Climate change: 90% हिमालय, नदियां और खेत सूख जाएंगे, कृषि बर्बाद हो जाएगी, भारत पर मंडरा रहा खतरा
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Climate change: 90% हिमालय, नदियां और खेत सूख जाएंगे, कृषि बर्बाद हो जाएगी, भारत पर मंडरा रहा खतरा

स्टडी में कहा गया है कि 3 डिग्री तक तापमान बढ़ा तो तबाही आनी तय है। भारत समेत अन्य देशों को पेरिस समझौते को लागू करना चाहिए।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Feb 29, 2024, 02:20 pm IST
inभारत
Himalaya Climate change

प्रतीकात्मक तस्वीर

‘उत्तरम् यत् समुद्रस्य हिमाद्रेश्चैव दक्षिणम्, वर्षं तद् भारतम् नाम भारती यत्र संतति:’ विष्णु पुराण के अनुसार भारत की यही पहचान है। उत्तर में हिमालय और दक्षिण में समुद्र से घिरी जो भूमि है उसे भारत भूमि कहा जाता है और यहां रहने वाली संतानों को भारतीय कहा जाता है। हिमालय को भारत का प्रहरी भी कहा जाता है। लेकिन भारत का ये प्रहरी खतरे में है। वजह है ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण होने वाला जलवायु परिवर्तन।

इस बड़े खतरे का खुलासा हुआ है एक रिसर्च से, जिसमें ये दावा किया गया है कि अगर भारत का तापमान 3 डिग्री और अधिक बढ़ा तो 90 फीसदी हिमालय सालभर के लिए सूख जाएगा। इस बात का दावा क्लाइमेटिक जर्नल ने अपनी रिपोर्ट में किया है। इसमें चेतावनी देते हुए कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन का सबसे बुरा असर भारत के हिमालयी इलाकों पर पड़ेगा और इस कारण से पूरे उत्तर भारत में नदियां सूखने से पानी की किल्लत होगी और फसलें खराब होने लगेंगी।

इसे भी पढ़ें: Canada जाकर क्यों ‘गायब’ हो रहीं कंगाल इस्लामी देश की दिवालिया हुई Airlines की एयरहोस्टेस!

पेरिस जलवायु समझौते के मुताबिक, ग्लोबल वार्मिंग के कारण बढ़ रहे तापमान को डेढ़ डिग्री सेल्सियस पर रोकना होगा, अगर यह 3 डिग्री पर पहुंचा तो अनर्थ कर देगा। ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट ऑंग्लिया के रिसर्चर्स ने यह स्टडी की है। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 80% भारतीय हीट स्ट्रोक का सामना कर रहे हैं। स्टडी के मुताबिक, 3-4 डिग्री तक तापमान बढ़ा तो भारत में पॉलिनेशन यानि परागकण में आधे की कमी आ जाएगी, इससे सबसे बुरा असर कृषि पर पड़ेगा। खेती वाले इलाकों का आधा हिस्सा सूख जाएगा।

डेढ़ डिग्री तापमान में आएगी तबाही

स्टडी के मुताबिक, जलवायु का असंतुलन बढ़ रहा है। तापमान अगर डेढ़ परसेंट भी बढ़ा तो भी तबाही आनी तय है। ऐसा होने पर भारत की 21 फीसदी जमीन और इथियोपिया की 61 प्रतिशत खेती योग्य जमीन सूख जाएगी।

प्राकृतिक आपदाओं से बचना असंभव

यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट ऑंग्लिया की प्रोफेसर रैशेल वारेन का कहना है कि भारत को इस तरह के हादसों का सामना तो करना पड़ेगा। लेकिन अगर पेरिस एग्रीमेंट के समझौतों को तत्काल लागू किया जाता है तो उनकी धरती, पहाड़, जल, जंगल और जीव को बचाया जा सके। स्टडी में जलवायु परिवर्तन से खतरा केवल भारत को नहीं, यही स्थिति एशिया, अफ्रीका और दक्षिणी अमेरिका की भी स्थिति है।

Topics: Global warmingग्लोबल वॉर्मिंगफसलों को नुकसानसूखाhimalaya90 फीसदी हिमालयRising Temperature3 degree celsiusDroughtIndiaFloodingLoss of Crop90 percent Himalaya will face year long drought at 3 degree warmingभारतबढ़ता तापमानहिमालयतीन डिग्री सेल्सियस
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
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