दिल्ली सरकार ने देशभक्ति ओर राष्ट्रीय चेतना के लिए काम करने वाले लेखकों, कवियों, हिंदी-सेवियों और अन्य कलमकारों को स्वामी विवेकानंद पुरस्कार, अहिल्याबाई होल्कर पुरस्कार, वीर सावरकर पुरस्कार, दीनदयाल उपाध्याय पुरस्कार और अटल बिहारी वाजपेयी पुरस्कार से सम्मानित करेगी।
इसके लिए दिल्ली सरकार की हिंदी अकादमी ने आवेदन मांगे हैं। इच्छुक आवेदकों को 14 दिन के अंदर अपनी प्रविष्टियां भेजनी होंगी। विशेष बात यह है कि पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान इन पुरस्कारों को विभिन्न नामों से जाना जाता था, लेकिन अब भाजपा सरकार ने इनके नाम बदल दिए हैं।
आम आदमी पार्टी की सरकार में महिला लेखकों और हिंदी-सेवियों को दिए जाने वाला संतोष कोली सम्मान अब अहिल्याबाई होल्कर के नाम से जाना जाएगा। प्रसिद्ध व प्रतिष्ठित श्लाका सम्मान अब पं. दीनदयाल उपाध्याय के नाम से जाना जाएगा। साथ ही इसकी राशि भी पांच लाख से बढ़ाकर सात लाख कर दी गई है।
इसके साथ ही भारतीय संस्कृति तथा ज्ञान-परंपरा के लिए दिए जाने वाले सम्मान को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से दिया जाएगा। इसमें पांच लाख की राशि दी जाएगी। राष्ट्रीय चेतना के लिए कार्य करने वाले हिंदी-सेवियों को वीर सावरकर सम्मान दिया जाएगा। हिंदी साहित्यकार सम्मान को पं. मदन मोहन मालवीय के नाम से दिया जाएगा। बाल साहित्य के लिए कार्य करने वाले लेखकों को बाबा जोरावर सिंह सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।

















