सोशल मी़डिया पर अश्लील पोस्ट और वीडियो वायरल होना आम बात सी हो गई है। इस पर कंपनी कोई नियंत्रण नहीं है। पहले भारत और अब खबर मैक्सिको से है। जहां, न्यू मेक्सिको कोर्ट ने मेटा को बच्चों की मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचाने के लिए 56.7 करोड़ डॉलर (567 मिलियन डॉलर) देने का आदेश दिया है। यह फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा के खिलाफ चलाए गए एक बड़े मुकदमे का हिस्सा है।
क्या है पूरा मामला
न्यू मेक्सिको राज्य के अटॉर्नी जनरल राउल टोरेज ने 2023 में मेटा पर मुकदमा दायर किया था। इसमें आरोप था कि कंपनी के प्लेटफॉर्म बच्चों की मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं और उन पर यौन शोषण जैसी घटनाओं के बारे में जानकारी छिपाई गई। मार्च 2026 में मुकदमे के पहले चरण में जूरी ने मेटा को दोषी पाया। जूरी ने कहा कि कंपनी जानबूझकर बच्चों की मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचाती रही और प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े मामलों की जानकारी छिपाई। इस चरण में कंपनी पर 37.5 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया गया। यह मुकदमा मेटा को अपने प्लेटफॉर्म पर हुई गतिविधियों के लिए जिम्मेदार ठहराने वाला पहला बड़ा फैसला था।
कोर्ट का नया फैसला
6 अगस्त 2026 को जज ब्रायन बीडशाइड ने मुकदमे के दूसरे चरण में फैसला सुनाया। उन्होंने मेटा को 56.7 करोड़ डॉलर का भुगतान करने का आदेश दिया। इसमें से 42 करोड़ डॉलर युवाओं के इलाज और ट्रीटमेंट सर्विसेज के लिए इस्तेमाल होंगे। बाकी पैसा जागरूकता, रोकथाम, स्क्रीनिंग सर्विसेज और अन्य खर्चों के लिए अगले पांच साल तक खर्च किया जाएगा। जज ने इसे एक फंड बनाने का आदेश दिया है जो न्यू मेक्सिको में बच्चों और किशोरों पर हुए नुकसान को कम करने के लिए इस्तेमाल होगा।
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मेटा को और क्या करने को कहा गया
जज ने मेटा को कुछ बदलाव करने के भी निर्देश दिए। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर ऐसे बैनर और जानकारी वाले स्क्रीन लगाने होंगे जो सुरक्षा फीचर्स, अच्छे तरीकों और अनुचित कमेंट से निपटने के टूल्स के बारे में साफ-साफ बताएं। ये बदलाव और न्यू मेक्सिको में चलने वाला एक जागरूकता अभियान राज्य की समीक्षा के अधीन रहेगा।
अन्य निर्देशों में उम्र की जांच सुधारना, 13 साल से कम उम्र के यूजर्स का अनुमान लगाने वाला मॉडल बनाने की कोशिश, न्यू मेक्सिको के कुछ यूजर्स से उम्र का सबूत मांगना और जरूरत पड़ने पर उन्हें कम उम्र वाला मानकर रखना शामिल है। किशोरों के इस्तेमाल पर कुछ सीमाएं, नोटिफिकेशन पर पाबंदियां और वयस्कों के संपर्क पर नियंत्रण जैसे कदम भी बताए गए हैं।
मेटा का रुख
मेटा ने फैसले से असहमति जताई है और अपील करने का फैसला लिया है। कंपनी का कहना है कि वह प्लेटफॉर्म पर लोगों को सुरक्षित रखने के लिए काम करती है और नुकसान पहुंचाने वाले कंटेंट या बुरे यूजर्स को पहचानने-हटाने की चुनौतियों के बारे में पारदर्शी रही है। मेटा अपने रिकॉर्ड पर भरोसा जताती है कि वह किशोरों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए काम कर रही है।











