आदित्य भारद्वाज
October 6, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम साक्षात्कार

‘छत्रपति संवाद : मुंबई संकल्प’ : ‘हिंदुत्व से जुड़ी है मुंबई की पहचान’

'छत्रपति संवाद : मुंबई संकल्प' में महाराष्ट्र के बंदरगाह विकास विभाग और मत्स्य पालन विभाग के मंत्री नितेश राणे से पाञ्चजन्य की सलाहकार संपादक तृप्ति श्रीवास्तव ने बातचीत की। प्रस्तुत हैं संपादित अंश

Written byअरुण कुमार शर्माअरुण कुमार शर्मा
Oct 6, 2026, 01:08 pm IST
inसाक्षात्कार, महाराष्ट्र, पाञ्चजन्य इवेंट

मुंबई की 877 किलोमीटर लंबी तटीय सीमा को देखते हुए आने वाले वर्षों में इसका स्वरूप कैसा होगा? क्या मुंबई वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान बनाएगी?
मेरा आग्रह है कि 2028 में फिर ऐसा सुशासन संवाद आयोजित किया जाए। आज आप तटीय सड़क से यहां पहुंचे हैं, लेकिन जनवरी 2028 से वाटर मेट्रो के माध्यम से भी यहां पहुंच सकेंगे। मुख्यमंत्री का सपना पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र को वाटर मेट्रो से जोड़ने का है। इससे नरीमन पॉइंट से बांद्रा और दहिसर तक जल परिवहन की सुविधा मिलेगी। ताज होटल के सामने रेडियो क्लब घाट बनाया जा रहा है। वहां से वाटर टैक्सी सेवा शुरू होगी। अभी ताज होटल से नवी मुंबई हवाई अड्डे तक पहुंचने में लगभग एक घंटा बीस मिनट से डेढ़ घंटा लगता है, लेकिन वाटर टैक्सी से यह सफर लगभग 14 मिनट में पूरा करने की योजना है। हमारा उद्देश्य मुंबई और पूरे तटीय क्षेत्र का स्वरूप बदलना है। मुंबई महानगर क्षेत्र से आगे कोंकण, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग और रायगढ़ तक समुद्री परिवहन विकसित करने की तैयारी है। छत्रपति शिवाजी महाराज ने समुद्र की शक्ति को समझा था। उसी प्रेरणा से हम आने वाले समय में समुद्र की क्षमता का उपयोग विकास के लिए करेंगे।

कम बारिश के कारण मछुआरों पर भी संकट आया है। उन्हें तत्काल राहत देने के लिए सरकार क्या कदम उठाएगी?
सूखे का प्रभाव किसानों और मछुआरों सहित सभी वर्गों पर पड़ता है। महाराष्ट्र देश का एकमात्र राज्य है, जहां मत्स्य पालन को कृषि का दर्जा दिया गया है। किसानों के लिए घोषित लाभ, सहायता पैकेज और योजनाएं मछुआरों पर भी लागू होंगी। राज्य में पानी की कमी और सूखे की गंभीर स्थिति है। हमारी सरकार इस संकट से लोगों को बाहर निकालने के लिए पूरी ताकत से काम कर रही है। हम किसी भी वर्ग को इस कठिन परिस्थिति में अकेला नहीं छोड़ेंगे। बड़ी विकास परियोजनाओं के कारण पारंपरिक कोली मछुआरों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका है। उनके हितों की रक्षा के लिए क्या व्यवस्था की गई है? केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ मछुआरों के लिए महत्वपूर्ण है। जब मैंने यह विभाग संभाला, तब इसका बजट लगभग 212 करोड़ रुपए था। अब इसे बढ़ाकर 10,240 करोड़ रुपए तक कर दिया गया है। हम चाहते थे कि राज्य की अपनी योजना भी हो। इसलिए इस वर्ष मार्च के बजट सत्र में ‘मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ शुरू की गई। इसका उद्देश्य उन पारंपरिक मछुआरों की सहायता करना है, जिनके पास आधुनिक तकनीक वाली नावें नहीं हैं और जो अभी तकनीकी सुविधाओं से नहीं जुड़ पाए हैं। हमारी कोशिश है कि योजना का लाभ अंतिम मछुआरे तक पहुंचे। मैं अलग-अलग जिलों का दौरा कर रहा हूं। सूखे से प्रभावित बांधों और तालाबों की स्थिति तथा मछुआरों की समस्याओं की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके आधार पर मुख्यमंत्री के माध्यम से सहायता पहुंचाई जाएगी। पारंपरिक मछुआरों को रोजगार और आत्मनिर्भरता देना हमारी प्राथमिकता है।

मुंबई ने 2008 के आतंकवादी हमले का दर्द झेला है। आज तटीय सुरक्षा कितनी मजबूत है और भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए क्या किया जा रहा है?
हमारी सरकार की पहली प्राथमिकता सुरक्षा है। मंत्री बनने के पहले दिन से मैंने तटीय सुरक्षा को गंभीरता से लिया। मुंबई के समुद्र तट पर नावों के लगभग 93 लाइसेंस दिए गए हैं। उनकी जांच में कुछ अनियमितताएं सामने आईं और गलत तरीके से इस्तेमाल किए जा रहे कई लाइसेंस रद्द किए गए हैं। नाव चलाने वालों की पहचान, उनके दस्तावेज और उनकी गतिविधियों की जांच की जा रही है। तटीय क्षेत्र पर निगरानी रखने के लिए लगभग 11 ड्रोन तैनात किए गए हैं। किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना नियंत्रण केंद्र तक पहुंचती है। हमारे पास तटीय सुरक्षा नौकाएं भी हैं। हम चौबीस घंटे निगरानी रख रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति अवैध रूप से समुद्री रास्ते से प्रवेश न कर सके।

तृप्ति श्रीवास्तव के सवालों के जवाब देते नितेश राणे

टीसीएस प्रकरण में महिलाओं के उत्पीड़न और कन्वर्जन के आरोप सामने आए। ऐसी घटनाओं को रोकने और कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या किया जाना चाहिए?
हमारी सरकार की भूमिका स्पष्ट है। महिलाओं के साथ उत्पीड़न या किसी भी प्रकार की जबरदस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। टीसीएस प्रकरण सहित ऐसे मामलों में सरकार कठोर कार्रवाई की पक्षधर है। कंपनियों को नियुक्ति प्रक्रिया में सावधानी बरतनी चाहिए और कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। यौन उत्पीड़न रोकने वाले कानून का कड़ाई से पालन होना चाहिए। धार्मिक आधार पर किसी पर दबाव डालने या कन्वर्जन कराने के आरोपों की जांच भी कानून के अनुसार होनी चाहिए। हमारी सरकार ऐसे मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाने की बात करती है। देश में हिंदुओं के हितों को प्राथमिकता देने और धार्मिक गतिविधियों पर नियंत्रण रखने की हमारी राजनीतिक भूमिका स्पष्ट है।

महाराष्ट्र में मदरसों का आडिट कराने की बात कही गई है। इसके पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य क्या है?
मेरा सवाल है कि मदरसों से पढ़कर कितने विद्यार्थी इंजीनियर या डॉक्टर बनते हैं? सभी नागरिकों को संविधान के अनुसार समान शिक्षा और अवसर मिलने चाहिए। फिर अलग-अलग शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकता पर चर्चा होनी चाहिए। मेरा आरोप है कि कुछ मदरसों का इस्तेमाल कट्टरपंथ और आतंकवादी गतिविधियों के लिए किया जाता है। ऐसे आरोपों की जांच होनी चाहिए। बच्चों को आधुनिक शिक्षा, विज्ञान और तकनीक से जोड़ना जरूरी है। उन्हें सामान्य विद्यालयों और महाविद्यालयों जैसी शिक्षा के अवसर मिलने चाहिए।

असम और उत्तर प्रदेश की तरह महाराष्ट्र में भी मदरसों के पंजीकरण और कामकाज की जांच से क्या बदलाव आएगा?
असम में मदरसों को विद्यालयों में बदलने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। महाराष्ट्र में भी इसी तरह की व्यवस्था पर विचार होना चाहिए। मेरा मानना है कि सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ लेने वाली सभी संस्थाओं के कामकाज की उचित जांच होनी चाहिए। सरकारी सहायता का उपयोग शिक्षा के लिए होना चाहिए। हमारा उद्देश्य ऐसी शिक्षा व्यवस्था बनाना है, जहां सभी बच्चों को समान अवसर मिलें और किसी भी प्रकार की कट्टरता को बढ़ावा न मिले।

नवरात्र और गरबा आयोजनों में पहचान-पत्र की जांच अनिवार्य करने की मांग आपने की थी। क्या ऐसी व्यवस्था से सामाजिक सौहार्द प्रभावित नहीं होगा?
मैंने पहचान-पत्र की जांच के साथ तिलक लगाने और हनुमान चालीसा पढ़ने की बात भी कही थी। मेरा मानना है कि गरबा और नवरात्र हिंदू परंपरा के महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन हैं। इनमें भाग लेने वालों की पहचान की जांच होनी चाहिए। मैंने कुरान पढ़ी है और मेरा तर्क है कि धार्मिक मान्यताओं के आधार पर आयोजनों में भागीदारी के प्रश्न पर चर्चा होनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति इन आयोजनों में भाग लेना चाहता है, तो उसे हिंदू परंपराओं का सम्मान करना चाहिए। मैं घर-वापसी के कार्यक्रमों का भी समर्थन करता हूं। मेरी शिकायत है कि हिंदू त्योहारों के दौरान कई बार पत्थरबाजी या अन्य घटनाओं की खबरें आती हैं। सभी त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से मनाए जाने चाहिए। कानून और व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है।

मुंबई की महानगरीय पहचान विभिन्न मत-पंथों और समुदायों के साथ रहने से बनी है। क्या इस तरह के बयान आपसी सौहार्द को प्रभावित नहीं करते?
मेरा मानना है कि मुंबई की पहचान हिंदुत्व से जुड़ी है। यदि दूसरे समुदायों को अपने त्योहार मनाने का अधिकार है, तो हिंदुओं को भी अपने त्योहार मनाने का पूरा अधिकार होना चाहिए। मैं चाहता हूं कि हिंदू त्योहारों में बाधा डालने वाली घटनाओं पर कार्रवाई हो। संविधान का सम्मान करते हुए सभी समुदायों को अपने धार्मिक आयोजन शांतिपूर्वक करने चाहिए। किसी भी समुदाय को दूसरे के धार्मिक अधिकारों में बाधा नहीं डालनी चाहिए।

आप मंत्री के रूप में प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाते हैं और एक युवा नेता के रूप में हिंदुत्व के मुद्दे उठाते हैं। इन दोनों भूमिकाओं में संतुलन कैसे बनाते हैं?
मैं मंत्री और विधायक अस्थायी रूप से हूं, लेकिन हिंदू स्थायी रूप से हूं। मंत्री पद तब तक है, जब तक पार्टी और वरिष्ठों को उचित लगता है। विधायक तब तक हूं, जब तक क्षेत्र की जनता चुनती है। मेरी धार्मिक पहचान मेरे जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र से जुड़ी है। मेरा मानना है कि किसी भी पद पर रहते हुए व्यक्ति को अपनी पहचान नहीं भूलनी चाहिए। मैं अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए हिंदुत्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखता हूं।

हिंदुत्व की राजनीति के आधार पर आप आने वाले समय में महाराष्ट्र का कैसा स्वरूप देखते हैं?
महाराष्ट्र की जनता ने हिंदुत्व की विचारधारा वाली सरकार को चुना है। मैं तीसरी बार विधायक बना हूं। 2014 में लगभग 26 हजार मतों से, 2019 में 29 हजार मतों से और पिछली बार लगभग 58 हजार मतों से जीत हासिल की। मेरा मानना है कि हिंदू समाज ने हमें समर्थन दिया है और उसकी सुरक्षा तथा विकास हमारी प्राथमिकता है। पारंपरिक मछुआरों को न्याय देना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और तटीय क्षेत्रों का विकास करना भी हमारी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में हम महाराष्ट्र को हिंदुत्व की विचारधारा के अनुसार आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।

‘हलाल प्रमाणन की जांच हो’

‘कार्यक्रम में कुछ श्रोताओं ने भी नितेश राणे से प्रश्न पूछे। प्रस्तुत हैं उन प्रश्नों के उत्तर

 हलाल प्रमाणन के कारण हिंदू खटीक समाज के कारोबार पर असर पड़ रहा है। क्या महाराष्ट्र में भी इस पर प्रतिबंध लगाया जाएगा?
मेरा मानना है कि हलाल प्रमाणन के माध्यम से कुछ संगठन धन जुटाते हैं और उसके दुरुपयोग के आरोपों की जांच होनी चाहिए। हम झटका मांस को बढ़ावा देने के लिए अभियान चला रहे हैं। हिंदू खटीक समाज की दुकानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है और लगभग 21 हिंदू बेकरी खोलने की पहल की गई है। मैं हिंदू समाज से आग्रह करता हूं कि वह अपनी पसंद के अनुसार उत्पाद खरीदे और झटका मांस को बढ़ावा दे। सरकार, सामाजिक संगठनों और नागरिकों की इसमें भूमिका है।

जनसंख्या असंतुलन की चिंता दूर करने के लिए सरकार क्या कदम उठाएगी?
इस विषय में समाज की भी जिम्मेदारी है। सरकार परिवारों को आर्थिक सहायता और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सशक्त बना सकती है। मेरा आरोप है कि जनसंख्या परिवर्तन का इस्तेमाल भारत को इस्लामी राष्ट्र बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। मैं इसे अपनी राजनीतिक चिंता के रूप में उठाता हूं। हिंदू समाज को जागरूक रहना चाहिए। सरकार सभी परिवारों की सहायता के लिए योजनाएं चला रही है, लेकिन सामाजिक स्तर पर भी इस विषय पर विचार होना चाहिए। दो बच्चों की नीति लागू करने के बजाय हमें समाज में जागरूकता बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।

 खारघर और तलोजा में छेड़खानी, गोहत्या तथा कानून-व्यवस्था से जुड़ी शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों को न्याय कैसे मिलेगा?
आप एक बार मुझे खारघर बुलाने के लिए तारीख तय कीजिए और मेरी टीम से संपर्क कीजिए। ऐसी घटनाओं पर कार्रवाई करने के लिए हम तैयार हैं। मैं मंत्री के रूप में ही नहीं, बल्कि अन्य भूमिकाओं में भी सक्रिय रहता हूं। आप मुझे आमंत्रित कीजिए, मैं वहां आकर समस्याओं को समझूंगा और उचित कार्रवाई के लिए प्रयास करूंगा।

Topics: नितेश राणेतटीय सुरक्षावाटर मेट्रोप्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजनाकोली मछुआरेहिंदुत्वमदरसा ऑडिटवाटर टैक्सीझटका मांसहलाल प्रमाणनसुशासन संवादपाञ्चजन्य विशेष
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

छत्रपति संवाद : ‘संस्कृति, सुशासन और समृद्ध महाराष्ट्र…’

महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा

‘सुशासन का अर्थ-विश्वास, सहभागिता और अंत्योदय’

दीप प्रज्ज्वलित कर संवाद का उद्घाटन करते श्री वी. भागैय्या। साथ में हैं (बाएं से) डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी, स्वामी निजामृतानंद पुरी, श्री अरुण गोयल, डॉ. आशीष गौतम और श्री हितेश शंकर

छत्रपति संवाद : संकल्प से सिद्धि तक

श्री वी. भागैय्या से बातचीत करते श्री हितेश शंकर

‘विषमता-मुक्त और एकात्मता-युक्त समाज के निर्माण में लगा है संघ’

एनसीईआरटी ने सिलेबस में किया बदलाव। दिल्ली सल्तनत और मुगलों की जगह भारतीय नायकों को दिया स्थान।

NCERT में दिल्ली सल्तनत और मुगलों का इतिहास घटा, भारतीय स्वाभिमान बढ़ा: क्यों तिलमिलाया लेफ्ट-लिबरल इकोसिस्टम?

कैप्टन स्मित मछार

कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी पर दुनिया कर रही सलाम, फिर भारत का लेफ्ट-लिबरल इकोसिस्टम चुप क्यों ?

Load More

ताज़ा समाचार

‘छत्रपति संवाद : मुंबई संकल्प’ : ‘हिंदुत्व से जुड़ी है मुंबई की पहचान’

हरमनप्रीत कौर

हरमनप्रीत कौर ने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से इस्तीफा दिया, इंस्टाग्राम पर किया भावुक पोस्ट

उमेश पाल हत्याकांड: 5 लाख के इनामी अरमान बिहारी को ट्रांजिट रिमांड, 14 दिन बाद अगली सुनवाई

बोच्चिया इंडिया फेडरेशन कप 2026: कोई भी खिलाड़ी पीछे न छूटे – समावेशी खेल का संदेश

भव्य होगा 10वां दीपोत्सव, 33 लाख दीपों से जगमगाएगी रामनगरी

पिथौरागढ़ में एक्सरसाइज नोमैडिक एलिफेंट 2026 का सफल समापन, भारत-मंगोलिया सेनाओं ने अनुभव साझा किए

प्रतीकात्मक तस्वीर

जम्मू सहित पूरे देश से बांग्लादेशी घुसपैठियों की वापसी अभियान तेज

छत्रपति संवाद : ‘संस्कृति, सुशासन और समृद्ध महाराष्ट्र…’

स्विटजरलैंड राष्ट्रपति की भारत यात्रा: नौकरी, रक्षा सहयोग व परमाणु ऊर्जा समेत 5 समझौते

Delhi Advisory for journalist

‘स्टोरी मायने रखती है, तरीका भी’: दिल्ली पुलिस ने जारी की पत्रकारों के लिए एडवाइजरी, पहचान पत्र रखना अनिवार्य

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies