इस्राएली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने काह है कि उनका लक्ष्य गाजा पर कब्जा करना नहीं है, उनका लक्ष्य है गाजा को आज़ाद कराना। नेतन्याहू का यह बयान वर्तमान संघर्ष की रणनीति और राजनीतिक संदेश को लेकर बहुत कुछ कहता प्रतीत होता है। एक साक्षात्कार में नेतन्याहू का यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब इस्राएल का गाजा में हमास के खिलाफ व्यापक सैन्य अभियान जारी है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस्राएल हमास को पूरी तरह खत्म करके रहेगा, वह गाजा पर स्थायी रूप से कब्जा नहीं करना चाहते। इस बीच, इस्राएल सुरक्षा कैबिनेट ने गाजा पर “सैन्य नियंत्रण” की योजना को मंजूरी दी है। इस नए घटनाक्रम से, फिलिस्तीन के समर्थकों को नेतन्याहू के ताजा बयान और जमीनी हकीकत में विरोधाभास दिखाई देने लगा है।
एक प्रकार से नेतन्याहू का यह बयान अंतरराष्ट्रीय आलोचना को शांत करने के प्रयास जैसा है। कई देशों ने ‘गाजा पर इस्राएली कब्जे की योजना’ की आलोचना की है, जिसमें फ्रांस, कनाडा, ब्रिटेन और जर्मनी शामिल हैं। लेकिन इधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राएल के अभियान का समर्थन किया है। साथ ही ट्रंप ने मानवीय सहायता की आवश्यकता का भी उल्लेख किया है।
नेतन्याहू ने गाजा में ‘भुखमरी और मानवीय संकट’ के नाम पर छापी जा रहीं सनसनीखेज रिपोर्ट को खारिज किया है। रिपोर्ट है कि गाजा में 22 महीने के संघर्ष में लगभग 60,000 लोगों की मौत हो चुकी है, और हाल ही में 38 नागरिकों की मौत संयुक्त राष्ट्र राहत केंद्र के पास गोलीबारी में हुई है।
नेतन्याहू ने अपने साक्षात्कार में पहले गाजा में भुखमरी को खारिज किया था, लेकिन बाद में स्वीकार किया कि वहां लोगों को राशन नहीं मिल पा रहा है। इस दृष्टि से उन्होंने इस्राएल के सहायता वितरण के ठिकाने बढ़ाने की बात कही। हालांकि इस बारे में कोई ठोस योजना सामने आनी बाकी है।

यूरोपीय और अरब देशों ने इस्राएल की यह कहकर आलोचना की है वह मानव राहत में बाधा पहुंचा रहा है और निर्दोषों को निशाना बना रहा है। लेकिन इस्राएल भी यह ठान चुका है कि गाजा में हमास का प्रभाव खत्म होने तक और आतंकवाद का अंत होने तक संघर्ष जारी रहेगा। इस्राएल का मानना है कि गाजा में अब भी हजारों हथियारबंद आतंकवादी मौजूद हैं।
नेतन्याहू का यह नया बयान एक राजनीतिक रणनीति है जो इस्रायल की सैन्य कार्रवाई को “मुक्ति” दिलाने वाली दर्शाती है, न कि “कब्जे” के रूप में। बेशक, यह भाषा अंतरराष्ट्रीय आलोचना को कम करने और घरेलू समर्थन को बनाए रखने के लिए चुनी गई है। हालांकि, गाजा में जारी मानवीय संकट, हजारों मौतें और सैन्य नियंत्रण की योजनाएं इस बयान में एक विरोधाभास हैं।

















