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जयपुर में 21 फरवरी को भारतीय मजदूर संघ का अखिल भारतीय 17वां सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें पूरे देश से लगभग 2000 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री भैयाजी जोशी ने कहा कि ह्यदेश पहलेह्ण को ध्यान में रखते हुए श्रमिक क्षेत्र में काम करने के लिए भारतीय मजदूर संघ का गठन किया गया था। उन्होंने कहा कि पिछले 66 वर्ष में शिक्षा,चिकित्सा,सूचना प्रौद्योगिकी आदि क्षेत्रों में अच्छा काम हुआ है,फिर भी 40 से 45 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे गुजर-बसर कर रहे हैं। छह लाख गांवों में से केवल एक सवा लाख गांवों में ही माध्यमिक स्तर की शिक्षा सुविधा उपलब्ध है। लोगों को अपना परिवार पालने के लिए ही 14-15 घंटे कठोर मेहनत करनी पड़ती है। विकास की किरण हर व्यक्ति तक पहुंचे,यह लक्ष्य भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ताओं का होना चाहिए।
भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष श्री सीके सजीनारायण ने मांग की कि केन्द्र और राज्य सरकारें असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करें। यदि ऐसा नहीं होगा तो भारतीय मजदूर संघ आन्दोलन करेगा। कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री गोपाल शर्मा ने उद्योग,समाज और राष्ट्र के विकास में भारतीय मजदूर संघ के योगदान को रेखांकित किया। सम्मेलन में श्री भैयाजी जोशी ने श्री सीके सजीनारायण द्वारा लिखित पुस्तक ह्यटेन इयर्स ऑफ यूपीए-कालेप्स ऑफ पावरफुल इकानॉमीह्ण का लोकार्पण भी किया।
मंच पर श्री स्वदेश देवराय, श्री सजी नारायण, श्री भैयाजी जोशी, श्री बैजनाथ राय, श्री हरभजन सिंह सिद्धू, श्री लक्ष्मी भट्ट, श्री राजेन्द्र श्रीमाली और श्रीमती टीना स्टोर्मोस आदि उपस्थित थे। ल्ल प्रतिनिधि
अमदाबाद में श्रीगुरुजी व्याख्यानमाला
पिछले दिनों अमदाबाद (गुजरात) के टैगोर हॉल में श्रीगुरुजी व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। माधव स्मृति न्यास के तत्वावधान में आयोजित इस व्याख्यानमाला के मुख्य वक्ता थे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ,चित्तौड़ प्रान्त के प्रान्त संघचालक डॉ.भगवती प्रकाश शर्मा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमारे देश भारत में अभूतपूर्व क्षमता और सामर्थ्य है। इसका अच्छी तरह उपयोग किया जाए तो हम दुनिया में अपना एक अलग स्थान बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत का अतीत बहुत गौरवशाली रहा है।
हजारों वर्ष पहले हमारे ऋषि-मुनियों ने ज्ञान-विज्ञान के बारे में जो कुछ बताया था वह वैज्ञानिक अनुसंधानों से सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व में सर्वाधिक युवा धन भारत के पास है। हमारे युवा दुनियाभर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं और अपने देश का नाम ऊंचा कर रहे हैं। आज दुनिया के अनेक देशों में भारतीय युवा इंजीनियर, डॉक्टर, कंप्यूटर विशेषज्ञ के तौर पर काम कर रहे हैं। इन युवाओं की प्रतिभा का उपयोग भारत के लिए भी हो। इसके लिए युवा पीढ़ी को शिक्षा के साथ-साथ संस्कारित करना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता माधव स्मृति न्यास, अमदाबाद के कार्यकारी न्यासी श्री बल्लभ भाई सांवरिया ने की। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, गुजरात प्रान्त के प्रान्त संघचालक डॉ. जयंती भाई भाडेसिया सहित अनेक लोग उपस्थित थे।
– वि.सं.के.गुजरात
संत सीताराम का उत्तराखण्ड में स्वागत
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रचारक एवं अखिल भारतीय सेवा प्रमुख रहे श्री सीताराम केदिलाय (संत सीताराम) पिछले दो वर्ष से पदयात्रा कर भारत भ्रमण पर निकले हुए हंै। संत सीताराम ने पिछले वर्ष कन्याकुमारी से पैदल यात्रा शुरू की है।
देश के विभिन्न राज्यों की यात्रा करते हुए वे पिछले दिनों हिमाचल प्रदेश के पौंटा साहिब होते हुए उत्तराखण्ड पहुंचे। यहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सैकड़ांे स्वयंसेवकों ने उनका भव्य स्वागत किया। श्री केदिलाय उत्तराखण्ड में तीन महीने तक पदयात्रा करेंगे और विभिन्न स्थानों पर जाएंगे। इस पदयात्रा के दौरान वे गांव तथा पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करंेगे।
– प्रतिनिधि
बंगलादेशी घुसपैठियों के विरुद्ध बजरंग दल का प्रदर्शन
बंगलादेशी मुस्लिम घुसपैठियों को सीमा पार करने की मांग को लेकर 25 फरवरी को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने देशभर में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को सम्बोधित करते हुए ज्ञापन सौंपा। देश के सभी जिला मुख्यालयों पर हुए इस प्रदर्शन में बजरंग दल के कार्यकर्ता बड़े गुस्से में दिखे। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हाथों में भगवा ध्वज, बैनर व प्ले कार्ड लिए हुए थे। बजरंग दल के कार्यकर्ता 'प्रधानमंत्री जागो जी, घुसपैठियों को भगाओ जी', 'घुसपैठिए भगाओ – देश बचाओ', 'बजरंग दल करता यह मांग, घुसपैठियों से बचाओ जान', 'प्रधानमंत्री शर्म करो, शर्म करो, शर्म करो' जैसे नारे लगा रहे थे।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए विश्व हिन्दू परिषद् के राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट प्रकाश शर्मा ने इस सम्बन्ध में केंद्र सरकार की ढुलमुल नीति की कटु आलोचना करते हुए कहा कि सन् 2005 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एक-एक बंगलादेशी को चुन-चुन कर भगाने संबंधी स्पष्ट आदेश के बावजूद लगभग पांच लाख बंगलादेशी आज भी देश की सुरक्षा तथा संसाधनों पर खतरा बने हुए हैं। उन्होंने मांग की कि भारत सरकार इन सभी घुसपैठियों को शीघ्रातिशीघ्र भारत की पवित्र भूमि से खदेड़े जिससे भारतवंशी चैन की नींद सो सकें । प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमण्डल ने राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी को इस सम्बन्ध में एक ज्ञापन भी सौंपा।
मालूम हो कि इस समय देश का कोई भी ऐसा कोना नहीं है जहां बंगलादेशी मुस्लिम घुसपैठिये न रह
रहे हों। ये लोग रोजगार और संसाधनों पर भारतीयों के हक पर डाका डाल रहे हैं।
– प्रतिनिधि
समान अवसर सिर्फ मुसलमानों का, हिन्दुओं का नहीं?
इन्द्रप्रस्थ विश्व हिन्दू परिषद् ने यूपीए सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों के लिए बनाए गए समान अवसर आयोग के सन्दर्भ में कहा है कि यह आयोग देश में न सिर्फ असमानता,बल्कि असंतोष व अलगाववाद भी पैदा करेगा। 22 फरवरी को दिल्ली में हुई एक बैठक में वक्ताओं ने इसे भारत विभाजन की ओर उठाया गया एक और कदम बताया। विहिप दिल्ली के महामंत्री श्री रामकृष्ण श्रीवास्तव ने सरकार से पूछा है कि क्या समान अवसर सिर्फ मुसलमानों का अधिकार है, हिन्दुओं का नहीं?
विश्व हिन्दू परिषद् ने इस आयोग के गठन को गंभीरता से लेते हुए इसे हिन्दुओं के साथ मजाक और उन्हें प्रताडि़त करने वाला माना है। बैठक में कहा गया कि संप्रग सरकार ने देश के इतिहास में पहली बार अल्पसंख्यक मंत्रालय बनाया। अब मुसलमानों के लिए समान अवसर आयोग बनाया गया। ऐसा लगता है कि हिन्दूद्रोही विधेयक सांप्रदायिक हिंसा रोकथाम विधेयक को पारित कराने में नाकाम रही केन्द्र सरकार अब इस नए आयोग के गठन के माध्यम से पिछले दरवाजे से इसे लागू करना चाहती है।
उल्लेखनीय है कि समान अवसर आयोग में यह कहा गया है कि यदि कोई मकान मालिक किसी मुस्लिम को किराये पर घर देने से मना करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। इसमें यह भी कहा गया है कि निजी संस्थानों में यदि किसी मुस्लिम को उसके मजहब के आधार पर नौकरी देने से मना किया जाएगा तो संबंधित संस्थान के विरुद्ध कार्रवाई हो सकती है। इस भेदभावपूर्ण आयोग से आम भारतीय भयभीत है।
– प्रतिनिधि











