दिल्ली में प्रदर्शनों से त्योहारी कारोबार पर असर पड़ा है। सीजेपी ने शुक्रवार को कनॉट प्लेस पर प्रदर्शन का ऐलान किया था। उसके बाद वहां का माहौल लगभग कर्फ्यू जैसा हो गया। त्योहारी सीजन चल रहा है, फिर भी शुक्रवार दोपहर को ग्राहक बहुत कम दिखे। दुकानें खुली थीं, लेकिन भारी पुलिस तैनाती और प्रदर्शन की वजह से खरीदार आसानी से नहीं पहुंच पा रहे थे। दुकानदार इस पीक सीजन में कारोबार को लेकर चिंतित हैं।
वीकेंड की बिक्री पर बड़ा असर
आमतौर पर वीकेंड में 80-90 प्रतिशत बिक्री होती है। एक विक्रेता प्रतिनिधि ने बताया कि अभी सामान्य ग्राहकों का 10 प्रतिशत भी नहीं दिख रहा। गुजरात से आई एक महिला विक्रेता, जो हर साल पारंपरिक सामान बेचने आती हैं, ने कहा कि परिवार ने इस बार न आने की सलाह दी थी। फिर भी आईं, लेकिन ग्राहक लगभग न के बराबर हैं।
कई बाजारों में बिक्री घटी
कनॉट प्लेस, खान मार्केट और पुरानी दिल्ली के बाजारों के व्यापारियों ने बार-बार हो रहे प्रदर्शनों से नाराजगी जताई है। उन्होंने बताया कि सड़कें बंद होने और आवाजाही पर रोक की वजह से बिक्री 10 प्रतिशत तक गिर गई है। व्यापारियों ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर मांग की है कि प्रदर्शनों को प्रमुख व्यावसायिक इलाकों से दूर रखा जाए। कई व्यापार संघों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई 26 अक्टूबर के लिए तय की है।
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कनॉट प्लेस पर प्रदर्शन न हो
न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (एनडीटीए) ने गुरुवार रात अपील जारी की। उन्होंने कहा कि विरोध का अधिकार हम सम्मान करते हैं, लेकिन कनॉट प्लेस आपका मंच नहीं, हमारा काम करने की जगह है। पोस्टर में लिखा था कि आप बेहतर कल के लिए प्रदर्शन करते हैं, हमारे आज को मत मारो। एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने बताया कि सीजेपी के ‘लहरा दो तिरंगा’ कार्यक्रम के बाद इंडिया ब्लॉक का एक और प्रदर्शन हो गया, जिससे परेशानी बढ़ गई। हमें किराया, स्टाफ का वेतन और प्रॉपर्टी टैक्स चुकाना पड़ता है। भारी नुकसान हो रहा है। कनॉट प्लेस उत्तर और दक्षिण दिल्ली को जोड़ने वाला मुख्य हब है, इसलिए प्रदर्शनकारियों को निर्धारित जगहों का इस्तेमाल करना चाहिए।
ट्रैफिक जाम और पाबंदियों से दिक्कत
खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव मेहरा ने बताया कि निजामुद्दीन, इंडिया हैबिटेट सेंटर, सफदरजंग और रेस कोर्स की तरफ से सभी एंट्री पॉइंट बंद कर दिए गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को संकेत दिया कि अगर तिरंगा यात्रा की वजह से अवैध रूप से कारोबार प्रभावित पाया गया तो व्यापारियों को मुआवजा मिल सकता है। दिल्ली व्यापार महासंघ के उपाध्यक्ष राजेंद्र कपूर ने प्रधानमंत्री को पत्र में लिखा कि सादर बाजार, चांदनी चौक, खारी बावली, भागीरथ पैलेस जैसे बाजार देशभर के खरीदारों को सेवा देते हैं। ट्रैफिक जाम और पाबंदियों से ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पाते।
रोजी-रोटी पर दबाव बढ़ा
सादर बाजार बारी मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि महंगाई पहले से दबाव बना रही है, ऊपर से प्रदर्शनों ने मुश्किल बढ़ा दी। अगर त्योहारी सामान समय पर नहीं बिका तो पूंजी फंस जाएगी। पालिका बाजार मार्केट शॉपकीपर्स एसोसिएशन के महासचिव विनय ठाकुर ने पूछा कि हमारी रोजी-रोटी कमाने के अधिकार का क्या? उन्होंने बताया कि यह लगातार दूसरा वीकेंड है जब कारोबार बाधित हो रहा है।















