गत मई तक रायपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में देशभर के 478 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के पूर्व 28 मई को परिषद के विविध आयामों की समीक्षा हेतु अलग-अलग बैठकों का आयोजन किया गया, जिसमें 250 से अधिक प्रतिनिधि सम्मिलित हुए।
बैठक की पूर्व संध्या पर एक भव्य प्रदर्शनी का आयोजन हुआ। 28 मई को आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विशेष अतिथि के रूप में संत बालयोगेश्वर रामबालक दास महात्यागी उपस्थित रहे।
29 मई को अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. राजशरण शाही, राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी एवं राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित कर बैठक की विधिवत शुरुआत की। बैठक के अंतिम दिन ‘भाषाओं के माध्यम से भावी भारत’ विषय पर भाषाविद् चमूकृष्ण शास्त्री ने विशेष व्याख्यान दिया। बैठक में चार प्रस्ताव पारित किए गए।
पहले प्रस्ताव में कोचिंग संस्थानों की मनमानी और विद्यार्थियों के शोषण पर नियंत्रण हेतु नीति-निर्माण की मांग की गई। दूसरे में केंद्रीय विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्ति की प्रक्रिया में हो रही अनावश्यक देरी पर चिंता व्यक्त की गई। तीसरे में भारत की आंतरिक सुरक्षा और वैश्विक स्थिति पर चर्चा की गई और चौथे प्रस्ताव में विश्वविद्यालय परिसरों में बढ़ती वैचारिक अस्थिरता की बात कही गई। बैठक में छात्र हितों से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर विचार-विमर्श कर आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई।
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर उनके जीवन एवं योगदान पर आधारित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। रानी अबक्का की 500वीं जयंती के उपलक्ष्य में भी विविध आयोजनों की योजना है। आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ के संदर्भ में 25 जून से आगामी दो वर्ष तक विश्वविद्यालय परिसरों में पूर्व कार्यकर्ताओं एवं मीसा बंदियों के साथ संवाद, रैली एवं स्मरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
यशवंतराव जी की जन्म-शताब्दी पर प्रांत केंद्रों पर पूर्व कार्यकर्ता एकत्रीकरण, अभ्यास वर्ग, भाषण, प्रदर्शनी एवं साहित्य निर्माण जैसे कार्यक्रम किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त संघ शताब्दी वर्ष को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक कार्य विस्तार एवं कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रहेगा तथा ‘पंच परिवर्तन’ के आह्वान के साथ संकल्पबद्ध अभियान चलाया जाएगा।
















