प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस 2025 पर लाल किले से दिए संबोधन में जनसंख्या असंतुलन और घुसपैठ की गंभीर समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने इसे नियंत्रित करने का भी संकल्प लिया। उन्होंने इसके लिए ‘हाई पावर डेमोग्राफिक मिशन’ की शुरुआत की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह मिशन जनसांख्यिकीय बदलावों पर विशेष ध्यान देगा।
डेमोग्राफी चेंज राष्ट्र की अखंडता के लिए गंभीर खतरा
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सुनियोजित तरीके से डेमोग्राफी बदलने के प्रयास राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए गंभीर खतरा हैं। इससे न केवल स्थानीय लोगों के अवसर छीने जा रहे हैं, बल्कि समाज में तनाव भी पैदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश ऐसे प्रयासों को सहन नहीं करेगा और अपने सीमावर्ती इलाकों की जनसांख्यिकीय सुरक्षा को प्राथमिकता देगा।
उन्होंने स्मरण कराया कि भारत ने त्याग और बलिदान से आजादी पाई है, इसलिए महापुरुषों के प्रति कर्तव्य है कि हम किसी भी तरह के जनसांख्यिकीय असंतुलन को स्वीकार न करें।
पीएम मोदी का संकल्प, मिशन सुदर्शन चक्र
लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने एक और संकल्प लिया। उन्होंने सीमा ही नहीं पूरे भारत के अंदर अभेद्य सुरक्षा कवच तैयार करने की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2035 तक राष्ट्र के प्रमुख स्थलों में सामरिक के साथ सिविलियन भी जैसे कि अस्पताल, रेलवे, आस्था के केंद्र, उन्हें तकनीक के नए प्लेटफार्म द्वारा सुरक्षा का कवच दिया जाएगा। इसे उन्होंने मिशन सुदर्शन चक्र नाम दिया।
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