साहित्य में भी ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’?
September 20, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

साहित्य में भी ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’?

सूचना प्रौद्योगिकी से साहित्य में काफी बदलाव आए हैं, परंतु अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता सर्जना के स्तर पर ऐसे बदलाव ला रही है जो काफी विस्मयकारी हंै

Written byबालेन्दु शर्मा दाधीचबालेन्दु शर्मा दाधीच
Apr 1, 2023, 03:53 pm IST
inभारत

साहित्य अकादमी जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों की वेबसाइटों ने वैश्विक स्तर पर साहित्य के रसिकों के साथ तादात्म्य स्थापित करने में मदद की है।

सूचना प्रौद्योगिकी और नए मीडिया ने साहित्यकारों को कई अर्थों में सहयोग दिया है। लेखन और प्रकाशन के नए मंच सामने आए हैं तो ब्लॉगिंग जैसे अभिव्यक्ति के नए माध्यम लोकप्रिय हुए हैं। किताबें ईबुक्स जैसे नए स्वरूपों को अपना रही हैं। साहित्यिक विमर्श के डिजिटल और आभासी मंचों ने साहित्य तथा लेखकों को लाभान्वित किया है। हमारे रचनाकर्म को भौगोलिक सीमाओं से परे एक बहुत बड़े पाठक, दर्शक तथा श्रोता वर्ग तक पहुंचाने में नए मीडिया ने कमाल का योगदान दिया है।

साहित्य अकादमी जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों की वेबसाइटों ने वैश्विक स्तर पर साहित्य के रसिकों के साथ तादात्म्य स्थापित करने में मदद की है। कोविड के दौर में साहित्यिक आयोजनों के लिए एक वैकल्पिक (आभासी, डिजिटल, वर्चुअल) पटल उभर कर आया जिसने उन कठिन परिस्थितियों में भी हमें इन आयोजनों से जोड़े रखा और जो आज भी प्रासंगिक है। थोड़े शब्दों में कहें तो साहित्य तथा साहित्यकारों के लिए दायरा बढ़ा है और सर्जक तथा पाठक के बीच दूरी सिमट गई है।

लेकिन बात यहीं तक सीमित नहीं है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आगमन के बाद साहित्य की दुनिया भी बड़े बदलावों से साक्षात्कार करने वाली है। न सिर्फ अंग्रेजी, बल्कि भारतीय भाषाओं का साहित्य भी। लेखकों द्वारा विषयों के चयन या पुस्तक की परिकल्पना से लेकर रचना के पाठक तक वितरित होने तक की पूरी प्रक्रिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका होने वाली है। यह एक मददगार के रूप में तो है ही, एक सर्जक के रूप में भी सामने आ चुकी है और ‘कृत्रिम साहित्य’ (एआई लिटरेचर) नामक एक नई धारा उदित हो रही है।

वेबसाइटों ने वैश्विक स्तर पर साहित्य के रसिकों के साथ तादात्म्य स्थापित करने में मदद की है। कोविड के दौर में साहित्यिक आयोजनों के लिए एक वैकल्पिक (आभासी, डिजिटल, वर्चुअल) पटल उभर कर आया जिसने उन कठिन परिस्थितियों में भी हमें इन आयोजनों से जोड़े रखा और जो आज भी प्रासंगिक है।

आपने चैट जीपीटी का नाम सुना या पढ़ा होगा। यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित एक अनुप्रयोग है जिसने महज तीन-चार महीने में पूरे विश्व में हलचल मचा दी है। चैट जीपीटी नामक एआई अनुप्रयोग ने कंप्यूटर की सृजन करने की क्षमता से परिचय के साथ ही, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के एक ऐसे पहलू को सामने लाकर रख दिया है जो अद्भुत है और कुछ हद तक डरावना है। अहम बात यह है कि उसने अपनी इस क्षमता की झलक मात्र नहीं दी है बल्कि इन क्षमताओं को हमारे सामने प्रस्तुत किया है, आज की एक हकीकत के रूप में।
लेकिन बात को आगे बढ़ाने से पहले हमें इसकी एक झलक देखनी चाहिए। जरा ये कुछ पंक्तियां पढ़िए
इस साहित्य की अनगिनत पंक्तियां :
जो समझाती हैं हमें जीवन के सच।
हमारे मन की सभी संवेदनाओं का परिचय,
यही तो है, जो देता है हमें नई पहचान।
हिंदी साहित्य पर हमें गर्व है,
यही हमारी संस्कृति का आधार है।
इससे उजाला मिला हमें,
जिससे जीवन की राहें हुईं स्पष्ट।

यह हिंदी साहित्य पर एक कविता है जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने लिखी है। अब तीन भाषाओं में लिखे गए इन हाइकू को देखिए:
हिंदी : धूप का संघर्ष, अंधेरे के साथ खत्म, अमर विरासत।
बांग्ला : सितिर सिलाए स्नेहो, प्रकृतीर आंचले हरानो मोन।
पबित्र ब्रष्टिर छायाय संसारेर अभिनब संपदा।
मराठी : शिताकाळाचा वेडा, उदयाला उजळणारी संध्या। विविधतेचे सुंदर संगम।
शायद आप सोंचे कि साहित्य के संदर्भ में इसकी कोई प्रासंगिकता नहीं दिखती। लेकिन ऐसा सोचने से पहले याद करें कि 2010 के आसपास जब आप मशीनी अनुवाद को देखते थे, तब वह कैसा था, और आज कैसा है। सिर्फ दस साल के भीतर मशीनी अनुवाद की क्षमताओं का कायाकल्प हो चुका है। तब मशीनी सृजनकर्म क्या इसी पड़ाव पर रुक जाने वाला है?
(लेखक माइक्रोसॉफ्ट में निदेशक- भारतीय भाषाएं
और सुगम्यता के पद पर कार्यरत है)।

Topics: हिंदी साहित्यInformation TechnologyMedia WritersHindi LiteratureArtificial Intelligenceकृत्रिम बुद्धिमत्तासाहित्य अकादमीSahitya Akademiसूचना प्रौद्योगिकीमीडिया ने साहित्यकार
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

‘भारतीय ज्ञान का श्रुति-संवाद’ : पारंपरिक ज्ञान बना आधुनिक शिक्षा का हिस्सा

प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तराखंड को विज्ञान का हब बनाएंगे: सीएम धामी का बड़ा ऐलान, युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर

Tech Tantra | क्या AI बन रहा है आतंकियों का नया हथियार? | UN Report का बड़ा खुलासा

To The Point: Paper Leak कैसे होता है? Cyber Expert Amit Dubey ने On Camera दिखाया पूरा सिस्टम

(AI-generated image)

रामराज्य और कौटिल्य का सप्तांग मॉडल कैसे एक समृद्ध सभ्यता का निर्माण कर सकते हैं?

Sahitya Parishad Rajasthan Adhiveshan Om Birla Kota

कोटा: साहित्य परिषद् के महाधिवेशन में बोले ओम बिरला- ‘आत्मबोध से विश्वबोध’ का मापदंड है साहित्य

Load More

ताज़ा समाचार

RSS Centenary Bhopal Swayamsevak Ekagrikaran Dattatreya Hosabale Lal Parade Ground Panchjanya

“भारत अविनाशी और मृत्युंजयी राष्ट्र है”: सरकार्यवाह जी ने 30 हजार स्वयंसेवकों को दिया ‘शाखा से राष्ट्रनिर्माण का मंत्र’

devbhoomi cultural festival 2026 badrinath cm dhami

देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026 का समापन: बदरीनाथ में सीएम धामी ने कहा- लोक संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ना जरूरी

किशाऊ परियोजना और सहकारी संघवाद की असली परीक्षा

Uttarakhand MBBS Fake Certificate SIT

MBBS में फर्जी सर्टिफिकेट से एडमिशन पर एक्शन : उत्तराखंड में बनी 5 सदस्यीय SIT, पटवारियों से पूछताछ!

cm pushkar singh dhami badrinath master plan katha mahotsav

बद्रीनाथ पहुंचे सीएम धामी: भगवान बदरीविशाल के किए दर्शन, मास्टर प्लान के कार्यों का लिया जायजा

“अजीत डोभाल पर टिप्पणी हर देशभक्त उत्तराखंडी का अपमान” : राहुल गांधी पर BJP का कड़ा प्रहार, जानिए क्या है पूरा मामला!

बाबा केदारनाथ

केदारनाथ गर्भगृह का वीडियो वायरल : मंदिर समिति ने लिया संज्ञान, अब कार्रवाई की तैयारी, जानिए क्या है पूरा मामला

kishau dam project uttarakhand rehabilitation displacement

उत्तराखंड: किशाऊ बांध की राह साफ, लेकिन हजारों लोगों के पुनर्वास और 2500 हेक्टेयर वन भूमि की चुनौती

21 सितंबर का पंचांग

21 सितंबर का पंचांग: बुध बदलेंगे नक्षत्र, बन रहा शोभन योग; जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल

Gold Silver Price Today

Gold Price Today: सोना खरीदने से पहले जान लें 20 सितंबर का रेट, 10 ग्राम की कीमत यहां देखें

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies