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चारधाम मंदिरों में दर्शन के लिए बदला गया समय, श्रद्धालुओं के लिए लॉकर रूम बनाए जाने पर विचार

केदारनाथ धाम में यात्रियों के समान को रखने के लिए लॉकर रूम बनाने की दिशा में शीघ्र पहल की जा रही है। मंदिर समिति लगातार गर्भगृह के वीडियो वायरल होने के कारण सुरक्षा के लिए इस तरह का निर्णय ले रही है।

Written byविपिन सेमवालविपिन सेमवाल
Jul 5, 2022, 03:28 pm IST
in उत्तराखंड

मानसून सीजन शुरू होने के साथ ही तीर्थयात्रियों की घटती संख्या को देखते हुए बदरी-केदार मंदिर समिति ने बड़ा निर्णय लिया है। मंदिर समिति ने केदारनाथ मंदिर के कपाट खोलने व बंद करने के समय में बदलाव किया है। साथ ही आम श्रद्धालुओं के लिए भी दर्शन का समय चार घंटे कम कर दिया है। पहले जहां श्रद्धालु सुबह 4 बजे से रात्रि 11 बजे तक बाबा केदार के दर्शन कर रहे थे, वहीं अब सुबह 5 बजे से केदारनाथ मंदिर में दर्शन शुरू होंगे और सायंकालीन आरती व श्रृंगार दर्शन के बाद रात्रि को 9 बजे मंदिर को बंद किया जा रहा है।

बता दें कि 6 मई को बाबा केदारनाथ के कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गये थे, जिसके बाद से हजारों की संख्या में बाबा के दर्शनों के लिए भक्त पहुंचे। कभी-कभार तो एक दिन में 20 से 22 हजार के करीब भी तीर्थयात्री केदारनाथ धाम पहुंचे। मई और जून माह में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के धाम पहुंचने से स्थानीय बेरोजगारों के चेहरों में खुशी देखने को मिली। दो साल कोरोना महामारी के कारण स्थानीय लोगों का व्यवसाय ठप हो चुका था, लेकिन इस बार की यात्रा ने पुराने सभी रिकॉर्ड को तोड़ने जा रही है। धाम में 60 दिनों में ही दर्शनार्थियों का आंकड़ा 8,56,721 पहुंच गया है। मानसून सीजन शुरू होते ही बाबा केदारनाथ की यात्रा भी धीमी हो जाती है, बावजूद इसके अभी भी हर दिन पांच से छः हजार के करीब तीर्थयात्री बाबा के धाम पहुंच रहे हैं।

ऐसे में बदरी-केदार मंदिर समिति ने बाबा केदार के दर्शन को लेकर बदलाव किया है। मानसून सक्रिय होने के साथ ही कम होती यात्रियों की संख्या को देखते हुए बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने केदारनाथ में सुबह कपाट खोलने, धर्म दर्शन, दोपहर को भोग व विश्राम और सायंकालीन आरती के बाद कपाट बंद करने के समय में भी बदलाव किया है। पहले जहां श्रद्धालु सुबह 4 बजे से रात्रि 11 बजे तक बाबा के दर्शन कर रहे थे, वहीं अब नई व्यवस्था के तहत सुबह पांच बजे से रात्रि नौ बजे तक ही भक्त बाबा के दर्शन कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था के तहत केदारनाथ में सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट खोले जा रहे हैं और आम श्रद्धालुओं को सुबह 5 बजे से आराध्य बाबा केदार के धर्म दर्शन कराए जा रहे हैं। दोपहर 3 बजे बाबा केदार को भोग लगाने के बाद मंदिर की साफ-सफाई व विश्राम के बाद शाम 5 बजे से पुनः मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जा रहे हैं।

वहीं, 6:30 से 7 बजे तक सायंकालीन आरती हो रही है, जिसमें हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन शामिल हो रहे हैं। इसके बाद रात्रि 9 बजे मंदिर के कपाट बंद किए जा रहे हैं। मंदिर समिति के अधिकारियों के अनुसार बीते दस दिनों से केदारनाथ मंदिर परिसर में सुबह से लगी यात्रियों की भीड़ दोपहर तीन बजे तक खत्म हो रही है। बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि यात्रियों की घटती संख्या को ध्यान में रखते हुए कपाट खोलने व दर्शनों के समय में परिवर्तन किया गया है।

लॉकर रूम की व्यवस्था पर विचार
केदारनाथ धाम में यात्रियों के समान को रखने के लिए लॉकर रूम बनाने की दिशा में शीघ्र पहल की जा रही है। मंदिर समिति लगातार गर्भगृह के वीडियो वायरल होने के कारण सुरक्षा के लिए इस तरह का निर्णय ले रही है। केदारनाथ यात्रा में कमी आने पर बदरी-केदार मंदिर समिति की ओर से गर्भगृह के दर्शन भी शुरू करवाए गए हैं, लेकिन कुछ तीर्थयात्री इसका गलत फायदा उठा रहे हैं। तीर्थयात्री गर्भगृह के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं, जिससे मंदिर की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। ऐसे में मंदिर समिति की ओर से मुख्य सचिव को पत्र भेजकर केदारनाथ मंदिर से कुछ दूरी पर लॉकर रूम बनाए जाने का सुझाव दिया गया है, जिससे तीर्थयात्री अपना मोबाइल व अन्य सामान को लॉकर रूम में सुरक्षित रख सकें और मंदिर के भीतर सिर्फ पूजा सामग्री लेकर जाएं।

बता दें कि विश्व विख्यात केदारनाथ मंदिर के गर्भ गृह में विराजमान बाबा केदार के स्वयं भू लिंग का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। मंदिर समिति की ओर से विगत एक जुलाई से मंदिर के गर्भ गृह में जाने की अनुमति भक्तों को मिली है और अनुमति मिलते ही भक्त बाबा केदार के स्वयंभू लिंग का वीडियो वायरल करने लगे हैं। जबकि मंदिर के मुख्य द्वार में साफ शब्दों में लिखा है कि गर्भ गृह की फोटो खींचना वर्जित है, बावजूद इसके कुछ श्रद्धालुओं ने गर्भगृह में पूजा-अर्चना की वीडियो बनाकर वायरल कर दी। मामला सोशल मीडिया में उठने के बाद लोगों ने केदारनाथ मंदिर की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

केदारनाथ कपाट खुलने के बाद धाम में यात्रियों की भीड़ अधिक होने के कारण बदरी-केदार मंदिर समिति की ओर से भक्तों को मंदिर के गर्भ गृह के दर्शन नहीं कराए जा रहे थे, लेकिन भीड़ कम होने के बाद गर्भ गृह में भक्तों को जाने दिया जा रहा है, मगर कई भक्त इसका गलत फायदा उठा रहे हैं और मंदिर के गर्भ गृह का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं। ऐसे में बदरी-केदार मंदिर समिति की ओर से भी मुख्य सचिव को पत्र लिखकर मंदिर से कुछ दूरी पर लॉकर रूम बनाए जाने का सुझाव दिया गया है, जिससे तीर्थयात्री अपना मोबाइल और इलक्ट्रोनिक सामान को लॉकर रूम में रख सके और मंदिर के भीतर सिर्फ पूजा सामग्री को लेकर जाए।

मंदिर समिति अध्यक्ष अजेन्द्र अजय ने कहा कि केदारनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं की कमी को देखते हुए गर्भगृह के दर्शन करवाए जा रहे हैं, लेकिन कुछ तीर्थयात्री इसका गलत फायदा उठा रहे हैं, जिस कारण प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सुझाव दिया गया है कि केदारनाथ मंदिर से कुछ दूरी पर लॉकर रूम स्थापित किया जाए। जिससे तीर्थयात्री बाबा केदार के स्वयंभू लिंग के दर्शन करने से पूर्व अपना बैग, मोबाइल व इलक्ट्रॉनिक सामान लॉकर रूम में जमा करवाकर दर्शन कर करेंगे। उन्होंने कहा कि मंदिर की सुरक्षा को लेकर यह कदम उठाया जाना जरूरी है।

Topics: DevoteesकेदारनाथKedarnathगुप्तकाशीBadrinathबदरीनाथGuptkashiChardham TempleLocker Roomचारधाम मंदिरश्रद्धालुलॉकर रूम
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