भारतीय सेना ने 61 साल बाद 175 बारूदी सुरंगें नष्ट की, लेह के तीन गांवों में बिछाई गई थीं, जानिये क्या है वजह
July 30, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

भारतीय सेना ने 61 साल बाद 175 बारूदी सुरंगें नष्ट की, लेह के तीन गांवों में बिछाई गई थीं, जानिये क्या है वजह

लेह के फोब्रांग, योर्गो और लुकुंग गांवों में बिछाई गईं थीं ये सुरंगें

Written byPanchjanyaPanchjanya
Oct 13, 2023, 09:58 am IST
in भारत, लद्दाख
लेह प्रशासन ने पूर्वी लद्दाख के लुकुंग गांव में क्षेत्र को बारूदी सुरंगों से साफ करने के लिए सेना की मदद मांगी थी

लेह प्रशासन ने पूर्वी लद्दाख के लुकुंग गांव में क्षेत्र को बारूदी सुरंगों से साफ करने के लिए सेना की मदद मांगी थी

नई दिल्ली। भारतीय सेना ने 1962 युद्ध के दौरान पूर्वी लद्दाख के तीन गांवों में बिछाई गईं 175 बारूदी सुरंगों को 61 साल बाद निष्क्रिय कर दिया है। लेह के फोब्रांग, योर्गो और लुकुंग गांवों में लगाई गईं यह सुरंगें आम नागरिकों के लिए खतरा पैदा कर रही थीं, जिससे स्थानीय लोगों को नुकसान हो रहा था। दो माह पहले इन्हीं में से एक सुरंग के फट जाने से झारखंड के रहने वाले दो मजदूरों की मौत हुई थी। इस घटना की जांच के बाद तीनों गांवों की बारूदी सुरंगों को निष्क्रिय करने का फैसला लिया गया था।

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में लेह जिले के लुकुंग में 16 अगस्त को आईटीबीपी शिविर की बाड़ के पास सीमेंट उतारने के दौरान एक मजदूर का पैर बारूदी सुरंग पर पड़ने से धमाका हो गया। इससे एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया और दो मजदूरों ने तांगत्से में अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। इस विस्फोट में मारे गए दोनों मजदूर झारखंड के रहने वाले थे। इसके बाद तांगत्से पुलिस स्टेशन ने एफआईआर दर्ज करने के बाद मामले की जांच की गई।

इस बीच, लेह प्रशासन ने पूर्वी लद्दाख के लुकुंग गांव में उस क्षेत्र को साफ करने के लिए सेना की मदद मांगी, जहां बारूदी सुरंग के विस्फोट में दो मजदूर मारे गए थे। प्रशासन का मानना है कि क्षेत्र के गांव फोब्रांग, योर्गो और लुकुंग में 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान बिना विस्फोट वाले गोले लगाए गए थे। जांच से पता चला है कि चीन से युद्ध के समय ऐसी बारूदी सुरंगें स्वाभाविक रूप से नहीं फटीं, जो आम नागरिकों के लिए 61 साल बाद भी खतरा बनी हुई थीं। लुकुंग गांव पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास स्थित है, जहां बिना फटे गोले 1962 से यहां बिखरे हुए हैं।

प्रशासन के अनुसार गांव के दो स्थानों में से एक पर बाड़ लगा दी गई है जबकि दूसरा आवाजाही के लिए खुला रहता है। क्षेत्रीय लोगों ने इस मुद्दे को अभी तक इसलिए गंभीरता से नहीं लिया, क्योंकि यहां कुछ पशुओं अलावा कोई और जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। अगस्त में दो मजदूरों की मौत होने के बाद जांच-पड़ताल होने पर लेह प्रशासन ने सेना के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की और बारूदी सुरंगों को निष्क्रिय करने का फैसला लिया गया। लेह प्रशासन के आग्रह पर सेना ने बारूदी सुरंगों को निष्क्रिय करने का अभियान शुरू किया, जो अब पूरा हो गया है।

(सौजन्य सिंडिकेट फीड)

Topics: भारतीय सेनाभारत-चीन युद्ध175 बारूदी सुरंगलेह में बारूदी सुरंग1962 का युद्ध
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

कोर्ट का फैसला (प्रतीकात्मक चित्र)

राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि: ISI एजेंट को छिपाने के आरोपी मोहम्मद अशफाक की जमानत खारिज, सेना से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं दी

प्रतीकात्मक तस्वीर

अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ के दावों पर सेना का फैक्ट चेक, कहा-‘ये बेबुनियाद’

प्रतीकात्मक तस्वीर

बदल गया भारतीय सेना का लुक! खत्म हुआ औपनिवेशिक दौर का ड्रेस कोड, जानिए क्या-क्या बदला?

Operation Sindoor DGMO Rajeev Ghai

BREAKING: ‘यह अंत नहीं, बल्कि एक शुरुआत है’, ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर बोले DGMO राजीव घई

army bulletproof car

भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के लिए खरीदे 159 बुलेटप्रूफ ट्रूप कैरियर

Gujarat Drone tech company Supplies to indian army

सूरत की InsideFPV ने सेना को सैकड़ों FPV कामिकाज़े ड्रोन सप्लाई किए, मात्र दो माह में ही पूरा किया ठेका

Load More

ताज़ा समाचार

वंदे मातरम

वंदे मातरम के अपमान पर होगी जेल, राज्यसभा में पास हुआ राष्ट्रीय सम्मान संशोधन विधेयक 

सांकेतिक चित्र

पंजाब फार्मेसी पेपर लीक : हाई कोर्ट पहुंचा मामला, मुश्किल में आम आदमी पार्टी की सरकार

निजी अंतरिक्ष युग का उदय

कार्यक्रम में पुस्तक का लोकार्पण करते (बाएं से) प्रो. सुधीर लाल, श्री वैभव डांगे, डॉ. सच्चिदानंद जोशी, डॉ. विजय चौथाईवाले और श्री विवेक गाडगे

पंढरपुर परंपरा पर प्रस्तुति

पीओजेके में विरोध प्रदर्शन करते नागरिक

PoJK में इंटरनेट बहाल हो, प्रदर्शनकारियों की मौतों की हो स्वतंत्र जांच : एमनेस्टी इंटरनेशनल

पावेल डुरोव

रूस की इंटरनेशनल वांटेड सूची में टेलीग्राम के संस्थापक पावेल डुरोव, आतंकी गतिविधियों में मदद का आरोप

लोकसभा में पेश हुआ जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक, रिकॉर्ड होंगे डिजिटल, देरी पर सख्त नियम

bjp sambit patra slams rahul gandhi over false

“राहुल गांधी संसद में बोल रहे हैं सफेद झूठ: छात्रों पर फायरिंग के दावों पर BJP का पलटवार, कहा- वो कर रहे देश को गुमराह

नक्सलवाद पर बड़ा प्रहार: ₹2.20 करोड़ का इनामी माओवादी मिसिर बेसरा गिरफ्तार, सारंडा में 24 नक्सलियों ने किया सरेंडर

लोकसभा में राहुल गांधी

लोकसभा में राहुल गांधी ने इडियट और अंधभक्त शब्दों का प्रयोग किया, गृहमंत्री पर लगाया आरोप, सत्ता पक्ष ने किया विरोध

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies