कांवड़ से बढ़ता कारोबार
July 15, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

कांवड़ से बढ़ता कारोबार

सावन के महीने में भोले के भक्त पवित्र गंगा नदी से जल लेकर सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर उसे विभिन्न शिवालयों में चढ़ाते हैं। यह कांवड़ यात्रा साबित हुई है कई राज्यों की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में सहायक

Written byदिनेश मानसेरादिनेश मानसेरा
Jul 4, 2023, 01:00 pm IST
in भारत, उत्तराखंड, धर्म-संस्कृति
हरिद्वार में शिवभक्तों का महासमुद्र (फाइल चित्र)

हरिद्वार में शिवभक्तों का महासमुद्र (फाइल चित्र)

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘पाञ्चजन्य’ को बताया कि इस बार चार करोड़ के आसपास कांवड़ यात्री हरिद्वार गंगा जल लेने आ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल करीब साढ़े तीन करोड़ कांवड़ियों का पंजीकरण किया गया था।

तीर्थनगरी हरिद्वार गंगा जल लेने आने वाले शिवभक्तों के लिए तैयार है। अनुमान है कि इस वर्ष कांवड़ियों के रूप में करीब चार करोड़ शिवभक्त आएंगे। पिछले साल तीन करोड़ से ज्यादा कांवड़िए हरिद्वार आए थे। माना जा रहा है कि पिछले साल सावन के महीने में हरिद्वार के कारोबारियों ने करीब 6,000 करोड़ रु. का कारोबार किया था, जो इस साल बढ़ कर 8,000 करोड़ रु. तक पहुंच सकता है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘पाञ्चजन्य’ को बताया कि इस बार चार करोड़ के आसपास कांवड़ यात्री हरिद्वार गंगा जल लेने आ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल करीब साढ़े तीन करोड़ कांवड़ियों का पंजीकरण किया गया था। हर साल शिवालयों में गंगा जल अर्पित करने के लिए लोक आस्था में वृद्धि हो रही है इसलिए इस बार कांवड़ियों की संख्या भी बढ़ सकती है। इस बार अधिमास भी है। इसलिए कांवड़ों की रौनक लंबे समय तक रहने वाली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवभक्त कांवड़िए हमारे अतिथि हैं। हम चरण धोकर और पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आस्था और विश्वास की यह यात्रा देवभूमि से पावन संदेश लेकर जाए, ऐसी व्यवस्था की जा रही है और उसकी निगरानी भी हर स्तर पर हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि एक समय ऐसा भी था जब विपक्षी दल की सरकारें इन पर लाठियां बरसाती थीं, लेकिन अब शिवभक्तों पर हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा की जाती है।

कांवड़ यात्रा एक प्रतिष्ठा यात्रा में बदल गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हों या उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, दोनों हेलिकॉप्टर से कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा करते हैं। कांवड़ ले जा रहे भोले के भक्तों का ऐसा सम्मान पहले कभी नहीं हुआ। शिवभक्तों का सम्मान होने और व्यवस्थापकों के उनसे विनम्रता से पेश आने की वजह से इतनी बड़ी यात्रा निर्विघ्न और सद्भाव से पूरी होती है। 

कांवड़ यात्रा का पहला चरण
हरिद्वार में कांवड़ मेले के पहले चरण का आयोजन 4-15 जुलाई तक होगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा में व्यवस्था की गई है। कांवड़ ले जा रहे शिवभक्तों के साथ पुलिस को कैसे पेश आना है, इस बारे में पुलिसकर्मियों को दिशानिर्देश दिए गए हैं—कोई भी कांवड़ 12 फीट से बड़ी न हो। प्रत्येक कांवड़िए का पहचान पत्र गले में लटका रहे। डीजे पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

8,000 करोड़ रु. का व्यापार
इस बार कांवड़ मेला लंबा खिंचेगा इसलिए कारोबार भी ज्यादा समय तक चलने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार सहारनपुर में कांवड़ों, टी शर्ट, कपड़े, अंगोछे, निकर आदि का थोक का कारोबार होता है। इस वक्त कपड़ों का बाजार भगवा रंग से पटा पड़ा है। एक कारोबारी योग चुग कहते हैं, ‘‘अकेले भगवा टी शर्टों का ही 400 करोड़ रु. से ज्यादा का कारोबार हो चुका है।’’ उन्होंने यह भी बताया कि ‘बुलडोजर बाबा’, मोदी, योगी, धामी के नाम वाली टी शर्ट इस वक्त शिव की तस्वीरों से ज्यादा बिक चुकी है। इस तरह की टी शर्ट 100-400 रु. तक में उपलब्ध हैं।

उल्लेखनीय है कि यहां थोक मंडी है, लेकिन यही टी शर्ट फुटकर में मुनाफे के साथ बिक रही है। नजीबाबाद में लकड़ी की टोकरियां बनाने वाले समीर मलिक कहते हैं, ‘‘पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार टोकरियों की मांग बहुत ज्यादा है। हमारे कारीगर सालभर टोकरियां बनाते हैं।’’ प्लास्टिक जेरिकेन का विकल्प अभी भी खोजा जा रहा है। इसके बावजूद एल्मूनियम पीतल जेरिकेन कलश आदि का बाजार बढ़ता जा रहा है।

‘‘अकेले भगवा टी शर्टों का ही 400 करोड़ रु. से ज्यादा का कारोबार हो चुका है।’’ -योग चुग, कारोबारी

‘‘पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार टोकरियों की मांग बहुत ज्यादा है।
हमारे कारीगर सालभर टोकरियां बनाते हैं।’’ -समीर मलिक

‘‘उत्तराखंड की धार्मिक यात्राओं से ही यहां की अर्थव्यवस्था चलती है। कांवड़ यात्रा से हजारों करोड़ रु. का कारोबार होने लगा है। यही वजह है कि सरकार भी कांवड़ यात्रा प्रबंधन में दिलचस्पी ले रही है।’’ -अमित शर्मा, समाजसेवी

 ‘बम भोले’, ‘गंगा मैया की जय’ के जयघोष का अलग ही
उत्साह देखने को मिल रहा है।’’-कांवड़ यात्री

कैसे शुरू हुई कांवड़ यात्रा?

गंगा और शिव के प्रति आस्था की कांवड़ यात्रा कैसे और कब शुरू हुई, इस पर अलग-अलग तर्क दिए जाते रहे हैं। लोकमान्यता है कि त्रेतायुग में श्रवण कुमार जब हिमाचल के ऊना से अपने दृष्टिहीन माता-पिता को गंगा स्नान की उनकी इच्छा पूरी कराने के लिए कांवड़ में बिठा कर हरिद्वार लाए तो वापसी में गंगा जल अपने साथ ले गए। इसके बाद कांवड़ यात्रा शुरू हुई। दूसरी कथा भगवान परशुराम से जुड़ी है। कहा जाता है कि उन्होंने गढ़ मुक्तेश्वर (वर्तमान में ब्रजघाट) से गंगा जल लेकर बागपत के पास पुरामहादेव शिवालय में भगवान शंकर को अर्पित किया, इसी तरह बिहार में भगवान राम ने गंगा से जल ले जाकर बैजनाथधाम में महादेव को अर्पित किया तभी से वहां भी कांवड़ की परंपरा शुरू हुई।

तिरंगे भगवे का बोलबाला
बाजार में तिरंगे झंडों की सैकड़ों दुकानें हैं। बता दें कि कांवड़ों में भगवा ध्वज के साथ तिरंगा ध्वज लगाने की परंपरा बन गई है। इस कारण तिरंगा बेचने वाले दुकानदार भी प्रसन्न हैं।

लंगर में खपेगा अरबों का राशन
अनुमान है कि हरिद्वार से विभिन्न नगरों, कस्बों के बीच मार्गों पर कांवड़ियों के लिए लगने वाले लंगर, भोजनालयों में राशन का कारोबार भी करीब 1,000 करोड़ रु. के आंकड़े को छुएगा। बता दें कि कांवड़िए और उनकी सेवा में लगे लोग इन भंडारों में शामिल होते हैं।
कांवड़ यात्रा मार्ग पर लगने वाले एक-एक भंडारे में राशन, तेल, गैस, पानी, जूस और कामगारों के खर्चे को जोड़ा जाए तो यह लाखों रु. में आता है। यात्रा मार्ग में हजारों शिविर और भंडारे चलते हैं जिन्हें दानदाताओं के सहयोग से चलाया जाता है।

डीजे,वाहनों पर करोड़ों खर्च
कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे, संगीत, वाहन, डीजल, पेट्रोल आदि का कारोबार भी खूब चलता है। इसके साथ ही हजारों पुलिसकर्मी हर राज्य में कांवड़ ड्यूटी पर रहते हैं जिन पर सरकार का खर्च भी करोड़ों में पहुंचता है। जिन शहरों के मंदिरों में कांवड़ पहुंचती है वहां के शिवालयों के आसपास लगने वाले कांवड़ मेलों में सैकड़ों दुकानों का हिसाब-किताब भी करोड़ों रु. के कारोबार तक पहुंच जाता है।
हरिद्वार गंगा सभा से जुड़े तीर्थ पुरोहित अविक्षित रमन कहते हैं, ‘‘इस साल भी कांवड़ यात्रा भव्य और उत्साहपूर्ण होगी। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री हरिद्वार पहुंच रहे हैं। ‘बम भोले’, ‘गंगा मैया की जय’ के जयघोष का अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है।’’

हरिद्वार के एक समाजसेवी अमित शर्मा कहते हैं, ‘‘उत्तराखंड की धार्मिक यात्राओं से ही यहां की अर्थव्यवस्था चलती है। कांवड़ यात्रा से हजारों करोड़ रु. का कारोबार होने लगा है। यही वजह है कि सरकार भी कांवड़ यात्रा प्रबंधन में दिलचस्पी ले रही है।’’

वस्तुत: कांवड़ यात्रा एक प्रतिष्ठा यात्रा में बदल गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हों या उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, दोनों हेलिकॉप्टर से कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा करते हैं। कांवड़ ले जा रहे भोले के भक्तों का ऐसा सम्मान पहले कभी नहीं हुआ। शिवभक्तों का सम्मान होने और व्यवस्थापकों के उनसे विनम्रता से पेश आने की वजह से इतनी बड़ी यात्रा निर्विघ्न और सद्भाव से पूरी होती है।

Topics: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथहेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षापुष्कर सिंह धामीशिवभक्त कांवड़िएकांवड़ यात्रादेवभूमि से पावन संदेशभगवा ध्वजबुलडोजर बाबाउत्तराखंड मुख्यमंत्रीउत्तराखंड की धार्मिक यात्रातीर्थनगरीहरिद्वार गंगा जलबम भोले’गंगा मैया की जयतिरंगा ध्वज
Share8TweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Uttarakhand BJP meeting

BJP ने तीसरी बार सरकार बनाने के लिए कमर कसी, तरुण चुग ने बूथ प्रबंधन पर दिया जोर

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मिले मुख्यमंत्री धामी, उत्तराखंड के लिए रेल परियोजनाओं पर चर्चा

कांवड़ यात्रा में शामिल शिव भक्त। (फाइल फोटो)

उत्तराखंड: कांवड़ यात्रा को लेकर मुख्य सचिव ने की मैराथन बैठक, शिवभक्तों के लिए सुरक्षा की समीक्षा

Amarnath yatra

टनकपुर से कैलाश मानसरोवर यात्रा के प्रथम दल को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

MRI Machine Champawat

चंपावत में लगी पहली अत्याधुनिक MRI मशीन, CM धामी ने किया लोकार्पण, इन जिलों को होगा फायदा

हरिद्वार: जेपी नड्डा बोले- अंगदान है मानव सेवा का सर्वोच्च कार्य, दधीचि अंगदान संकल्प अभियान शुरू

Load More

ताज़ा समाचार

Uttarakhand Voter List 2026 Draft Publication CEO BVRC Purushottam Election Commission Camp

उत्तराखंड में SIR का प्रथम चरण पूरा: 19 लाख वोटरों के डेटा में मिली गड़बड़ी, जानिए कैसे सुधारें अपना नाम!

Punjab Terror Module ISI Drone Dropped Weapons AK 47 LMG Seized Amritsar Rural Police Delhi Threat

Punjab Terror Module: स्वतंत्रता दिवस से पहले ISI की बड़ी साजिश नाकाम! 2 AK-47, 2 LMG राइफलों और बमों के साथ 3 गिरफ्तार

Punjab Drug Bust Amritsar Counter Intelligence Seizes Heroin DGP Gaurav Yadav Pakistan Border Smuggling

पंजाब में सीमापार तस्करी नेटवर्क ध्वस्त! ₹210 करोड़ की 30 KG हेरोइन के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार, विदेशी हैंडलर से जुड़े तार

UP Education Services Selection Commission Prayagraj

यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग ने PGT, TET और अन्य परीक्षाओं को लेकर जारी की चेतावनी

Jagannath Rath Yatra Significance Darubrahma Puri Temple King Indradyumna

पुरी रथयात्रा विशेष: भारत की सनातन आस्था का महामहोत्सव है जगन्नाथ स्वामी का रथयात्रा उत्सव

India on PoJK Pakistan Human Rights Violations External Affairs Ministry New Delhi Global Community

पीओजेके को लेकर भारत सख्त, कहा- ‘PoJK में कुकृत्यों के लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराए अंतरराष्ट्रीय समुदाय’

International Court Credibility ICJ ICC Bias Debate Global Justice System National Sovereignty Marco Rubio

क्या अंतरराष्ट्रीय न्यायालय भी जवाबदेही से ऊपर हैं? अंतरराष्ट्रीय न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर छिड़ी बड़ी बहस!

Afghan Makeup Trend Viral Video Reels Instagram Women Burqa Protest Social Media

क्या है अफ़गान मेकअप ट्रेंड? और क्यों हो रहा है वायरल? बुर्के के पीछे छिपा है ये हैरान करने वाला सच!

CM Pushkar Singh Dhami Swami Ramdev Acharya Balkrishna Harela Parva Malagram Dhanwantari Dham Herbal World

Uttarakhand Harela Parva 2026: मालाग्राम में सीएम पुष्कर सिंह धामी, स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने किया पौधारोपण

Teejan Bai Passes Away Pandavani Singer Lokmanthan Parivar J Nandakumar Tribute Bhopal 2016

लोकसंस्कृति की अमर साधिका तीजन बाई का महाप्रयाण: लोकमंथन परिवार ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies