गत 23 अगस्त को नई दिल्ली की एक सेवा बस्ती में सेवा, समरसता और आत्मीयता का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। रोहिणी, सेक्टर-4 स्थित इस सेवा बस्ती में श्रीपेजावर अधोक्षजमठ के पीठाधीश्वर तथा श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के न्यासी पूज्य श्री श्री विश्वप्रसन्नतीर्थ स्वामी जी ने प्रवास किया।
पूज्य स्वामी जी ने बस्ती के विभिन्न परिवारों के घरों में जाकर उनसे आत्मीय भेंट की, उनका कुशलक्षेम जाना और परिवारों को आशीर्वाद प्रदान किया। साधारण परिवारों के घरों में एक संत का सहज भाव से पहुंचना बस्तीवासियों के लिए अत्यंत भावुक एवं प्रेरणादायी क्षण रहा। स्वामी जी के घर-घर प्रवास ने यह संदेश दिया कि सेवा और समरसता में कोई भेद नहीं होता तथा समाज के प्रत्येक व्यक्ति में नारायण का दर्शन ही भारतीय संस्कृति की मूल भावना है।
इस दौरान आयोजित सत्संग एवं संवाद कार्यक्रम में स्वामी जी ने कहा कि ‘नर सेवा ही नारायण सेवा है।’ स्वामी जी ने बस्तीवासियों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को शिक्षा और संस्कार से जोड़ें, युवाओं को कौशल एवं रोजगार की दिशा में आगे बढ़ाएं तथा समाज में परस्पर सहयोग और समरसता की भावना को मजबूत करें। बता दें कि एक समय यह सेवा बस्ती अशिक्षा, व्यसन, सामाजिक कुरीतियों और अनेक कठिनाइयों से जूझ रही थी।
संसाधनों एवं उचित मार्गदर्शन के अभाव में बच्चों और युवाओं के सामने भी अनेक चुनौतियां थीं। इस स्थिति को बदलने के लिए सेवा भारती एवं विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने सेवा को माध्यम और आत्मीय संपर्क को आधार बनाकर निरंतर कार्य प्रारंभ किया। वर्षों के सतत प्रयासों का परिणाम आज बस्ती के बदलते वातावरण के रूप में दिखाई दे रहा है।

















