प्रखर बौद्धिक योद्धा
August 15, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत दिल्ली

प्रखर बौद्धिक योद्धा

डॉ. कमल किशोर गोयनका जी नहीं रहे। वे कुछ समय से अस्वस्थ थे। उम्र के 85 वर्ष पार कर चुके थे। आयुजनित शारीरिक अस्वस्थता स्वभाविक थी

Written byRajpal Singh RawatRajpal Singh Rawat
Apr 4, 2025, 04:16 pm IST
inदिल्ली, श्रद्धांजलि
डॉ. कमल किशोर गोयनका

डॉ. कमल किशोर गोयनका

आज सुबह (1 अप्रैल) सूचना मिली कि डॉ. कमल किशोर गोयनका जी नहीं रहे। वे कुछ समय से अस्वस्थ थे। उम्र के 85 वर्ष पार कर चुके थे। आयुजनित शारीरिक अस्वस्थता स्वभाविक थी। उनकी स्मृति में लिखने बैठा तो एक वर्ष कौंधा दिमाग में 1992। वर्तमान तेलंगाना और तब के आंध्र प्रदेश में अखिल भारतीय साहित्य परिषद् का राष्ट्रीय अधिवेशन था। दिल्ली से, ट्रेन से मैं, डॉ. सत्यपाल चुघ, जीत सिंह जीत, आनंद आदीश, डॉ. कमल किशोर गोयनका सभी साथ चले। ट्रेन की यात्रा थी, रास्ते में सह-यात्री जुड़ते गए, किंतु दिल्ली से जो विषय शुरू हुआ वह नहीं बदला। डॉ. सत्यपाल चुघ ने भी हिंदी उपन्यासों पर काम किया था। गोयनका जी ने भी प्रेमचंद के अध्ययन से शुरुआत की थी। पूरी यात्रा में गोयनका जी प्रेमचंद को वामपंथी बनाने के विश्वविद्यालयीय तर्क का खंडन करते रहे। प्रमाण देते रहे। सत्यपाल जी भोले और भावुक थे। गोयनका जी के तर्क शांत होते और सत्यपाल जी की प्रतिक्रिया भावुकतापूर्ण होती। बाद में ट्रेन यात्रा में देवेंद्र दीपक जी भी जुड़े, पर यह पूरी यात्रा ‘प्रेमचंद यात्रा’ में बदल गई।

डॉ. कमल किशोर गोयनका के निधन का समाचार अतीव दुखद है। कमल किशोर जी ने हिंदी साहित्य के माध्यम से राष्ट्रीयता की सेवा की। अपनी साहित्यिक प्रतिभा, परिश्रम एवं विशिष्ट व्यक्तित्व से सर्वजन प्रिय रहे। उनके परिवारजन एवं मित्रों को मेरी गहरी संवेदनाएं। प्रभु चरणों में प्रार्थना करता हूं कि परिवार जन को दु:ख सहन करने की शक्ति दें तथा दिवंगत आत्मा को सद्गति  प्रदान करें। ॐ शान्ति:॥— दत्तात्रेय होसबाले, सरकार्यवाह, रा.स्व.संघ  

गोयनका जी का निवास दिल्ली के अशोक विहार क्षेत्र में था। इसी अशोक विहार में दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल महाविद्यालय से सेवानिवृत्ति के उपरांत डॉ. सत्यपाल चुघ का भी रहना हुआ। डॉ. सत्यपाल का घर हिंदी की राष्ट्रीय सांस्कृतिक वैचारिकी से जुड़े लोगों का स्थायी पता बना। 1996 में गोयनका जी ही मुझे तब के जाकिर हुसैन स्नातकोत्तर सांध्य महाविद्यालय का रास्ता दिखाने वाले बने। गोयनका जी के मन में कुछ बातों को लेकर अक्सर पीड़ा रहती थी। पहली पीड़ा थी विश्वविद्यालयीय उच्च शिक्षा में वामपंथी वर्चस्व। दूसरी पीड़ा थी बड़े साहित्यकारों को चयनित और पूर्वाग्रह प्रेरित उदाहरणों से वामपंथी सिद्ध करने का कुटिल बौद्धिक प्रयास। तीसरी पीड़ा थी तथाकथित पंथनिरपेक्ष पैकेजिंग में मुस्लिम सांप्रदायिकता की प्रस्तुति। चौथी पीड़ा थी कि उनके अपने कहे जाने वाले लोग उन्हें समझते नहीं।

गोयनका जी के साथ तब के जाकिर हुसैन स्नातकोत्तर सांध्य महाविद्यालय में मुझे सहकर्मी होने का अवसर मिला। शाम का कॉलेज था। हम दोनों क्लास खत्म होन पर कमला मार्किट थाने के पास 901 नंबर बस पकड़ने जाते थे। इन्हीं दिनों 1995-96 में दयाप्रकाश सिन्हा जी से परिचय हुआ। दयाप्रकाश जी भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय में बैठा करते थे। कॉलेज शुरू होने से पहले दयाप्रकश जी का 11, अशोक रोड स्थित कमरा अपना नया अड्डा बना। वहां भी प्रेमचंद, विश्वविद्यालय आदि ही होता रहता था। हां, दयाप्रकाश जी के होने से उसमें नाटक भी जुड़ गया। प्रेमचंद के संबंध में गोयनका जी के पास प्रामाणिक जानकारी थी। प्रेमचंद की कहानियों, लेखों, व्यक्तिगत सूचनाओं का अज्ञात पक्ष गोयनका जी को उपलब्ध था।

गोयनका जी ने इस प्रामाणिक सूचना का यथासंभव उपयोग प्रेमचंद को वामपंथी छाया से निकालने के लिए किया। कालांतर में मॉरीशस के भारतीय साहित्यकार अभिमन्यु अनत से मित्रता के उपरान्त प्रवासी भारतीय हिंदी लेखन में गोयनका जी की रुचि बढ़ी। गोयनका जी ने प्रवासी हिंदी लेखन की दिशा में प्रामाणिक कार्य भी किया। अपने पुत्र के पास, अमेरिका प्रवास के दिनों में ‘गांधी की पत्रकारिता’ पर गोयनका जी ने प्रामाणिक पुस्तक लिखी। गोयनका जी के प्रेमचंद भारतीयता के प्रेमचंद थे, हिंदू प्रेमचंद थे। गोयनका जी के ही शब्दों को उधार लें तो हिंदू होकर ही प्रेमचंद हुआ जा सकता है। होरी हिंदू है। घीसू और माधव हिंदू हैं। सूरदास हिंदू है। गोयनका जी की बौद्धिक कर्मठता हिंदी में वामपंथी बौद्धिक वर्चस्व का बौद्धिक प्रतिपक्ष रचने में सन्नद्ध रही। गोयनका जी को जानने वाले उनके बौद्धिक योगदान को भारत भाव के रूप में स्वीकारें, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
(लेखक कला संकाय, दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं)

 

Topics: वामपंथी बौद्धिक वर्चस्व का बौद्धिक प्रतिपक्षमाधव हिंदू हैंसूरदास हिंदू हैहिंदी साहित्यडॉ. कमल किशोर गोयनकाप्रेमचंद यात्राहिंदी की राष्ट्रीय सांस्कृतिक वैचारिकीगांधी की पत्रकारिता
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

चिंतन का सुलगता अलाव

स्व. कमल किशोर गोयनका

प्रेमचंद के अनूठे शोध-साधक

मंच संचालक कवि धरमवीर ‘धरम’ (सबसे दाएं) को सम्मानित करते प्रो. चंदन चौबे। साथ में अनुराग पुनेठा और तृप्ति श्रीवास्तव।

शौर्य का उद्घोष, पाञ्चजन्य का काव्यघोष

साहित्य में भी ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’?

Load More

ताज़ा समाचार

वंदे मातरम गायन के दौरान असहज हुईं सोनिया गांधी

क्या पूरा ‘वंदे मातरम’ गाए जाने पर असहज हुईं सोनिया गांधी? खरगे के साथ बातचीत का Video वायरल, BJP हमलावर

श्री कृष्णगोपाल जी ने दिल्ली में केशवकुंज में फहराया तिरंगा।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह श्री कृष्ण गोपाल जी ने केशवकुंज में किया ध्वजारोहण

कोलकाता स्थित संघ कार्यालय में तिरंगा फहराते सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले

देश की स्वतंत्रता को सुरक्षित बनाए रखना वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी : सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले

नागपुर स्थित संघ मुख्यालय में तिरंगा फहराते सरसंघचालक श्री मोहन भागवत

स्वतंत्रता दिवस: सरसंघचालक श्री मोहन भागवत ने फहराया तिरंगा, कहा- आजादी की रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी

भारत के विभाजन के साथ, पाकिस्तान की स्थापना ने न केवल भौगोलिक विभाजन किया बल्कि दीर्घकालिक सुरक्षा संकट का द्वार भी खोला

भारत विभाजन से हमने क्या सीखा ?

Bharat Bhushan tiwari Fact check

फैक्ट चेक: झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा पत्थरबाजी का दावा झूठा

Income Tax filing

Explainer: विदेशी बैंक अकाउंट, प्रॉपर्टी व जेवरात का खुलासा: क्या है छोटे टैक्सपेयर्स के लिए CBDT की नई स्कीम?

लोकसभा में राहुल गांधी

राहुल गांधी लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह से नदारद, भाजपा बोली- ये ‘दिमागी नक्सल’ मानसिकता

Pojk protest

PoJK में पाकिस्तान के अत्याचार के खिलाफ सुधनोटी, हजीरा मंढोल और ब्रुसेल्स में विरोध

PM मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण की मुख्य बातें: 2047 का लक्ष्य, आत्मनिर्भरता और तेज़ी से विकास पर ज़ोर

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies