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Archive उर्दू अखबारों ने लिखास्वामी जी की गिरफ्तारी"बाबरी ध्वंस" से बड़ी घटना है-शाहिद रहीम11 नवम्बर, 2004 की
Archive गुजरात में सूखी नदियों को जीवित करने का अभिनव प्रयोग दिंनाक: 12 Dec 2004 00:00:00 गुजरात में सूखी नदियों को जीवित करने का अभिनव प्रयोग 30 नदियों पर 65 अवरोध बांध बनाए गए गुजरात सरकार ने सौराष्ट्र क्षेत्र में सूखी पड़ी नदियों को पुन: जीवित करने के लिए “सरदार पटेल सहकारी जल संचय योजना” के तहत 30 नदियों पर 65 बड़े अवरोध बांध बनाए हैं। इस योजना के अंतर्गत सरकार ने सौराष्ट्र जलधारा न्यास, अंबुजा सीमेन्ट फाउन्डेशन, आगा खान न्यास एवं अन्य गैर-सरकारी संस्थाओं और जनसहयोग से इन अवरोधों का निर्माण प्रारम्भ किया था। योजना की सफलता को देखते हुए अन्य नदियों पर भी अवरोध निर्माण हेतु सर्वेक्षण किया जा रहा है। उल्लेखनीय है इस अभिनव प्रयोग में स्वैच्छिक संस्थाओं, जनसहयोग एवं सौराष्ट्र जलधारा न्यास की प्रमुख भूमिका रही है। जो गांव अवरोध बांध बनवाना चाहता है उसे सौराष्ट्र जलधारा न्यास कई तरह की सेवाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराता है। निर्माण सामग्री भी कम मूल्य पर उपलब्ध करवाई जाती है। राज्य सरकार 60 प्रतिशत आर्थिक सहायता करती है तथा सौराष्ट्र जलधारा न्यास प्रशासनिक व्यय का 20 प्रतिशत वहन करता है। यदि ग्रामीण श्रमदान भी करते हैं तो सम्पूर्ण निर्माण का 10 प्रतिशत खर्च ही वहन करना होता है। – विद्या पसारी तलपट तिरुपति (आंध्र प्रदेश) स्थित भगवान वेंकटेश्वर मन्दिर अपनी विशिष्ट पहचान के लिए दुनियाभर में विख्यात है। वर्षभर करोड़ों श्रद्धालु यहां दर्शन करने एवं अपना मुण्डन संस्कार करवाने आते हैं। एक अनुमान के अनुसार यहां प्रतिमाह 1800 कुन्तल बाल इकट्ठा हो जाते हैं। 16
Archive गुजरात में सूखी नदियों को जीवित करने का अभिनव प्रयोग दिंनाक: 12 Dec 2004 00:00:00 गुजरात में सूखी नदियों को जीवित करने का अभिनव प्रयोग 30 नदियों पर 65 अवरोध बांध बनाए गए गुजरात सरकार ने सौराष्ट्र क्षेत्र में सूखी पड़ी नदियों को पुन: जीवित करने के लिए “सरदार पटेल सहकारी जल संचय योजना” के तहत 30 नदियों पर 65 बड़े अवरोध बांध बनाए हैं। इस योजना के अंतर्गत सरकार ने सौराष्ट्र जलधारा न्यास, अंबुजा सीमेन्ट फाउन्डेशन, आगा खान न्यास एवं अन्य गैर-सरकारी संस्थाओं और जनसहयोग से इन अवरोधों का निर्माण प्रारम्भ किया था। योजना की सफलता को देखते हुए अन्य नदियों पर भी अवरोध निर्माण हेतु सर्वेक्षण किया जा रहा है। उल्लेखनीय है इस अभिनव प्रयोग में स्वैच्छिक संस्थाओं, जनसहयोग एवं सौराष्ट्र जलधारा न्यास की प्रमुख भूमिका रही है। जो गांव अवरोध बांध बनवाना चाहता है उसे सौराष्ट्र जलधारा न्यास कई तरह की सेवाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराता है। निर्माण सामग्री भी कम मूल्य पर उपलब्ध करवाई जाती है। राज्य सरकार 60 प्रतिशत आर्थिक सहायता करती है तथा सौराष्ट्र जलधारा न्यास प्रशासनिक व्यय का 20 प्रतिशत वहन करता है। यदि ग्रामीण श्रमदान भी करते हैं तो सम्पूर्ण निर्माण का 10 प्रतिशत खर्च ही वहन करना होता है। – विद्या पसारी तलपट तिरुपति (आंध्र प्रदेश) स्थित भगवान वेंकटेश्वर मन्दिर अपनी विशिष्ट पहचान के लिए दुनियाभर में विख्यात है। वर्षभर करोड़ों श्रद्धालु यहां दर्शन करने एवं अपना मुण्डन संस्कार करवाने आते हैं। एक अनुमान के अनुसार यहां प्रतिमाह 1800 कुन्तल बाल इकट्ठा हो जाते हैं। 16
Archive इस्लामी देश मिस्र की मस्जिदों मेंअजान की गूंज पर पाबंदीअब कम्प्यूटर के जरिए होगी अजान-मुजफ्फर हुसैनन