ऑपरेशन सिंदूर: ढेर हुआ कागजी शेर
June 24, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम रक्षा

ऑपरेशन सिंदूर: ढेर हुआ कागजी शेर

ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान की परमाणु धमकियों को निष्प्रभावी कर दिया। जानें भारत और पाकिस्तान की परमाणु नीतियों, ऐतिहासिक तनाव, और चगाई हिल्स की रहस्यमयी घटनाओं का विश्लेषण।

Written byसिद्धार्थ दवेसिद्धार्थ दवे
May 16, 2025, 08:32 am IST
in रक्षा, विश्लेषण
Operation sindoor

ऑपरेशन सिंदूर

बात-बात पर परमाणु हथियारों की धमकी देने वाले पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को भारत ने बर्बाद कर दिया है। अब पाकिस्तान परमाणु का ‘प’ भी बोलने से घबरा रहा है।

पाकिस्तान ने वर्षों से परमाणु हथियारों की आड़ में आतंकवाद को राज्य-प्रायोजित नीति के रूप में पोषित किया, यह मान कर कि भारत किसी निर्णायक उत्तर से बचेगा। लेकिन, ऑपरेशन सिंदूर ने इस भ्रम को दूर कर दिया है। भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु हथियारों को लेकर चला आ रहा तनाव मात्र सैन्य प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यापक भू-राजनीतिक, कूटनीतिक और रणनीतिक विमर्श का एक जटिल स्वरूप भी धारण कर चुका है।

इस तनाव की उत्पत्ति दोनों देशों की ऐतिहासिक शत्रुता, विभाजन की पीड़ा, कश्मीर विवाद और सुरक्षा चिंताओं से उपजती है, लेकिन इसे अधिक गहराई से समझने हेतु हमें दोनों देशों की परमाणु नीति, नैतिक दृष्टिकोण और रणनीतिक व्यवहार का आलोचनात्मक अध्ययन करना आवश्यक है। भारत जहां परमाणु हथियारों के संदर्भ में एक जिम्मेदार, संयमित और ‘पहले प्रयोग नहीं’ की नीति को अपनाता है, वहीं पाकिस्तान का दृष्टिकोण ‘परमाणु ब्लैकमेल’ का रहा है।

पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1950 के दशक में परमाणु हथियारों की कटु आलोचना की थी। उन्होंने इन्हें मानवता के लिए विनाशकारी घोषित करते हुए भारत की नैतिक प्रतिबद्धता को रेखांकित किया था कि भारत इस प्रकार के अस्त्रों के निर्माण से परहेज करेगा। परंतु जैसे-जैसे वैश्विक राजनीतिक परिदृश्य बदला और क्षेत्रीय शक्ति-संतुलन में बदलाव आया, भारत को अपने दृष्टिकोण में परिवर्तन करना पड़ा। 1974 में ‘स्माइलिंग बुद्धा’ नामक परमाणु परीक्षण और 1998 में पोखरण में संपन्न ‘ऑपरेशन शक्ति’ इस परिवर्तनशील रणनीति का प्रतिबिंब थे।

इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान फिर बेनकाब, न्यूक्लियर संयंत्र से रेडियेशन का दावा झूठा, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने दी रिपोर्ट

पाकिस्तान ने भारत के 1998 के परीक्षणों के तुरंत पश्चात अपने परमाणु परीक्षण कर यह दर्शाया कि उसकी परमाणु रणनीति मूलतः भारत की प्रतिक्रिया में निर्मित और निर्देशित है। उस समय के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इन परीक्षणों को पाकिस्तान की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा हेतु अपरिहार्य बताया। किंतु समय के साथ पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व द्वारा परमाणु हथियारों की बार-बार धमकी देना यह स्पष्ट करता है कि वे इन शस्त्रों को केवल निवारक साधन न मानकर एक सक्रिय कूटनीतिक और मनोवैज्ञानिक उपकरण के रूप में प्रयोग करते हैं।

2000 में पाकिस्तान के तत्कालीन विदेश मंत्री शमशाद अहमद का यह कथन- ‘पाकिस्तान अपनी संप्रभुता के किसी भी संभावित उल्लंघन की स्थिति में परमाणु हथियारों का प्रयोग कर सकता है,’  उसकी आक्रामक मानसिकता को उजागर करता है। 2013 में जनरल खालिद किदवई द्वारा प्रतिपादित ‘फुल स्पेक्ट्रम डिटेरेंस’ सिद्धांत इस प्रवृत्ति को और गहन करता है, जिसमें प्रत्येक संभावित सैन्य खतरे के उत्तर में परमाणु हथियारों के उपयोग की अवधारणा सम्मिलित है। यह एक अत्यंत खतरनाक और अस्थिर करने वाली परमाणु रणनीति है, जो दक्षिण एशिया में शक्ति-संतुलन को निरंतर संकट में डालती है।

10 मई की रात बलूचिस्तान के चगाई हिल्स में आए भूकंप जैसे झटकों को कुछ विश्लेषकों ने सामान्य भू-वैज्ञानिक घटना न मानते हुए एक संदिग्ध रणनीतिक गतिविधि से जोड़कर देखा है। पाकिस्तान में रेडिएशन की निगरानी हेतु अमेरिकी बी-350 ए.एम.एस. विमान की गतिविधियां, साथ ही मिस्र के एक कार्गो विमान द्वारा रेडियोधर्मी तत्वों को निष्क्रिय करने वाले रसायनों का छिड़काव–यह सब एक परोक्ष परमाणु संकट की आशंका को बल देते हैं। ये घटनाएं इशारा करती हैं कि पाकिस्तान अपने परमाणु परिसरों की सुरक्षा और संभावित रिसाव की स्थिति से भयाक्रांत था।

भारत सरकार द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि भारत की कार्रवाई पाकिस्तान के परमाणु ठिकानों को लक्ष्य बनाकर नहीं की गई थी, फिर भी पाकिस्तान के नूरखान एयरबेस को हुए संभावित नुकसान ने उसकी सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। पाकिस्तान का परमाणु ढांचा तकनीकी दृष्टि से अत्यंत असमान और बिखरा हुआ है। इसके तीन मुख्य घटक–विखंडनशील पदार्थ, वॉरहेड्स और डिलीवरी सिस्टम– भौगोलिक दृष्टि से अलग-अलग और असुरक्षित हैं।

पनडुब्बी आधारित परमाणु क्षमताओं के अभाव में पाकिस्तान की निर्भरता ज़मीन और वायु आधारित प्रणालियों पर है, जिनमें नूरखान, मिनहास, शहबाज, रफीक, मसरूर एयरबेस तथा सरगोधा, खुज़दार, गुजरांवाला, पानो अकिल और अर्को जैसे सैन्य अड्डे सम्मिलित हैं। भारत ने परमाणु धमकी के ‘कागज़ी शेर’ को समाप्त कर दिया है।

Topics: India-Pakistan nuclear tensionPakistan military basesIndia nuclear policyपरमाणु हथियारPakistan nuclear blackmailNuclear Weaponsऑपरेशन सिंदूरOperation Sindoorभारत-पाकिस्तान परमाणु तनावपाकिस्तान सैन्य ठिकानेभारत परमाणु नीतिपाकिस्तान परमाणु ब्लैकमेल
Share5TweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

दाने-दाने को मोहताज पाकिस्तान, युद्ध की धमकी के नाम पर मांग रहा पानी की भीख

Explainer: क्या है भारत का ‘प्रोजेक्ट कुशा’? रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने क्यों की गोवर्धन पर्वत से इसकी तुलना?

पहलगाम में आतंकियों ने हिंदू पर्यटकों की हत्या की थी

पहलगाम आतंकी हमले में बड़ा खुलासा, आतंकियों के फोन से मिला कराची-लाहौर का कनेक्शन, चाइनीज मोबाइल फोन से रची पूरी साजिश

सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी

सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी बोले-भारत के ‘स्मार्ट पावर’ का सबसे बड़ा उदाहरण ‘ऑपरेशन सिंदूर’

रणधीर जायसवाल, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता

ऑपरेशन सिंदूर : चीन सोचे कि आतंकियों की मदद करने से उसकी कितनी इज्ज़त बढ़ी, पाकिस्तान की सहायता पर भारत का जवाब

Operation Sinddor Pakistan lie FARA Report

फिर बेनकाब पाकिस्तान का झूठ, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 60 बार अमेरिका के सामने युद्ध रुकवाने के लिए गिड़गिड़ाया

Load More

ताज़ा समाचार

rajnath singh cm pushkar dhami-visit dehradun tribute shok sabha

उत्तराखंड : पदम श्री निशानेबाज़ जसपाल राणा को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंची हस्तियां

मुंबई में चलती ट्रेन में युवक की हत्या

मुंबई: चलती लोकल ट्रेन में युवक की चाकू मारकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार

रणशाला प्रोजेक्ट के तहत बच्चों के पास पहुंचेगा स्कूल

School on Wheels : गुजरात सरकार की अनोखी पहल, ST बस बनी मोबाइल क्लासरूम, बच्चों तक पहुंचेगा स्कूल

कोलकाता: निर्माणाधीन गोदाम की छत ढहने से 3 मजदूरों की मौत, 18 को बचाया गया; राहत-बचाव कार्य जारी

UCC: MP में 71 फीसदी मुस्लिम महिलाएं यूसीसी के समर्थन में…

25 जून का पंचांग

25 जून का पंचांग: एकादशी पर बन रहा शुभ संयोग, जानें आज का शुभ समय और ग्रहों की चाल

दाने-दाने को मोहताज पाकिस्तान, युद्ध की धमकी के नाम पर मांग रहा पानी की भीख

सना मलिक, एनसीपी नेता

UCC पर बोलीं सना मलिक: पाकिस्तान की तरह भारत में लागू हो इस्लामिक कानून, NCP नेता ने तीन तलाक, बहुविवाह का किया समर्थन

BJP ने कहा- AAP और भगवंत मान ने किया सिख गुरुओं का अपमान, इस्तीफा दें… अकाल तख्त से क्षमा मांगे

प्रतीकात्मक तस्वीर (AI-generated image)

भारत को मिला नया गोल्ड हब! इस जिले से हर दिन निकलेगा इतने किलो सोना

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies