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Make in India : स्वदेशी रक्षा उत्पादन में अब तक की सबसे अधिक वृद्धि, 5 साल में 60 % से ज्यादा बढ़ा

रक्षा उत्पादन का मूल्य रिकॉर्ड-उच्च स्तर 1,26,887 करोड़ रुपये तक पहुंचा

Written byPanchjanyaPanchjanya
Jul 5, 2024, 06:05 pm IST
inरक्षा
Defense Export of india

स्वदेशी रक्षा उत्पादन में हो रही है वृद्धि

नई दिल्ली, (हि.स.)। भारत ने रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भरता’ हासिल करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान स्वदेशी रक्षा उत्पादन में अब तक की सबसे अधिक वृद्धि हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान देश में रक्षा उत्पादन 1,26,887 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 16.7 फीसदी ज्यादा है। वित्त वर्ष 2022-23 में यह आंकड़ा 1,08,684 करोड़ रुपये था। पिछले पांच साल में देश के रक्षा उत्पादन का मूल्य 60 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार भारत को एक अग्रणी वैश्विक रक्षा उत्पादन केन्द्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि रक्षा से संबंधित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (डीपीएसयू), रक्षा सामग्रियों का उत्पादन करने वाले अन्य सार्वजनिक उपक्रमों और निजी कंपनियों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार देश में रक्षा उत्पादन का मूल्य रिकॉर्ड ऊंचाई तक बढ़कर यानी 1,26,887 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष के रक्षा उत्पादन की तुलना में 16.7 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान रक्षा उत्पादन का मूल्य 1,08,684 करोड़ रुपये था।

रक्षा मंत्री ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम साल-दर-साल नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने भारत को एक अग्रणी वैश्विक रक्षा उत्पादन केन्द्र के रूप में विकसित करने के सरकार के अटूट संकल्प को दोहराया। वर्ष 2023-24 के दौरान उत्पादन के कुल मूल्य में डीपीएसयू ने लगभग 79.2 प्रतिशत और निजी क्षेत्र ने 20.8 प्रतिशत का योगदान दिया है। आंकड़ों से पता चलता है कि पूर्ण मूल्य के संदर्भ में डीपीएसयू, पीएसयू और निजी क्षेत्र ने रक्षा उत्पादन में लगातार वृद्धि दर्ज की है। राजनाथ सिंह ने रक्षा उत्पादन को सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर ले जाने के लिए डीपीएसयू, रक्षा सामग्रियों का उत्पादन करने वाले अन्य सार्वजनिक उपक्रमों और निजी उद्योग सहित संपूर्ण रक्षा उद्योग को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता हासिल हासिल करने के लिए पिछले 10 वर्षों के दौरान सरकार ने विभिन्न नीतिगत सुधार, पहल और व्यापार करने में आसानी से जुड़े कदम उठाये हैं, जिसके कारण यह उपलब्धि अर्जित हुई है। इसके अलावा बढ़ते रक्षा निर्यात ने स्वदेशी रक्षा उत्पादन की समग्र वृद्धि में जबरदस्त योगदान दिया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान रक्षा निर्यात ने 21,083 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड ऊंचाई को छू लिया, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 32.5 प्रतिशत की वृद्धि है। पिछले वर्ष यह आंकड़ा 15,920 करोड़ रुपये का था। इस तरह पिछले पांच वर्षों के दौरान रक्षा उत्पादन का मूल्य लगातार बढ़ रहा है और इसमें 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है।

प्रधानमंत्री ने की सराहना

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रक्षा उत्पादन में 2023-24 में दर्ज की गई अब तक की सबसे अधिक वृद्धि की सराहना की है, जो पिछले वित्त वर्ष के उत्पादन मूल्य की तुलना में 16.8 प्रतिशत बढ़कर 1,26,887 करोड़ रुपये हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के एक्स पर साझा एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लिखा, “बहुत उत्साहजनक विकास। इस उपलब्धि में योगदान देने वाले सभी लोगों को बधाई। हम अपनी क्षमताओं को और बढ़ाने और भारत को एक अग्रणी वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए एक सहायक वातावरण का पोषण करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। यह हमारे सुरक्षा तंत्र को मजबूत करेगा और हमें आत्मनिर्भर बनाएगा।”

Topics: ‘मेक इन इंडिया’भारत की सामरिक शक्तिरक्षा उत्पादन मूल्यडिफेंस सेक्टर
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