13 माह बाद किसान आंदोलन का अंत : किसान व राज नेताओं के लिए सबक
October 3, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

13 महीने बाद पंजाब के किसान आंदोलन का अंत : राजनीतिक दलों व किसान संगठनों के लिए सबक

पंजाब में शंभू और खनौरी बॉर्डर पर 13 महीने से जारी किसान आंदोलन को पुलिस ने हटाया। 300 से ज्यादा किसान गिरफ्तार, जानिए इस आंदोलन का पूरा घटनाक्रम और पंजाब सरकार की कार्रवाई

Written byराकेश सैनराकेश सैन
Mar 20, 2025, 04:07 pm IST
inभारत, पंजाब

पंजाब में हरियाणा के साथ लगती शंभू और खनौरी सीमा पर 13 माह से चल रहे किसानों के धरने को राज्य सरकार ने बुधवार रात पुलिस की मदद से हटा दिया। पुलिस ने बुलडोजर चलाकर खनौरी और शंभू बॉर्डर पर बने मंच ढहा दिए और टेंट भी उखाड़ दिए। किसान यहां पिछले साल 13 फरवरी से धरने पर बैठ थे। केंद्र सरकार और किसान संगठनों की बुधवार को चंडीगढ़ में हुई बैठक बेनतीजा रही। बैठक खत्म होने के बाद खनौरी व शंभू बॉर्डर लौट रहे किसान नेताओं जगजीत सिंह डल्लेवाल, सरवण सिंह पंधेर समेत 300 से अधिक किसानों को हिरासत में ले लिया।

सूत्रों के अनुसारी पंजाब के डीजीपी गौरव यादव और स्पेशल डीजीपी लॉ एंड ऑर्डर अर्पित शुक्ला की अध्यक्षता में मंगलवार दोपहर 12 बजे हाईलेवल मीटिंग हुई थी, जिसमें बुधवार शाम को शंभू व खनौरी बॉर्डर को खाली कराने की प्लानिंग हो गई थी। यही कारण रहा कि किसान पुलिस के चक्रव्यूह में फंस गए। बॉर्डर खाली कराने के लिए 5000 हजार पुलिस जवानों की टुकड़ी को तैयार रखा गया था। चंडीगढ़ स्थित पुलिस मुख्यालय से पहले ही सूचना दे दी गई थी कि शंभू व खनौरी बॉर्डर को वीरवार सुबह तक हर हाल में खाली कराना है।

किसानों और केंद्र की लगातार बैठकों से एमएसपी की कानूनी गारंटी सहित अन्य मांगों पर कोई हल नहीं निकल पा रहा था। सरकार को आशंका थी कि यदि इस बार भी सहमति नहीं बनी तो आंदोलन और लंबा खिंच जाएगा। किसानों के 13 माह से चल रहे पक्के मोर्चे के कारण प्रदेश के व्यापार और अन्य कामकाज पर काफी असर पड़ रहा था।

किसान आंदोलन का इस तरह से अंत राजनीतिक दलों के साथ-साथ खुद किसान संगठनों के लिए एक सबक है। राजनीतिक दलों के लिए सबक है कि विपक्ष में रहते हुए कोई दल किसी आंदोलन के नाम पर हुल्लड़बाजी व कुछ लोगों की जिद्द को हल्लाशेरी देता है तो एक न एक दिन उसे भी इन लोगों से दो चार होना पड़ सकता है। जैसा कि सभी जानते हैं कि दिल्ली सीमा पर साल से अधिक चली आंदोलनजीवियों की हुल्लड़बाजी को आम आदमी पार्टी ने हर तरह से समर्थन दिया। यहां के प्रदर्शनकारियों को राजनीतिक समर्थन के साथ-साथ भीड़ व संसाधन जुटाने तक का काम किया गया। लेकिन जब पंजाब में यही पार्टी सत्ता में आई तो इन्हीं दलों के गुस्से का इस पार्टी को भी शिकार होना पड़ा और वहीं परेशानियां झेलनी पड़ीं जो दिल्ली की सीमा पर चले आंदोलन के दौरान देश की जनता को झेलनी पड़ी थीं। दिल्ली आंदोलन की तरह शंभू बार्डर के आंदोलन ने भी देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव डाला और आसपास रहने वाले लोगों का जीवन नरक बना दिया। और अब थक हार कर आम आदमी पार्टी को उन्हीं आंदोलनजीवियों के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ी जिनकी वह हिमायती होने का दिखावा करती रही।

आंदोलन का ऐसा हश्र खुद किसान संगठनों के लिए भी कड़वा सबक है। सर्वोच्च न्यायालय कई बार स्पष्ट कर चुका है कि प्रदर्शन करने की स्वतंत्रता का अर्थ यह नहीं कि आम लोगों का जनजीवन ही रोक दिया जाए। असल में किसान संगठन आंदोलन कम चलाते दिखते हैं और अपनी जिद्द अधिक। आए दिन के धरने प्रदर्शन, सडक़ों-रेल गाडिय़ों को पहिए रोक देना, आम लोगों को परेशान करना कहां तक उचित है। किसान संगठनों की इन्हीं हरकतों के कारण यह संगठन जनता में बड़ी तेजी से सहानुभूति खो रहे हैं। आम लोग जिन किसानों को अन्नदाता कहते रहे अब उनमें किसानों को लेकर प्रचलित धारना कम हो रही है और वे किसान संगठनों का अर्थ हुल्लड़बाजों के रूप में लेने लगे हैं। किसान संगठनों के लिए एक और सबक है कि अपनी व्यवहारिक या अव्यवहारिक जिद्द को लम्बे समय तक मांगों का शीर्षक नहीं दिया जा सकता। लोकतंत्र में किसी वर्ग का भला करने या न करने का अधिकार देश की जनता अपने प्रतिनिधियों को देती है ना कि आंदोलनकारियों को। और यह आवश्यक भी नहीं है कि आंदोलन के दौरान जो-जो मांगें उठाई जा रही हैं वे सभी उचित हों।

आओ जानें पंजाब में 13 फरवरी 2024 से 19 मार्च 2025 के बीच क्या क्या हुआ

  • – 13 फरवरी 2024 को किसानों ने दिल्ली कूच किया। पुलिस ने शंभू और खनौरी बॉर्डर पर बैरिकेडिक करके रोका।
  • – दिल्ली कूच को लेकर 21 फरवरी 2024 को किसानों व पुलिस के बीच टकराव हुआ। युवा किसान नेता शुभकरण सिंह की मौत हुई।
  • – 17 अप्रैल 2024 को किसानों ने रेलवे ट्रैक जाम किया।
  • – 2 सितंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी बनाई। कमेटी ने किसानों व हितधारकों से की बैठकें।
  • – 18 नवंबर2024  किसानों ने 6 दिसंबर को दिल्ली कूच का एलान किया।
  • – 26 नवंबर 2024 को किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को पुलिस ने हिरासत में लिया। डल्लेवाल ने आमरण अनशन शुरू किया।
  • – 6 दिसंबर 2024 को किसानों ने दिल्ली कूच का प्रयास किया। हरियाणा पुलिस के साथ फिर टकराव हुआ। पुलिस ने आंसू गैस से खदेड़ा।
  • – 8 व 14 दिसंबर 2024 को फिर से दिल्ली कूच का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे।
  • – 4 जनवरी 2025 को किसानों ने खनौरी बॉर्डर पर महापंचायत की।
  • – 14 फरवरी 2025 को केंद्र के साथ दोबारा बैठक शुरू हुई। 22 फरवरी को फिर बैठक हुई, पर बेनतीजा रही।
  • – 19 मार्च 2025 को चौथी बार केंद्र और किसानों के बीच बैठक हुई, जिसमें को नतीजा नहीं निकाला और शाम होते पुलिस ने शंभू और खनौरी बॉर्डर से किसानों को खदेड़ दिया।
Topics: पंजाब-हरियाणा बॉर्डर विवादpunjab policeMSP कानूनी गारंटीकिसान आंदोलनAAP बनाम किसान आंदोलनशंभू बॉर्डरPunjab Farmer ProtestFarmers protestधरना हटायाKhanauri borderएमएसपी गारंटीखनौरी बॉर्डरProtest Removedकिसान नेता गिरफ्तारSarwan Pandherकिसान आंदोलन 2025शंभू बॉर्डर पर पुलिस कार्रवाईखनौरी बॉर्डर धरना
राकेश सैन
राकेश सैन
वरिष्ठ पत्रकार। पंजाब के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक मुद्दों पर लेखन। [Read more]
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

चित्र प्रतीकात्मक

उजड़ता पंजाब: 6 महीने में मां ने खोया दूसरा बेटा! नशे की ओवरडोज से सुनाम में युवक की मौत, परिजनों में हाहाकार

Punjab and Haryana High Court PIL against Sacrilege Law 2026

पंजाब में LPU हिंसा Update : हाईकोर्ट ने पूछा- रेप हुआ या नहीं और पुलिस ने घटना की पुष्टि के लिए क्या किया?

Amritsar Drone Smuggling Heroin AK47 Recovery Punjab Police DGP Gaurav Yadav Panchjanya

भारत-पाक सीमा पर अमरूद के बाग में ड्रोन से हथियारों की लैंडिंग! AK-47 व 10 KG हेरोइन के साथ पति-पत्नी और भाई गिरफ्तार

nasha mukt punjab yatra pushkar singh dhami mukerian

नशा मुक्त पंजाब यात्रा: मुकेरियां में बोले सीएम धामी- नशे के खिलाफ लड़ाई युवा पीढ़ी के भविष्य की लड़ाई

Udta Punjab Moga Chitta Drug Addiction Youth Death Panchjanya

उड़ता पंजाब का खौफनाक सच: नशे के लिए मां के कपड़े तक बेचे, आखिर हुई मौत, मां बोली- चीनी की तरह बिक रहा चिट्टा!

प्रतीकात्मक तस्वीर

ASI हरजीत सिंह की हत्या के बाद क्यों उठ रहे पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल?

Load More

ताज़ा समाचार

विधायक सुखबीर सिंह माइसरखाना (बाएं) और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान।

पंजाब में शिक्षा क्रान्ति की सचाई: फूट फूट कर रोए आप विधायक, बोले – स्कूलों में अध्यापकों की कमी, सुनवाई नहीं हो रही

काशी में पाकिस्तानेश्वर महादेव का नाम सिंधु गंगेश्वर करने को लेकर सिंधी समाज ने सौंपा ज्ञापन।

काशी में पाकिस्तानेश्वर महादेव का नाम सिंधु गंगेश्वर महादेव करने की मांग, जानिये पाकिस्तान से काशी कैसे पहुंचा शिवलिंग

प्रतीकात्मक चित्र

एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता

Madhav Srishti Naturopathy Centre Solan Inauguration Governor Vidya Bharti Panchjanya

सोलन में ‘माधव सृष्टि’ प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का शुभारंभ: राज्यपाल ने की सराहना, जानें केंद्र की बड़ी बातें!

Mangarh Dham National Monument Demand Vanvasi Kalyan Ashram Satyendra Singh Bhilwara Panchjanya

मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करे केंद्र: अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम की भीलवाड़ा बैठक में बड़ा प्रस्ताव!

प्रतीकात्मक तस्वीर

Fact Check: गोवा सीईओ रिपोर्ट, इंडियन एक्सप्रेस के 97 ‘वैध वोटर’ दावे का सच क्या है?

IRCTC होटल टेंडर मनी लॉन्ड्रिंग केस: लालू-राबड़ी-तेजस्वी कोर्ट में पेश, अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को

natural oil source found in Andman sea

Explainer: भारत के तेल आयात में बढ़ोतरी, जानिए क्या है कारण?

UCC

राष्ट्रपति ने गुजरात समान नागरिक संहिता विधेयक 2026 को मंजूरी दी, उत्तराखंड के बाद दूसरा राज्य

किशनगंज के 40 हिंदुओं ने एसपी से मांगी सुरक्षा, जानिए क्या है कारण ?

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies