देश में सेक्युलर और धर्मनिरपेक्ष शब्द को लेकर छिड़ी बहस के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारकों की बैठक 4-6 जुलाई तक आज से नई दिल्ली के केशवकुंड में शुरू हो रही है। लेकिन, इसको लेकर कुछ मीडिया हाउस ‘फेक न्यूज’ चला रहे हैं कि संघ संविधान में धर्मनिरपेक्ष और समाजवादी शब्द पर देशव्यापी बहस करने जा रहा है। प्रांत प्रचारकों की बैठक से एक दिन पहले ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस तरह की कुछ भी बातें नहीं हुईं। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया गया कि केवल संगठन के कार्यों पर चर्चा होगी।

केवल संगठन के कार्यों पर होगी चर्चा
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 4 से 6 जुलाई तक चलने वाली प्रांत प्रचारकों की बैठक के दौरान संघ की जो रचना होती है, जिसमें 46 प्रांत होते हैं, जिसमें सभी प्रांतों के प्रचारक आते हैं। बैठक में मुख्यतः संगठनात्मक विषयों पर चर्चा होगी। यह बैठक कोई निर्णय लेने वाली बैठक नहीं है। प्रांतों में संगठन के कार्य की प्रगति व अनुभवों पर चर्चा होती है। कार्य विभागों के कार्य को लेकर भी चर्चा होती है।
बैठक में पूजनीय सरसंघचालक मोहन भागवत जी, माननीय सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी की उपस्थिति रहती है। उनका मार्गदर्शन सभी कार्यकर्ताओं को प्राप्त होता है। बैठक में सभी सह सरकार्यवाह, कार्य विभाग प्रमुख और संघ प्रेरित 32 विविध संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री उपस्थित रहेंगे।
देश में 100 प्रशिक्षण वर्गों का आयोजन
देशभर में अब तक 100 प्रशिक्षण वर्गों का आयोजन हो चुका है। इस प्रशिक्षण वर्ग में 40 वर्ष से कम आयु वर्ग के स्वयंसेवकों के 75 तथा 40 से 60 वर्ष की आयु वर्ग के स्वयंसेवकों के 25 वर्ग आयोजित हुए हैं। प्रशिक्षण वर्गों के दौरान सेवा विभाग सहित विभिन्न कार्य विभागों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। स्वयंसेवक स्थायी प्रकल्पों में भी लगते हैं, और आपदा के समय भी स्वयंसेवक सेवा कार्य में जुटते हैं। पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा, अहमदाबाद विमान हादसे के दौरान भी स्वयंसेवक सेवा कार्य में लगे।
संघ के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा
सुनील आंबेकर जी ने बताया कि संघ को जानने व संघ से जुड़ने के लिए विशेष उत्साह देखा जा रहा है। युवा वर्ग भी बड़ी संख्या में संघ से जुड़ने का इच्छुक है। इस वर्ष आयोजित प्रशिक्षण वर्गों में युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया है। साथ ही, अप्रैल से जून के बीच ज्वाइन आरएसएस के माध्यम से 28,571 लोगों ने संघ से जुड़ने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करवाया है।
















