्यादेश में अयोग्य घोषित किए गए सांसदों-विधायकों को तीन महीने का समय दिया गया था जिसमें वे दोबारा निर्वाचित हो सकते थे। राहुल गांधी ने इस अध्यादेश को गलत बताते हुए फाड़ दिया था।

















