सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली और आसपास के इलाकों में हाल में हुई रेप की घटनाओं पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस से साफ कहा कि यौन अपराध करने वाले लोगों के मन में डर पैदा करना जरूरी है। जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने स्वतः संज्ञान लेकर इस मामले की सुनवाई की। साथ ही कहा कि पुलिस रात के साढ़े 10 बजे तक भी उपस्थित रहें।
हाल की घटनाएं
कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में हुई कुछ हालिया घटनाओं का जिक्र किया। इनमें दक्षिण दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 साल की किशोरी से गैंगरेप का मामला, स्वरुप नगर में एक किशोरी के साथ गैंगरेप और हत्या का मामला और ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जा रही स्लीपर बस में नाबालिग लड़की से यौन उत्पीड़न का मामला शामिल है। बस करीब 47 किलोमीटर चली थी, लेकिन बीच में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
डर पैदा करने की बात
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को याद दिलाया कि सिर्फ अपराध होने के बाद कार्रवाई काफी नहीं है। पहले अपराध रोकना ज्यादा जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि जब तक असामाजिक तत्वों के मन में यह डर नहीं बैठता कि अगर उन्होंने कुछ किया तो मर जाएंगे, तब तक हालात नहीं सुधरेंगे। कोर्ट ने कहा कि रेप किसी भी समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
पुलिस से सवाल
आस्था कुंज पार्क वाले मामले का जिक्र करते हुए कोर्ट ने पूछा कि लोग पहले ही उन लोगों के बारे में चेतावनी दे चुके थे, फिर भी जरूरी कदम क्यों नहीं उठाए गए। कोर्ट ने पूछा कि ऐसे अपराधों को रोकने के लिए पुलिस क्या करती है। कोर्ट ने कहा कि मिलकर काम करें तो बदलाव आ सकता है। ऐसा माहौल बने कि रात 10 बजे या 11 बजे भी सड़क पर या मेट्रो में हर महिला सुरक्षित महसूस करे।
यौन अपराधियों के डेटाबेस पर नजर रखने का निर्देश
कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में इस समस्या से निपटने के लिए वॉर रूम बनाने की जानकारी भी मांगी। एक सुझाव यह दिया गया कि यौन अपराधियों के राष्ट्रीय डेटाबेस से संदिग्धों पर नजर रखी जाए। कोर्ट ने कहा कि सभी पहलुओं पर ध्यान दें। अगले चार हफ्तों में ऐसी और घटनाएं न हों। कॉलेजों पर खास नजर रखें, जहां कुछ मनचले छात्राओं को परेशान करते रहते हैं। दिल्ली में हजारों अनधिकृत खाने-पीने की जगहें हैं, जहां असामाजिक तत्व इकट्ठा होते हैं और शराब भी चलती है।
निर्भया मामले का जिक्र
जस्टिस पारदीवाला ने 2012 के निर्भया मामले का जिक्र किया। उन्होंने याद दिलाया कि उस मामले में भी दोषियों ने अपराध करने से पहले खाना खाया था और शराब पी थी।

















