सोमवार को कांग्रेस और INDI गठबंधन के नेताओं को बड़ा झटका लगा है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने उनसे मिलने से साफ इनकार कर दिया है। विपक्षी दल सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालकर कथित चुनावी धांधली को लेकर ज्ञापन सौंपने की तैयारी में थे, लेकिन CJI ने कहा कि मिलने की जरूरत नहीं है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, विपक्षी गठबंधन सोमवार शाम 4 से 5 बजे के बीच CJI से मिलना चाहता था। वे सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालकर ज्ञापन देना चाहते थे। इससे पहले 9 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों का एक दल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मिल चुका था। लेकिन, कांग्रेस की मांग पर CJI ने स्पष्ट कहा कि जिन मुद्दों को विपक्ष उठाना चाहता है, वे पहले से ही अदालत में विचाराधीन हैं और उन पर सुनवाई चल रही है। इसलिए मार्च की जगह याचिका दायर करें।
CJI ने ईमेल से जवाब देते हुए विस्तार से वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि अदालत के पास किसी भी राजनीतिक दल के प्रतिनिधिमंडल से प्रशासनिक स्तर पर मिलने का अधिकार नहीं है। अदालत का काम याचिका पर सुनवाई करना और फैसला देना है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सुप्रीम कोर्ट देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था है। इसके दरवाजे सभी के लिए 24 घंटे खुले हैं और यह हर नागरिक के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
#WATCH | Hyderabad | On the INDIA bloc's protest scheduled in Delhi, Telangana BJP President N Ramchander Rao says, "It is very unfortunate that the Congress party, with its intention of creating anarchy in the country, wants people to lose faith in constitutional institutions… pic.twitter.com/ZG2zq42ghQ
— ANI (@ANI) October 12, 2026
भाजपा ने साधा निशाना
इस बीच दिल्ली में कांग्रेसियों और इंडि गठबंधन के विरोध प्रदर्शन पर तेलंगाना BJP अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने कहा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस पार्टी देश में अराजकता फैलाने के इरादे से लोगों का ECI, भारत के राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट जैसी संवैधानिक संस्थाओं से भरोसा कम करना चाहती है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट एक स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था है; अगर कोई इसे राजनीतिक विवाद में घसीटने की कोशिश करता है, तो यह देश की पूरी न्यायपालिका और वकीलों के समुदाय का अपमान है। कोई भी समझदार व्यक्ति इस तरह से सुप्रीम कोर्ट नहीं जाएगा या सुप्रीम कोर्ट के जजों से नहीं मिलेगा। अगर उन्हें कोई शिकायत है, तो वे कोर्ट में केस दायर कर सकते हैं, लेकिन वे किसी राजनीतिक मांग के लिए ज्ञापन सौंपने के वास्ते अपॉइंटमेंट नहीं मांग सकते। “















