भारत तिब्बत सहयोग मंच की राष्ट्रीय परिषद की बैठक 28-29 जून को दिल्ली में संपन्न हुई। इसमें कुल 11 सत्र हुए। उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं मंच के मार्गदर्शक श्री इंद्रेश कुमार ने कहा कि सद्कर्म के मार्ग पर चलकर ही राष्ट्र एवं समाज के लिए कुछ किया जा सकता है। विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी बिना विचलित हुए हम सभी को सकारात्मक भाव से निरंतर कार्य करते रहना चाहिए।
मंच के नव नियुक्त संगठन महामंत्री श्री पंकज गोयल ने कहा कि मंच का कार्य आज 47 प्रांतों में चल रहा है। बैठक में कुल 153 प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
समापन सत्र में उत्तर क्षेत्र के कार्यवाह श्री रोशन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य श्री रूपेश, परम पावन दलाई लामा के ब्यूरो कार्यालय के विशेष प्रतिनिधि श्री जिग्मे जगने, निर्वासित तिब्बती संसद में सांसद श्री वांगडु दोर्जे, पाञ्चजन्य के सहयोगी संपादक श्री आलोक गोस्वामी, संत एवं कथावाचक स्वामी दीपांकर, भन्ते बुद्ध कीर्ति जी एवं स्थानीय विधायक श्री संदीप सहरावत उपस्थित रहे।
इस अवसर पर प्रयागराज महाकुंभ में आयोजित ‘बौद्ध महाकुंभ यात्रा’ पर आधारित पुस्तिका ‘सनातन बौद्ध चिंतन एवं संवाद’ का विमोचन भी हुआ।
















