सनातन के विरुद्ध षड्यंत्र
August 4, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

सनातन के विरुद्ध षड्यंत्र

विश्व प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर के प्रसाद में गाय की चर्बी और मछली के तेल की मिलावट करना महापाप और अक्षम्य अपराध है। जिन लोगों ने भी सनातन धर्म के विरुद्ध यह षड्यंत्र किया है, उन्हें कठोर सजा मिलनी ही चाहिए

Written byअरुण कुमार सिंहअरुण कुमार सिंह
Oct 3, 2024, 09:52 am IST
in भारत, आंध्र प्रदेश, धर्म-संस्कृति
तिरुपति मंदिर में सेकुलर जगन सरकार द्वारा किए गए ‘पाप’ के विरोध में संस्कृति बचाओ मंच के कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन करते हुए

तिरुपति मंदिर में सेकुलर जगन सरकार द्वारा किए गए ‘पाप’ के विरोध में संस्कृति बचाओ मंच के कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन करते हुए

गत दिनों यह समाचार आया कि विश्व प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर में प्रसाद के लिए जो लड्डू तैयार होते हैं, उनमें घी के स्थान पर गाय की चर्बी और मछली के तेल उपयोग किया जा रहा है। इसके बाद तो पूरे सनातन समाज में सन्नाटा छा गया। संतों और अन्य लोगों ने इसके विरोध में मोर्चा खोला। इसी बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से इस संबंध में बात की और राज्य सरकार से इसकी पूरी जानकारी मांगी। यही नहीं, श्री नड्डा ने देश के हिंदुओं को आश्वस्त किया है कि वे इस मामले की जांच ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड आथरिटी आफ इंडिया’ से कराकर दोषियों को सजा दिलाएंगे। वहीं आंध्र प्रदेश के उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा, ‘‘यह मामला मंदिरों, उनकी भूमि और अन्य अनुष्ठानिक प्रथाओं के कथित अपमान से संबंधित मुद्दों पर प्रकाश डालता है। एक सनातन धर्म रक्षण बोर्ड गठित करने का समय आ गया है।’’ पवन कल्याण इसे महापाप मानते हैं। यही कारण है कि उन्होंने इस पाप के प्रायश्चित के लिए 11 दिन का एक अनुष्ठान किया। इसके अंतर्गत उन्होंने विजयवाडा स्थित दुर्गा मल्लेश्वर स्वामी मंदिर में झाड़ू भी लगाई। उन्होंने यह भी कहा कि 11 दिन के बाद वे भगवान वेंकटेश के दरबार में जाकर इस बात के लिए क्षमा मांगेंगे कि वे इस महापाप को रोक नहीं पाए।
हालांकि अब मंदिर प्रशासन ने कहा है कि वर्तमान में जो प्रसाद तैयार हो रहा है, वह विशुद्ध है। उसमें मिलावट नहीं हो रही है। इससे पहले मंदिर परिसर का शुद्धिकरण किया गया। वहां के पुजारियों ने शुद्धि अनुष्ठान किया।

ऐसे हुआ ‘पाप’ उजागर

आंध्र प्रदेश में इस वर्ष जून में सत्ता परिवर्तन हुआ और चंद्रबाबू नायडू मुख्यमंत्री बने। सत्ता संभालते ही उन्होंने मंदिर के लड्डुओं में मिलावट की शंका व्यक्त की। इसके बाद मंदिर प्रशासन ने आपूर्ति किए गए घी की जांच करने के लिए उसके नमूने गुजरात स्थित डेयरी विकास बोर्ड की प्रयोगशाला ‘सेंटर आफ एनालिसिस एंड लर्निंग इन लाइव स्टॉक एंड फूड’ भेजे थे। वहां हुई जांच से पता चला कि घी में मिलावट हुई है। घी के नमूनों में गाय की चर्बी, मछली का तेल, सोयाबीन, सूरजमुखी, जैतून का तेल, गेहूं, मक्का, कॉटन सीड, नारियल, पाम आयल जैसे तत्व पाए गए।

इसी रपट के आधार पर मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कुछ दिन पहले कहा था कि तिरुपति मंदिर के प्रसाद में मिलावट की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए जो भी दोषी हैं, उन्हें सजा अवश्य दी जाएगी। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी पर चारों ओर से अंगुली उठ रही है। यहां तक कि चंद्रबाबू नायडू ने भी उन्हीं को लक्षित करके उपरोक्त बयान दिया। इसके उत्तर में जगनमोहन रेड्डी ने कहा कि चंद्रबाबू नायडू राजनीतिक लाभ के लिए ऐसी बातें कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होेंने इस मामले की जांच के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखा है।

विश्व प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर

प्रतिदिन बनते हैं तीन लाख लड्डू

तिरुपति मंदिर की रसोई में प्रतिदिन तीन लाख लड्डू बनते हैं। यह परंपरा 300 वर्ष से भी पुरानी है। लड्डू बनाने के लिए हर महीने 42,000 किलो घी, 22,500 किलो काजू, 15,000 किलो किशमिश और 6,000 किलो इलायची लगती है। लड्डू तीन प्रकार के होते हैं-40 ग्राम, 175 ग्राम और 750 ग्राम। छोटे लड्डू भक्तों को नि:शुल्क दिए जाते हैं। लड्डओं की बिक्री से मंदिर प्रबंधन को प्रतिवर्ष लगभग 500 करोड़ रुपए की आय होती है।

भले ही जगनमोहन रेड्डी अपने बचाव में कुछ भी कहें या करें, लेकिन जांच में यह बात तो सही पाई गई है कि प्रसाद में मिलावट की जा रही थी और इसकी शुरुआत उनके कार्यकाल में ही हुई थी। उन्होंने घी की आपूर्ति करने वाली कंपनियों के लिए नियमों में छूट भी दी थी। मिलावट की बात तिरुमला तिरुपति देवस्थनानम् बोर्ड के कार्यकारी अधिकारी श्यामल राव ने भी स्वीकारी है। उन्होंने कहा, ‘‘आपूर्तिकर्ताओं ने मंदिर में जांच की सुविधा न होने और बाहरी प्रयोगशाला का उपयोग नहीं किए जाने का लाभ उठाया। घी की गुणवत्ता में भारी गिरावट आई है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने घी के साथ लड्डू की गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त की थी और चर्बी होने की बात कही थी। तब चार ट्रक घी को जांच के लिए भेजा गया था। रपट आने के बाद आपूर्ति रोक दी गई है और ठेकेदार के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई है।’’

उल्लेखनीय है कि तिरुपति मंदिर का संचालन ‘तिरुमला तिरुपति देवस्थनानम् बोर्ड’ करता है। चूंकि मंदिर राज्य सरकार के अधीन है इसलिए इस बोर्ड के अधिकारियों की नियुक्ति सरकार ही करती है। यही कारण है कि मंदिर के लिए बनने वाले प्रसाद की सामग्री ठेकेदारों के माध्यम से जुटाई जाती है। इसके लिए समय-समय पर निविदा निकाली जाती है। इसमें ठेकेदार का चयन होता है। अब जब कोई भी ठेकेदार सामग्री की आपूर्ति करेगा तो उससे गुणवत्ता की आशा नहीं की जा सकती है। वह अधिक कमाई के लिए घटिया से घटिया सामग्री की आपूर्ति करेगा। इस मामले में भी यही हुआ है। इसलिए कुछ संतों ने कहा भी है कि मंदिर के प्रसाद में मिलावट मंदिर पर सरकारी कब्जे के कारण हो रही है। इसलिए संतों ने एक बार फिर से मांग की है कि मंदिरों को सरकारी कब्जे से मुक्त किया जाना चाहिए।

 

Topics: चंद्रबाबू नायडूChandrababu Naiduपाञ्चजन्य विशेषजगनमोहन रेड्डीतिरुमला तिरुपति देवस्थनानम् बोर्डसनातन धर्म रक्षण बोर्डफूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड आथरिटी आफ इंडियाJaganmohan ReddyTirumala Tirupati Devasthanam BoardSanatana Dharma Rakshan BoardFood Safety and Standards Authority of India
अरुण कुमार सिंह
अरुण कुमार सिंह
समाचार संपादक, पाञ्चजन्य | अरुण कुमार सिंह लगभग 25 वर्ष से पत्रकारिता में हैं। वर्तमान में साप्ताहिक पाञ्चजन्य के समाचार संपादक हैं। [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

जतंर मंतर पर विरोध प्रदर्शन का एक दृश्य

‘स्मृति और विस्मृति के संघर्ष में हमारी विजय अभी शेष’

‘परिवर्तन दोष देने से नहीं, स्वयं उत्तरदायित्व स्वीकार करने से आता है’

जंतर-मंतर पर सीजेपी के आंदोलन के दौरान मंच पर (बाएं से) सौरभ दास, अभिजीत दीपके और आशुतोष।

नैतिक अनाचार, गंभीर अपराध

विचार के नाम पर खाली, होठों पर बस गाली

बहुआयामी वीर सावरकर : राष्ट्रजागरण के पत्रकार

मदरसों की आड़ में बाल अधिकारों का हनन

Load More

ताज़ा समाचार

प्रतीकात्मक तस्वीर

हिंदू नाम बताकर छात्रा से दोस्ती, सच सामने आते ही फैजान देने लगा धमकियां; फिर छात्रा ने उठा लिया खौफनाक कदम

Udhayanidhi Stalin Sanatan Dharma Patna lawyer threatened

उदयनिधि स्टालिन की बढ़ीं मुश्किलें, त्रिषा पर टिप्पणी के बाद पुलिस ने लिया हिरासत में

whatsapp

WhatsApp यूजर्स के लिए बड़ा अलर्ट! अचानक Under Review हो रहे अकाउंट, जानें पूरा मामला

Al Jazeera पर कथित बैन के दावे

PoJK में क्या छिपा रहा पाकिस्तान? पहले चलीं गोलियां, अब Al Jazeera पर कथित बैन के दावे

(Image created by AI)

Today Weather: कई राज्यों में फिर सक्रिय हुआ मानसून, मौसम विभाग ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट

जैव विविधताओं से भरा है ग्लॉव झील का क्षेत्र

अरुणाचल प्रदेश को मिला पहला रामसर स्थल, ग्लॉव झील को मिली अंतरराष्ट्रीय मान्यता

श्री मोहन भागवत, सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

Gen Z और जेन अल्फा से 6 अगस्त को मुंबई में संवाद करेंगे सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत

दोपहिया एम्बुलेंस (चित्र- एआई द्वारा निर्मित )

दोपहिया सड़क एम्बुलेंस: भारत की नई सोच, हर गांव तक पहुंचेगी जीवन रक्षक सेवा, पहाड़ और दूरदराज इलाकों के लिए नई उम्मीद

आज का श्लोक : स्वदेशे कष्टमापन्ने उदासीनास्तु ये नराः

आज का राशिफल

4 अगस्त राशिफल: आज किस राशि को मिलेगा लाभ, किसे बरतनी होगी सावधानी

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies