विदेश : बाजार का विस्तार, हित का कारोबार
July 16, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता : बाजार का विस्तार, हित का कारोबार

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधी समझौते को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस दिशा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पिछली अमेरिका यात्रा में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से उनकी चर्चा का बड़ा योगदान रहा है

Written byराजीव उपाध्यायराजीव उपाध्याय
Jul 25, 2025, 01:51 pm IST
in भारत, विश्व, विश्लेषण

दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका और भारत के बीच गत दिनों अंतरिम व्यापार समझौते की गहन बातचीत हुई। यह दोनों देशों के द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को नया रूप देने का एक कदम जैसा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जब से अमेरिकी व्यापार नीति को बदलते हुए ‘रेसिप्रोकल टैरिफ’ की घोषणा की है, तब से पूरी दुनिया में अनिश्चितता का वातावरण बना हुआ है। इधर भारत व चीन सहित यूरोप, एशिया और अफ्रीकीे देश किसी न किसी व्यापार समझौते को लेकर अमेरिका के साथ चर्चा में व्यस्त हैं।

राजीव उपाध्याय
सहायक प्रोफेसर,
शहीद भगत सिंह कॉलेज
(दिल्ली विश्वविद्यालय)

भारत-अमेरिका के बीच 2024 में द्विपक्षीय व्यापार 129 अरब डॉलर तक पहुंचने और भारत द्वारा 45.7 अरब डॉलर का व्यापार अधिशेष (सरप्लस) बनाए रखने के साथ ताजा बातचीत दशक की सबसे महत्वपूर्ण व्यापार वार्ताओं में से एक है। फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा शुरू की गई महत्वाकांक्षी ‘मिशन 500’ पहल का लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 500 अरब डॉलर करना है, जो दोनों देशों के लिए इन वार्ताओं के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करता है। ध्यान रहे, यह वार्ता वैश्विक व्यापार गतिशीलता, आपूर्ति श्रृंखला में विविधता के प्रयासों और कोरोना महामारी के बाद आर्थिक सुधार की पृष्ठभूमि में हो रही है।

व्यापार संबंधों का विकास

21वीं सदी के पहले दो दशकों में अमेरिका-भारत व्यापार संबंधों में कुछ उल्लेखनीय परिवर्तन आए हैं। भारत और अमेरिका के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार (वस्तुएं और सेवाएं) 2000 में 20 अरब डॉलर से छह गुना बढ़कर 2024 में 129 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। भारत के कुल निर्यात का लगभग 18 प्रतिशत अमेरिका जाता है। यह वृद्धि कई कारकों का परिणाम है, जिसमें भारत का आर्थिक उदारीकरण, इसके सेवा क्षेत्र का उदय, विशेष रूप से सूचना प्रौद्योगिकी में, और भारतीय बाजारों में अमेरिकी निवेश में वृद्धि शामिल है। 2024 में भारत ने अमेरीका को कुल 5749 वस्तुओं व लगभग 87.4 अरब डॉलर का निर्यात तथा 41.8 अरब डॉलर का आयात किया है जिससे भारत ने लगभग 45.7 अरब का सरप्लस कमाया है जिसका भारत की कुल विदेशी मुद्रा में एक बहुत बड़ा योगदान है।

इस व्यापार संबंध में पिछले दो दशकों में गुणात्मक परिवर्तन आया है। भारत पहले अमेरीका से साथ मुख्य रूप से पारंपरिक वस्तुओं का व्यापार करता था जो अब विकसित होकर परिष्कृत सेवाओं, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और रणनीतिक साझेदारी की ओर बढ़ा है। दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक संबंध तथा व्यापार के कारण अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बनकर उभरा है और चीन दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया गया है। यह एक ऐसा बदलाव है जो भारत की दूरगामी आर्थिक व्यावहारिकता को दर्शाता है।

प्रौद्योगिकी सेवाएं और नवीकरणीय ऊर्जा

भारत का अमेरिका को निर्यात तेजी से विविधतापूर्ण होता जा रहा है, जिसमें वस्त्र और फार्मास्यूटिकल्स जैसे पारंपरिक क्षेत्रों से लेकर प्रौद्योगिकी सेवाओं और नवीकरणीय ऊर्जा घटकों जैसे उभरते क्षेत्र शामिल हैं। आज भारत अमेरिका को विभिन्न सेवा क्षेत्रों सहित 5,749 वस्तुओं का निर्यात करता है, जैसे, सूचना प्रौद्योगिकी सेवाएं, जो कुल निर्यात का लगभग 35 प्रतिशत हिस्सा हैं; फार्मास्यूटिकल्स और हेल्थकेयर उत्पाद, जो निर्यात में लगभग 18 प्रतिशत का योगदान देते हैं; कपड़ा और परिधान जिसका कुल निर्यात में 12 प्रतिशत प्रतिनिधित्व है; रत्न और आभूषण-निर्यात का 10 प्रतिशत हिस्सा; ऑटोमोटिव घटक-निर्यात का 8 प्रतिशत योगदान; कृषि उत्पाद-निर्यात का 7 प्रतिशत हिस्सा; रसायन और पेट्रोकेमिकल्स का निर्यात में 6 प्रतिशत प्रतिनिधित्व, और इंजीनियरिंग सामान का निर्यात में 4 प्रतिशत योगदान है।

अमेरिका से भारत में प्रमुख आयात श्रेणियां हैं-कच्चा तेल और ऊर्जा उत्पाद-कुल आयात का 28 प्रतिशत,

• विमान और एयरोस्पेस उपकरण-आयात का 15 प्रतिशत
• इलेक्ट्रॉनिक घटक और मशीनरी-आयात का 18 प्रतिशत
• कृषि उत्पाद (बादाम, सेब, दालें)-आयात का 12 प्रतिशत
• सोना और कीमती धातुएं-आयात का 10 प्रतिशत
• चिकित्सा उपकरण और फार्मास्यूटिकल्स-आयात का 8 प्रतिशत
  और रसायन और उर्वरक-आयात का 9 प्रतिशत।

भारत अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की ओर अग्रसर है। वार्ताकारों ने अपने नवीनतम दौर की वार्ता में बाजार पहुंच, टैरिफ में कमी और औद्योगिक व कुछ कृषि वस्तुओं के लिए गैर-टैरिफ बाधाओं पर ध्यान केंद्रित किया है।

वार्ता के प्रमुख बिन्दु

  1.  टैरिफ में कमी : दोनों पक्षों में वार्ता का मुख्य बिन्दु टैरिफ रहा है। दोनों पक्ष अनेक वस्तुओं पर टैरिफ को कम करने के लिए सहमत हो गए हैं। हालांकि कुछ वस्तुओं पर दोनों देशों में मतभेद हैं, जिसमें कृषि व डेयरी उद्योग महत्वपूर्ण हैं। भारत चाहता है कि अमेरिका भारत के चावल, कपड़ा, जूते तथा समुद्री खाद्य पदार्थों पर टैरिफ कम करे। इसके बदले भारत अमेरिका से आने वाले बादाम, पिस्ता तथा अखरोट पर टैरिफ कम करने को तैयार है। साथ ही भारत 10 प्रतिशत के बेसलाइन टैरिफ को भी समाप्त करने पर जोर दे रहा है। स्टील पर लगने वाले 50 प्रतिशत टैरिफ में भी यह छूट चाहता है। असल में भारत ब्रिक्स का सदस्य होने के कारण किसी भी अतिरिक्त टैरिफ के विरोध में है।
  2.  बाजार में पहुंच : अमेरिका अपने दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखते हुए भारत के सभी बाजारों तक अपनी पहुंच चाहता है। भारत भी रणनीतिक रूप से कुछ क्षेत्रों को तुरन्त तो कुछ को धीरे-धीरे खोलने के लिए तैयार है।
  3. क्षेत्र-विशिष्ट सुरक्षा : भारत अब तक अपने डेयरी तथा कृषि क्षेत्र को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाने में कामयाब रहा है, जो संवेदनशील घरेलू उद्योगों की सुरक्षा के लिए देश के रणनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाता है। आने वाले समय में भी हम इन दोनों ही क्षेत्रों को किसी भी प्रतिस्पर्धा बचाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मूलतः भारत इन दोनों क्षेत्रों को किसी भी बातचीत के दायरे से बाहर रखना चाहता है और वह इस पर कोई समझौता नहीं करेगा।
  4.  क्षेत्र विशेष पर ध्यान : भारत अमेरिका से कुछ विशेष क्षेत्रों जैसे कि औद्योगिक उत्पादों, ऊर्जा(कोयला) तथा सुरक्षा प्रणाली से संबंधित सामान अधिक से अधिक खरीदने के लिए तैयार है।
  5.  ‘नॉन टैरिफ बैरियर’ में कमी : इस वार्ता का एक मुख्य बिन्दु ‘नॉन टैरिफ बैरियर्स’ को कम करना भी है। दोनों देशों के कुछ कानून और नियम ऐसे हैं जो दोनों के बीच के व्यापार में बाधा डालते हैं। दोनों इनमें सुधारों पर भी बातचीत कर रहे हैं।
  6.  द्विपक्षीय सहयोग : दोनों देश रणनीतिक रूप से एक दूसरे के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी बात कर रहे हैं, जिसमें उच्च तकनीक तथा सुरक्षा सहयोग व तकनीक हस्तांतरण भी शामिल है। दोनों एक दूसरे के यहां अधिक निवेश की संभावनाओं की बात कर रहे हैं।

भारत पर आर्थिक प्रभाव

अनुमानित लाभ: अंतरिम व्यापार समझौते से भारत को कई आयामों में पर्याप्त आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है, जैसे निर्यात वृद्धि क्षमता, प्रमुख निर्यात वस्तुओं पर शुल्क में कमी, सुव्यवस्थित नियामक प्रक्रियाएं। भारतीय सेवाओं के लिए बेहतर बाजार पहुंच के कारण यह समझौता अगले 5 वर्ष में अमेरिका को भारत का निर्यात 25-30 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है।

निवेश प्रवाह: भारत को अपनी अर्थव्यवस्था को और विकसित करने के लिए अधिक निवेश की आवश्यकता है। इस समझौते के फलस्वरूप भारत में अमेरिकी निवेश में वृद्धि होने की संभावना है जिसका भारत के विभिन्न क्षेत्रों पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा।

रोजगार सृजन: भारत में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है, जिसका सामाधन इतना आसान भी नहीं है। किन्तु इस व्यापार समझौते से अनेक क्षेत्रों में रोजगारों सृजित होने की संभावना है, जैसे निर्यातोन्मुखी उद्योग, आपूर्ति श्रृंखला, सेवा क्षेत्र, विशेष रूप से आईटी और वित्तीय सेवाओं में महत्वपूर्ण रोजगार पैदा हो सकते हैं।

चुनौतियां और जोखिम

जिस तरह से अमेरिका अपनी व्यापार नीति को लेकर आक्रामक हुआ है उससे अनुमान लगाया जा सकता है कि यह समझौता कुछ भारतीय उद्योगों को अमेरिकी उत्पादों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सामना करने के लिए मजबूर कर सकता है। इस नीति ने अमेरिका में कुछ असंतुलन पैदा कर दिया है। इसलिए ट्रम्प प्रशासन इस ओर आक्रमक दिखता है। लेकिन भारत के कुछ क्षेत्रों पर इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है, जैसे, उन्नत विनिर्माण, उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्र, पूंजीगत सामान और मशीनरी और नियामक संरेखण लागत।

नए समझौते के कारण भारतीय व्यवसायों को अमेरिकी मानकों के साथ तालमेल बिठाने में महत्वपूर्ण लागतों का सामना करना पड़ सकता है, जैसे, गुणवत्ता प्रमाणन आवश्यकताएं, पर्यावरण अनुपालन मानक और श्रम और सुरक्षा विनियम। भारत— अमेरिका व्यापार समझौते से हमारे यहां आयात में वृद्धि होने की संभावना है, जो विशिष्ट क्षेत्रों में व्यापार संतुलन को प्रभावित कर सकती है। भारत को चीन सहित दुनिया के कई देशों के साथ व्यापार घाटा झेलना पड़ता है अतः हमें विदेशी मुद्रा और व्यापार सन्तुलन पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता होगी।

समझौते के रणनीतिक निहितार्थ

यह अंतरिम व्यापार समझौता भारत के लिए कई रणनीतिक उद्देश्यों को पूरा करेगा। इस समझौते के जरिए भारत अमेरिका के साथ और मजबूत आर्थिक सम्बन्ध बना सकता है, तकनीकी हस्तांतरण कर सकता है। अमेरिकी आपूर्ति श्रृंखला में भी भारत की पहुंच बढ़ेगी। अमेरिका के सहयोग से भारत दुनिया में चीन का विकल्प बनने के साथ-साथ चीन पर अपनी निर्भरता और कम करने के स्थिति में आ जाएगा। अमेरिका-भारत अंतरिम व्यापार समझौता द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ होगा। हालांकि इसमें कुछ चुनौतियां हैं, फिर भी यह समझौता निर्यात विस्तार, निवेश आकर्षण और अर्थव्यवस्था के विविधीकरण के लिए अपार संभावनाएं रखता है। अमेरिका-भारत व्यापार समझौता अन्य द्विपक्षीय व्यापार संबंधों के लिए एक उदाहरण जैसा होगा जो भविष्य में दोनों देशों की आर्थिक समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

सम्बंधित खबरें-

भारत-अमेरिका के डीएनए में है लोकतंत्र : प्रधानमंत्री मोदी

 भारत-अमेरिका संबंध : नया दौर

 

 

Topics: व्यापार नीतिद्विपक्षीय व्यापारभारत ब्रिक्स का सदस्यप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीव्यापार सन्तुलनPrime Minister Narendra ModiTrade Policyविदेशी मुद्राIndia is a member of BRICSभारत-अमेरिका व्यापारTrade Balanceindia-us tradePresident Donald Trumpपाञ्चजन्य विशेषराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

फिल्‍म ‘सतलुज’ का एक दृृृश्‍य

सतलुज : आधा सच, पूरा छल

अमिट अटल : ‘पत्रकारिता में यथार्थ सूचना के पक्षधर थे अटल जी’

दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का उद्घाटन करते हुए (बाएं से) सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले, भारत प्रकाशन के प्रबंध निदेशक श्री अरुण कुमार गोयल, अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख श्री सुनील आंंबेकर, पाञ्चजन्य के संपादक श्री हितेश शंकर, प्रज्ञा प्रवाह के राष्ट्रीय संयोजक श्री जे. नंदकुमार और पूर्व केंद्रीय मंत्री डाॅ. मुरली मनोहर जोशी

अमिट अटल : जनसंवाद के जादूगर अटल जी

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

डॉ. श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती : स्वतंत्र भारत के औद्योगिक पुनर्जागरण के शिल्पी

लोकतंत्र सेनानी कमला शंकर पांडेय

मोदी-योगी को गाली देने वाले संविधान की बात करते हैं, वे इमरजेंसी का समय कैसे भूल सकते हैं

लाठियां लेकर परिक्रमा करते श्रद्धालु

शौर्य की प्रतीक अनूठी विरासत

Load More

ताज़ा समाचार

आज का इतिहास

16 जुलाई का इतिहास: जब भारत में बना बड़ा कानून और इंसान ने चंद्रमा की ओर बढ़ाया पहला कदम

BRICS Trade Union Forum Conference Hyderabad Bhartiya Mazdoor Sangh BMS Labor Policy Global Representatives

BRICS Trade Union Forum: हैदराबाद में संपन्न हुआ 15वां ब्रिक्स ट्रेड यूनियन फोरम, AI और श्रम अधिकारों पर बड़ा फैसला

Yogi Adityanath UP Assembly Election NDA Hat Trick Slamming Samajwadi Party Akhilesh Yadav Ayodhya Trust Statement

‘यूपी में एनडीए लगाएगी हैट्रिक’ : विपक्ष पर बरसे सीएम योगी, अयोध्या पर दिया कड़ा जवाब!

फिल्‍म ‘सतलुज’ का एक दृृृश्‍य

सतलुज : आधा सच, पूरा छल

Jauhar University Bulldozer Action Rampur Development Authority RDA Demolition Order Mohammad Ali Jauhar University

रामपुर में बड़ी कार्रवाई: जौहर यूनिवर्सिटी पर चलेगा बुलडोजर, मिट्टी में मिलेंगे 38 भवन, ध्वस्तीकरण का आदेश जारी!

Mohan Bhagwat Delhi Event Vishwamangalya Sabha Matritva Vimarsh Contemporary Motherhood Ambedkar International Center

दिल्ली में ‘मातृत्व विमर्श’ पर बड़ा समागम: प्रबुद्ध मातृशक्ति संग सीधा संवाद करेंगे डॉ. मोहन भागवत जी

Uttarakhand Nainital High court Shifing matter

उत्तराखंड: हल्द्वानी के गौलापार में शिफ्ट होगा नैनीताल हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट का फैसला, सरकार को 6 हफ्ते का अल्टीमेटम

Uttarakhand Loudspeaker Removal Mosques Udham Singh Nagar Police SSP Ajay Ganpati MHA Action

उधम सिंह नगर में बड़ी कार्रवाई: मस्जिदों से उतरवाए गए लाउडस्पीकर, सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन पर हुआ एक्शन

मुरली मनोहर जोशी

अमिट अटल : ‘संघ से जुड़ी है हमारी नाल’

CM Dhami Chamoli Visit Gopeshwar Development Projects Inauguration Pushkar Singh Dhami Police Ground

CM Dhami Chamoli Visit: चमोली को मिली ₹155 करोड़ की सौगात, सीएम धामी ने किया कई विकास कार्यों का शिलान्यास

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies