Ramayana: सनातन धर्म, भगवान राम और रामायण को काल्पनिक बताने वालों के मुंह पर ये जोरदार तमाचे से कम नहीं हो सकता है, जिसे कुछ राजनेताओं ने काल्पनिक कहा था कि अब उन्हीं भगवान राम के ऊपर बनी फिल्म को देश की संसद में दिखाया जाएगा। हम बात कर रहे हैं 1993 में बनी भारतीय-जापानी फिल्म ‘रामायण: द लीजेंड ऑफ प्रिंस राम’ फिल्म को देश की संसद में दिखाया जाएगा।
इसे खासतौर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ ही संसद के बाकी सदस्य भी देखेंगे। सरकार के इस कदम की जमकर तारीफ की जा रही है। इसको लेकर फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी गीक पिक्चर्स ने एक बयान जारी कर कहा कि आज हमें इस पर गर्व हो रहा है। कंपनी के को फाउंडर हैं अर्जुन अग्रवाल, जो कहते हैं, ये केवल एक फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं है, बल्कि यह हमारी समृद्ध विरासत और रामायण की कालजयी इतिहास का जश्न है। ये हमें मार्गदर्शन और प्रेरणा देगा।
कंपनी ने कहा कि हमारे कार्य को प्रतिष्ठित स्तर पर इस तरह का सम्मान दिया गया, ये गौरव की बात है। भारतीय संसद के इस कदम में हम सभी को सम्मानित किया है।
15 फरवरी को संसद में देख सकेंगे यह फिल्म
गौरतलब है कि इस फिल्म की स्क्रीनिंग 15 फरवरी को संसद में की जाएगी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 24 जनवरी को 4k फॉर्मेट में यह फिल्म अंग्रेजी के साथ ही हिंदी, तमिल, तेलुगू भाषा में भी रिलीज हो चुकी है। उल्लेखनीय फिल्म के हिंदी वर्जन में रामायण के राम अरुण गोविल ने अपने सुर दिए हैं। इसके अलावा नम्रता साहनी माता सीता के रूप में बोलती हैं।
उल्लेखनीय है कि इस फिल्म को भारत में 1993 में 24वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भी दिखाया गया था, लेकिन सिनेमाघरों में इसे रिलीज ही नहीं किया गया। बाद में 2000 के दशक से इसे टीवी चैनलों पर प्रसारित किया जाना शुरू किया गया था।

















