रक्षाबंधन और स्वतंत्रता दिवस पर पंजाब को दहलाने की कोशिश को पुलिस ने असफल किया है। पंजाब की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल और पाक गुप्तचर एजेंसी आईएसआई की मदद से रची गई एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया।
बीकेआई और आईएसआई की नापाक साजिश का खुलासा
एजीएफटी और तरनतारन पुलिस की ज्वाइंट ऑपरेशन के दौरान में पाकिस्तान में बैठे बीकेआई आतंकी हरविंदर सिंह रिंदा और लखबीर सिंह उर्फ लंडा की तरफ से रची नापाक साजिश का पर्दाफाश हुआ। खुफिया सूचना के आधार पर तलाशी अभियान चलाया गया और पुलिस ने तरनतारन जिले से एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद किया।
आईईडी को सुरक्षित निष्क्रिय किया गया
जांच में सामने आया है कि इस आईईडी को आतंकी रिंदा के साथियों तक पहुंचाया जाना था। बरामद आईईडी को सावधानीपूर्वक एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया, जहां उसे नियंत्रित तरीके से निष्क्रिय किया गया। आईईडी को डिफ्यूज करने के लिए बम निरोधक दस्ते (ईओडी) को मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने एजीएफटी और स्थानीय पुलिस के सहयोग से विस्फोटक को सफलतापूर्वक डिफ्यूज किया।
एफआईआर दर्ज, नेटवर्क की जांच जारी
इस मामले में तरनतारन के थाना सिरहाली में विस्फोटक अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कडिय़ों को खंगालने में जुटी हुई है। सूत्रों के अनुसार इस मामले में जल्द गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
अमृतसर में पाकिस्तान से आई हथियारों की खेप जब्त
दूसरी ओर अमृतसर में पुलिस ने हथियार तस्करी का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक गिरोह के चार शातिरों को गिरफ्तार किया है, जिनसे हथियारों की खेप मिली है। खास बात यह है कि आरोपियों से मिले हथियार सीमा पार पाकिस्तान से मंगवाए गए थे।
आधुनिक हथियार बरामद, गिरोह गिरफ्तार
हथियार तस्करी में शामिल चार आरोपियों को खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए ऑपरेशन में अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से कुल 7 पिस्तौल बरामद की हैं, जिनमें पीएक्स5 9एमएम, ग्लॉक 9एमएम और .30 बोर जैसी आधुनिक हथियार हैं।
सीमा पार से हथियार मंगवाकर गैंगस्टरों तक पहुंचाने का नेटवर्क
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी पाकिस्तान स्थित तस्करों के संपर्क में थे। ऐसे में भारत-पाक सीमा के पास अवैध हथियारों की खेप मंगवाते थे। ये आरोपी बॉर्डर के गांवों से हथियार उठाकर पंजाब के गैंगस्टरों तक पहुंचाता रहे थे। पुलिस ने अभी आरोपियों की पहचान उजागर नहीं की है। चारों के खिलाफ अमृतसर के थाना छेहरटा में आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क और लिंक की गहराई से जांच कर रही है।

















