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होम भारत

कॉकरोचों के बाद अब अस्तित्व में आई ‘दिमागी नक्सल जनता पार्टी’, जानिए इसके बारे में

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Aug 18, 2026, 07:56 am IST
inभारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश विरोधी काम करने वाले तत्वों को दिमागी नक्सल करार देते हुए कहा था कि हमने हथियारी नक्सल से तो मुक्ति पा ली है, लेकिन अब हमें दिमागी नक्सल से छुटकारा पाने की आवश्कता है। उन्होंने ये बात 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस भाषण पर कहा था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर एक नई पार्टी जैसी चीज उभर आई है। नाम है दिमागी नक्सल पार्टी या डीएनजेपी। यह सप्ताहांत में शुरू हुई और जल्दी ही चर्चा में आ गई।

पार्टी कैसे शुरू हुई

पीएम ने लाल किले से कहा था कि सशस्त्र नक्सलवाद लगभग खत्म हो गया है, लेकिन दिमागी नक्सल अभी भी हैं। ये लोग विचारधारा के स्तर पर नक्सल मानसिकता रखते हैं और अशांति फैलाने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने इन्हें पहचानकर अलग-थलग करने की बात कही।

इसके जवाब में कांग्रेस के पी. चिदंबरम ने एक्स पर लिखा कि वे गर्व से खुद को दिमागी नक्सल कहते हैं। अभिनेता प्रकाश राज ने एक रील पोस्ट की जिसमें उन्होंने लोगों से दिमागी बनने और बेवकूफ न बनने की अपील की।

इसे भी पढ़ें: ट्रम्प ने की भारत के चुनाव सिस्टम की तारीफ, कहा- अमेरिका को भी सेव अमेरिका एक्ट पास करना चाहिए

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने साफ किया कि यह शब्द विपक्ष के लिए नहीं था। उन्होंने तीन तरह के लोगों को दिमागी नक्सल बताया:

  • जो माओवादियों का समर्थन करते हैं और संविधान को नकारते हैं।
  • जो अलगाववादियों के साथ खड़े होते हैं और अनुच्छेद 370 का समर्थन करते हैं।
  • जो पूर्वोत्तर को भारत से अलग करने के लिए चिकन नेक काटने की बात करते हैं।

सोशल मीडिया पर तेजी से फैलाव

पार्टी के इंस्टाग्राम अकाउंट ने कुछ ही दिनों में लाखों फॉलोअर्स जुटा लिए। एक्स हैंडल @DNJP_India के भी करीब 14,000 फॉलोअर्स हो गए। कई लोगों ने अपने नाम के आगे ‘दिमागी नक्सल’ जोड़ लिया। एक इंस्टा पोस्ट में लिखा गया, “जब कोई दिमागी नक्सल कहता है तो मुझे सिर्फ इंटेलेक्चुअल बैडी सुनाई देता है।”

वेबसाइट भी बनाई गई है। उस पर मैनिफेस्टो और एंथम है। एंथम रंग दे बसंती फिल्म के उस क्लिप से लिया गया है जिसमें अभिनेता सरफरोशी की तमन्ना वाली कविता पढ़ते हैं। स्लोगन है— थिंक, रिसर्च, रेसिस्ट।

कॉकरोच जनता पार्टी से नाता

डीएनजेपी अपनी वेबसाइट पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को सिब्लिंग पार्टी बताती है। सीजेपी का शुरूआत अभिजीत डिपके के ट्वीट से हुई थी— “व्हाट इफ ऑल द कॉकरोचेज कम टुगेदर?” डीएनजेपी का पहला ट्वीट भी लगभग वैसा ही था— “व्हाट इफ ऑल दिमागी नक्सल कम टुगेदर?”

मैनिफेस्टो में क्या लिखा है

सीजेपी के उलट डीएनजेपी के मैनिफेस्टो में साफ कहा गया है कि कोई झंडा नहीं होगा, कोई खास फॉन्ट नहीं होगा और फाउंडर प्रेस में नहीं आएगा। पार्टी में शामिल होने के लिए सिर्फ दो चीजें चाहिए— दिमाग काम करना चाहिए और जोर से ‘वेट, व्हाई दो?’ पूछने की हिम्मत होनी चाहिए।

वेबसाइट पर लिखा है कि ‘दिमागी नक्सल’ और ‘अंटी-नेशनल’ जैसे शब्द हर तरफ से इस्तेमाल होते हैं और अक्सर आलोचना को दबाने के लिए लगाए जाते हैं। हर पार्टी ने कभी न कभी दूसरी तरफ को अंटी-नेशनल कहा है। डीएनजेपी का दावा है कि जो लोग सच में सोचते हैं, वे हर पार्टी में बिखरे हुए हैं और यह लेबल उन्हें एक साथ ला सकता है।

फाउंडर की पहचान नहीं पता

ऑनलाइन फाउंडर खुद को सिर्फ ‘ए दिमागी इंडियन’ कहता है। किसी ने सार्वजनिक रूप से नाम नहीं बताया है। को-फाउंडर का नाम कुछ जगहों पर ‘56 इंच का’ लिखा मिला है। अकाउंट संभालने वाले व्यक्ति या ग्रुप की असली पहचान अभी भी रहस्य बनी हुई है।

Topics: किरेन रिजिजूप्रकाश राजसीजेपीदिमागी नक्सल क्या हैDNJP पार्टीमोदी नक्सल बयानदिमागी नक्सल पार्टी
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
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