ब्रिटेन में पाकिस्तानी वीजा घोटाला : टेलीग्राफ ने किया खुलासा- 50 हजार पाउंड में सीधी एंट्री
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ब्रिटेन में पाकिस्तानी वीजा घोटाला : टेलीग्राफ ने किया खुलासा- 50 हजार पाउंड में सीधी एंट्री

टेलीग्राफ की रिपोर्ट में खुलासा- पाकिस्तानी प्रवासी फर्जी दस्तावेज़ों से यूके वीज़ा ले रहे हैं, ब्रिटेन गृह मंत्रालय की जांच प्रणाली पर उठे सवाल, पढ़िए पूरी रिपोर्ट...

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा
Jul 26, 2025, 10:34 pm IST
inविश्व
ब्रिटेन में पाकिस्तानी प्रवासियों द्वारा वीज़ा घोटाला

टेलीग्राफ की रिपोर्ट में उजागर पाकिस्तानी वीज़ा फर्जीवाड़ा - चित्र सौजन्य "टेलीग्राफ"

ब्रिटेन में पाकिस्तानी नागरिकों द्वारा श्वेत लड़कियों के साथ जो यौन उत्पीड़न आदि की घटनाएं हो रही हैं, अब उसके बीच पाकिस्तानी नागरिकों का एक और घोटाला सामने आया है। टेलीग्राफ ने अपनी एक रिपोर्ट में इसका खुलासा करते हुए बताया है कि कैसे आप्रवासी ब्रिटेन में आने के लिए झूठे दस्तावेज बनवा रहे हैं और कमजोर सीमा नियंत्रण का फायदा उठा रहे हैं।

झूठे दस्तावेज़ों के ज़रिए 50,000 पाउंड में वीज़ा!

इसके अनुसार पाकिस्तानी प्रवासी वीजा आवेदनों के लिए 50,000 पाउंड तक का भुगतान कर रहे हैं, जिसे गृह मंत्रालय मंजूरी दे रहा है, जबकि दस्तावेजों में त्रुटियां और झूठ भरे पड़े हैं।

टेलीग्राफ के हाथों एक आवेदन मिला, जिसमें एक फर्जी अस्पताल से नौकरी का एक संदर्भ भी शामिल किया है जिसमें कहा गया है कि कर्मचारी “उसे किसी भी पद के लिए सिफारिश करते हैं जिसकी वह तलाश कर रही हो। हम उसके भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देते हैं”।

पत्रकार ने खुद को प्रवासी बनाकर की जांच

टेलीग्राफ ने खुद को एक प्रवासी के रूप में भी पेश किया है जो उस सलाहकार से ब्रिटेन का वीज़ा मांग रहा है जिसने ये फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। उसने तीन महीने के भीतर ब्रिटेन में सफलतापूर्वक प्रवेश की 98 प्रतिशत संभावना का दावा किया।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कैसे ब्रिटेन के कानूनों की कमियों के कारण पाकिस्तानी बहुत आराम से देश में प्रवेश कर रहे हैं।

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर का सैयद कामरान हैदर, एक वीस सलाहकार है और वह ऑनलाइन काम कर रहा है, जिसमें वह यूके शरणार्थी व्यवस्था की कमियों के विषय में बताकर यह कहता है कि “उनके साथ छेड़छाड़ बहुत आसान है!”

वैध दिखने वाले आवेदनों की असलियत पूरी तरह अवैध

जहां ब्रिटेन इन दिनों नाव से आने वाले शरणार्थियों से परेशान है तो वहीं यह भी एक बड़ी समस्या है कि पाकिस्तान से इस माध्यम से जो लोग आ रहे हैं, वे कहने के लिए वैध तरीके से आ रहे हैं, परंतु उसका तरीका पूरी तरह से अवैध है।

ब्रिटेन स्थित आव्रजन वकील हरजाप भंगल ने कहा- “उन्हें छोटी नावों से आने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि वे वीज़ा पर आते हैं। वे उन सबसे बड़े समूहों में से एक हैं जो वीज़ा पर आते हैं और वापस नहीं जाते।”

नकली सीवी और फर्जी बैंक स्टेटमेंट के जरिए हो रहा प्रवेश

टेलीग्राफ ने बताया कि हैदर की फार्म क्लाइंट्स के दस्तावेजों को सही बनाने के लिए हजारों पाउंड्स लेती है और जिनमें नकली सीवी और बैंक स्टेटमेंट्स होते हैं, जिन्हें वीजा आवेदन के लिए प्रयोग किया जाता है।

ये दस्तावेज आवेदकों के पात्रता मानदंड के लिए आवश्यक होते हैं और साथ ही इसलिए भी कि वे यह दिखा सकें कि वे ब्रिटेन में खुद को सपोर्ट कर सकते हैं। मगर ये दस्तावेज ऐसे संस्थानों से बनवाए जाते हैं, जो पूरी तरह से फर्जी हैं।

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से संचालित फर्जीवाड़ा 

ऐसा ही एक पत्र टेलीग्राफ के हाथ लगा, जो आवेदक के आवेदनपत्र का समर्थन करने वाला था। यह मीरपुर के किसी “रियाज़ इंटरनेशनल हॉस्पिटल” का था। यह प्रमाणित कर रहा था कि पाकिस्तानी व्यक्ति वहाँ पर एक नर्सिंग केयर असिस्टेंट के रूप में 1 मार्च 2019 से 5 मई 2020 तक काम कर चुका है।

सबसे हैरानी की बात यही है कि “रियाज़ इंटरनेशनल हॉस्पिटल” 2012 से 2014 तक केवल दो वर्षों के लिए अस्तित्व में था, जब मूल रियाज़ हॉस्पिटल मीरपुर का नवीनीकरण किया जा रहा था, तब यह एक अस्थायी स्थान के रूप में कार्य कर रहा था।

हरजाप सिंह भंगल का खुलासा : गृहमंत्रालय की जांच में गंभीर खामियाँ

हरजाप सिंह भंगल ने एक्स पर इस रिपोर्ट के विषय में लिखा कि उन्होनें टेलीग्राफ की वीजा फ्रॉड नेटवर्क वाली रिपोर्ट में सहायता की थी, जिसमें यह बताया गया है कि कैसे कुछ लोग 50 हजार पाउंड यूके में प्रवेश करने के लिए झूठे जॉब ऑफर और नकली दस्तावेजों के लिए खर्च कर रहे हैं।

उन्होनें लिखा- “मैंने गृह मंत्रालय की जाँच प्रक्रिया में गंभीर खामियों पर प्रकाश डाला है, जिसके कारण कई फर्जी आवेदन बिना उचित जाँच के ही पास हो जाते हैं। ये खामियाँ न केवल हमारी आव्रजन प्रणाली की अखंडता को नुकसान पहुँचाती हैं, बल्कि नियमों का पालन करने वाले वास्तविक आवेदकों को भी नुकसान पहुँचाती हैं।“

मीरपुर से संचालित, लेबर पार्टी की वोट बैंक राजनीति पर भी सवाल

इस रिपोर्ट के आने के बाद एक बार फिर से सोशल मीडिया पर कीर स्टार्मर सरकार की आलोचना आरंभ हो गई है। पाकिस्तानी मूल के लोग लेबर पार्टी के वोटर माने जाते हैं।

यह भी इस रिपोर्ट में है कि हैदर की कंपनी का मुख्यालय मीरपुर में है, जो कि एक विवादित स्थान है। (मीरपुर कश्मीर में है और कश्मीर भारत का ही हिस्सा है, मगर फिलहाल वह पाकिस्तान के कब्जे में है) और जो इसने सीवी बनाया है उसमें आवेदक की शैक्षणिक डिग्री भी विशेष रूप से मीरपुर से ही ली गई दिखाई गई हैं।

नकली दस्तावेज़ों से मिले Skilled Visa, मीरपुर से बना बैंक स्टेटमेंट

द टेलीग्राफ द्वारा समीक्षा किए गए दस्तावेज़ों के अनुसार, इन फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों के आधार पर उस व्यक्ति को कुशल श्रमिक वीज़ा प्रदान किया गया जिससे उसे 2023 में ब्रिटेन में प्रवेश की अनुमति मिल गई। ऐसा माना जाता है कि वह तब से ब्रिटेन में ही रह रही है।

हैदर ने टेलीग्राफ को भी एक संभावित क्लाइंट मानते हुए बताया “मैं सब कुछ करूँगा, मैं सहयोग करूँगा। बैंक स्टेटमेंट बनाने में पाँच से सात लाख पाकिस्तानी रुपये (£1,300 से £1,800) खर्च होंगे.. “बैंक स्टेटमेंट मीरपुर से होगा। इसमें कोई समस्या नहीं है, और कोई आपसे यह नहीं पूछेगा कि [स्टेटमेंट] मीरपुर से क्यों है। और अगर वीज़ा स्वीकृत नहीं होता है, तो बैंक स्टेटमेंट, वीज़ा और मेरी फीस का खर्च वापस नहीं किया जा सकेगा।”

वैकल्पिक रास्ते : स्टूडेंट वीज़ा, डिप्लोमा, यूट्यूब चैनल

उसने एक और सस्ता विकल्प सुझाया और वह था यूके स्टूडेंट वीज़ा आवेदन, और कहा- “इस तरह, एक व्यक्ति लगभग 40 से 45 लाख पाकिस्तानी रुपये (£10,500 से £12,000) खर्च कर सकता है, और फिर वहाँ पहुँचने के बाद कोई रास्ता या समाधान ढूँढ सकता है।”

हैदर अक्सर यूट्यूब पर आकर यह बताता रहता है कि कैसे कोई व्यक्ति यूरोप में किस देश में प्रवेश कर सकता है उसने एक वीडियो में बताया कि एक पर्यटक के रूप में फ्रांस में कैसे प्रवेश करें, ब्लू-कॉलर काम के लिए बेलारूस, निर्माण कार्यों के लिए कनाडा, कृषि श्रमिकों के लिए ग्रीस और पूर्व शिक्षा के बिना बुल्गारिया में काम कैसे करें।

IELTS में नाकाम पाकिस्तानी

हैदर ने यह भी बताया कि जो लोग यूके वर्क वीज़ा के लिए उनकी 40,000 पाउंड की ऊँची फीस का भुगतान नहीं कर सकते हैं, या ब्रिटेन के लिए आवश्यक अंग्रेजी परीक्षा आईईएलटीएस परीक्षा में अच्छा स्कोर नहीं कर पाते हैं तो वे इसके बजाय नर्सिंग और मिडवाइफरी में डिप्लोमा के लिए साइन अप कर सकते हैं।

जनता पूछ रही है सवाल

इस खुलासे के बाद लोग कह रहे हैं कि आखिर सरकार इन कमियों पर काम क्यों नहीं कर रही है?

Topics: Skilled Work Visa Fraudमीरपुर स्कैमयूके वीज़ा घोटालेपाकिस्तान फर्जीवाड़ाहरजाप भंगलहैदर वीज़ा फर्जीवाड़ाफर्जी दस्तावेजपाकिस्तानी वीज़ा घोटालाटेलीग्राफ रिपोर्टयूके आव्रजन
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