कोरोना योद्धाओं को वेतन नहीं दे पा रही झारखंड सरकार बांंट रही है ईदी
August 1, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

कोरोना योद्धाओं को वेतन नहीं दे पा रही झारखंड सरकार बांंट रही है ईदी

Written byरितेश कश्यपरितेश कश्यप
May 13, 2021, 05:30 pm IST
in भारत, झारखण्‍ड, बिहार

झारखंड में कोरोना योद्धा के रूप कार्यरत चिकित्सकों को वेतन नहीं मिल रहा है। इसी तरह जन संपर्क विभाग के कर्मचारी भी वेतन नहीं मिलने से भूखे मर रहे हैं। रांची विश्वविद्यालय में अनुबंध के आधार पर कार्यरत शिक्षकों को भी वेतन नहीं मिल रहा है, दूसरी ओर राज्य सरकार ने उर्दू शिक्षकों को ईदी के तौर पर वेतन देने के लिए 21.31 करोड़ रु. की राशि जारी कर दी है इन दिनों पूरा झारखंड महामारी से पीड़ित है। हालत यह है कि दूर—दराज के गांवों में भी लोग मर रहे हैं। उन्हें कोई देखने वाला नहीं है। चिकित्सकों की घोर कमी है और जो चिकित्सक दिन—रात काम कर रहे हैं, उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। सरकारी अस्पतालों में नवनियुक्त 380 चिकित्सकों को पांच महीने से वेतन नहीं मिला है। इन चिकित्सकों के पास घर का किराया देने और राशन खरीदने का भी पैसा नहीं है। ऐसे में ये चिकित्सक कार्य कैसे करते होंगे, इसका अंदाजा लगाना बहुत कठिन नहीं है। चिकित्सकों ने मुख्यमंत्री से कहा है कि यदि उन्हें जल्दी ही वेतन नहीं मिला तो उनके सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। वहीँ दूसरी ओर कोरोना से संक्रमित रिम्स के रेजिडेंट डॉक्टर मोहम्मद सिराजुद्दीन की गत दिनों मेडिका अस्पताल में मौत हो गयी। इसके बाद झारखण्ड सरकार के खिलाफ जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने रोष प्रकट किया और सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम देकर मुआवजे की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर एसोसिएशन ने आन्दोलन करने की बात कही है। झारखंड डॉक्टरर्स एसोसिएशन यानी जेडीए के मीडिया प्रभारी डॉ विकास ने बताया कि डॉ सिराजुद्दीन अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चे छोड़ गए हैं। उन्होंने मांग की है कि डॉ. सिराजुद्दीन के इलाज में जो खर्च हुआ है, उसकी भरपाई राज्य सरकार को करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केवल प्रोत्साहन राशि की घोषणा करती है,लेकिन अब तक किसी भी डॉक्टर को प्रोत्साहन राशि भी नहीं मिली है। वहीं एसोसिएशन के सचिव डॉ अनीतेष गुप्ता ने कहा कि डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी सरकार की गलत नीतियों का शिकार हो रहे हैं। एक तरफ झारखंड सरकार मौजूदा डॉक्टरों का वेतन और मुआवजा देने में आनाकानी कर रही है, वहीं दूसरी ओर कहा जा रहा है कि राज्य में डॉक्टरों और नर्सों की कमी के लिए अनुबंध पर नियुक्ति की जाएगी। जहां पहले से डॉक्टरों को वेतन नहीं मिल पा रहा है, वहां अनुबंध पर नियुक्त कर्मचारी और डॉक्टरों के वेतन की व्यवस्था करना कैसे संभव हो पाएगा, यह विचार करने वाली बात है। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी कहते हैं, ''इस विपदा के दौर में जो डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी दिन—रात काम कर रहे हैं, उन्हें वेतन नहीं देना बहुत ही शर्मनाक है। राज्य सरकार समय पर अपने कर्मचारियों और अधिकारियों को वेतन देने की व्यवस्था करे।'' झारखंड में ने केवल डॉक्टर, बल्कि जन संपर्क विभाग के कर्मचारियों को भी छह माह से वेतन नहीं मिलने से उन लोगों के सामने बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है। उल्लेखनीय है कि इन कर्मचारियों की नियुक्ति झारखंड सरकार के आदेश पर निजी कंपनियों ने की है। इनका काम है सरकार की बिगड़ती छवि को प्रचार के माध्यम से ठीक करना, लेकिन इन कर्मचारियों को छह महीने से वेतन नहीं मिला है। निजी कंपनियों का कहना है कि सरकार जब तक इनके लिए पैसे नहीं देगी तब तक इन्हें वेतन नहीं दिया जा सकता है। आर्थिक परिस्थिति और कोरोना महामारी से जूझ रही एपीआरओ नेहा तिवारी ने पिछले दिनों ट्वीट कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अपनी पीड़ा बताई है। नेहा ने लिखा है, ''मेरे द्वारा निष्ठापूर्वक काम किया गया और आज मेरा परिवार कोविड-19 पॉजिटिव हो चुका है। छह महीने से वेतन नहीं मिलने से हालत खराब है।'' जन संपर्क विभाग के 150 कर्मचारी ऐसी ही स्थिति से गुजर रहे हैं। इन दिनों रांची विश्वविद्यालय में अनुबंध के आधार पर सेवा देने वाले 450 शिक्षकों को भी वेतन नहीं मिल रहा है। उल्लेखनीय है कि चार वर्ष पहले रांची विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर विभागों और कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए अनुबंध पर 600 प्रवक्ता नियुक्त किए गए थे। इनमें से अभी भी 450 प्रवक्ता सेवा दे रहे हैं। इन्हें कभी भी समय पर मानदेय नहीं दिया गया है। एक वर्ष से इन लोगों को मानदेय का एक पैसा भी नहीं मिला है। इस कारण बहुत सारे प्रवक्ता भुखमरी का शिकार हैं। रांची विश्वविद्यालय के अधीन केसी कॉलेज, गुमला में अर्थशास्त्र विषय के प्रवक्ता डॉ. बिंदेश्वर साहू को समय पर मानदेय का भुगतान नहीं होने की वजह से उन्हें अपने बेटे के स्कूल की फीस जमा करने के लिए इन दिनों राजमिस्त्री का काम करना पड़ रहा है। गुमला के सिसई क्षेत्र के रहने वाले डॉ. साहू का कहना है कि आर्थिक विपन्नता और समय पर मानदेय न मिल पाने की वजह से वे रांची समेत आसपास के कई स्थानों पर राजमिस्त्री का काम कर चुके हैं। विश्वविद्यालय के पीजीटी विभाग में कार्यरत शिक्षकों को मार्च के बाद से मानदेय नहीं मिला है, वही डोरंडा कॉलेज में 16 माह, आरएलएसवाई कॉलेज में 15 माह, जैन कॉलेज में 13 माह, मारवाड़ी कॉलेज में 16 माह से शिक्षकों का मानदेय बकाया है। जो सरकार अपने चिकित्सकों, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं दे रही है, वही अपने वोट बैंक के लिए उर्दू शिक्षकों को वेतन देने में तनिक भी देर नहीं करती है। लोग कह रहे हैं कि यह सरकार है या बला! —रितेश कश्यप

रितेश कश्यप
रितेश कश्यप
डेढ़ दशक से पत्रकारिता में सक्रिय। राजनीति, सामाजिक और सम-सामायिक मुद्दों पर पैनी नजर। कर्मभूमि झारखंड।   [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Explainer: पाक अधिक्रांत जम्मू-कश्मीर में क्यों ‘मुस्लिमों की हत्या’ कर रही मुनीर की सेना? 37 को उतारा मौत के घाट

नीरज चोपड़ा ने जीता सिल्वर, यशवीर सिंह को ब्रॉन्ज; राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का डबल पदक

Project kusha

प्रोजेक्ट कुशा: भारत को मिलेगा S-400 जैसा स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम

ceuta migrant crisis

सेउटा माइग्रेंट क्राइसिस: मोरक्को से 50,000+ लोगों ने स्पेन में की घुसपैठ, 57 की मौत

Sawan 2026: ये है भगवान शिव का एक ऐसा अनोखा मंदिर जो साल में सिर्फ एक दिन खुलता है

आज का श्लोक : किसी भी देश की वास्तविक ताकत उसके नागरिकों की एकजुटता होती है

Load More

ताज़ा समाचार

Explainer: पाक अधिक्रांत जम्मू-कश्मीर में क्यों ‘मुस्लिमों की हत्या’ कर रही मुनीर की सेना? 37 को उतारा मौत के घाट

नीरज चोपड़ा ने जीता सिल्वर, यशवीर सिंह को ब्रॉन्ज; राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का डबल पदक

Project kusha

प्रोजेक्ट कुशा: भारत को मिलेगा S-400 जैसा स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम

ceuta migrant crisis

सेउटा माइग्रेंट क्राइसिस: मोरक्को से 50,000+ लोगों ने स्पेन में की घुसपैठ, 57 की मौत

Sawan 2026: ये है भगवान शिव का एक ऐसा अनोखा मंदिर जो साल में सिर्फ एक दिन खुलता है

आज का श्लोक : किसी भी देश की वास्तविक ताकत उसके नागरिकों की एकजुटता होती है

आज का राशिफल

आज का राशिफल: जानिए 1 अगस्त को किस राशि की चमकेगी किस्मत

आज का इतिहास

1 अगस्त का इतिहास: कृत्रिम हृदय प्रत्यारोपण से लेकर अखंड रामधुन तक, जानिए इस दिन की 2 बड़ी ऐतिहासिक घटनाएं

Kulgam Terror Attack Targeted Killing

नाम पूछकर अलग किया, फिर मारी थी हिंदू मजदूरों को गोली: कुलगाम आतंकी हमले में भी पहलगाम जैसा मजहबी पैटर्न!

Kulgam Terror Attack TRF Kashmir Migrant Laborers

कश्मीर के कुलगाम में प्रवासी मजदूरों पर आतंकी हमला: 1 की मौत, TRF ने ली हमले की जिम्मेदारी!

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies