भुवनेश्वर: ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों को देश की समृद्ध संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और तीर्थस्थलों से जोड़ने की दिशा में फ्रेंड्स ऑफ ट्राइबल सोसाइटी (एफटीएस), भुवनेश्वर चैप्टर द्वारा एक सराहनीय पहल की गई। 5वीं जगन्नाथ दर्शन यात्रा–2026 के अंतर्गत ढेंकानाल जिले के 7 एकल विद्यालयों के लगभग 50 बच्चों को भगवान श्री जगन्नाथ के दर्शन के लिए पुरी ले जाया गया।
यह यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि गांव और शहर के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक सेतु बनाने का एक अनूठा प्रयास है। विशेष रूप से ऐसे बच्चों को इस यात्रा में शामिल किया जाता है, जिनके परिवार में अब तक किसी सदस्य को महाप्रभु श्री जगन्नाथ के दर्शन का अवसर नहीं मिला है। बच्चों के लिए पुरी में महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन के साथ-साथ भुवनेश्वर में महाप्रभु लिंगराज के दर्शन की भी व्यवस्था की जाती है।
हर गांव तक पहुंचता है महाप्रभु का आशीर्वाद
इस पहल की सबसे विशेष बात यह है कि यात्रा केवल बच्चों के दर्शन तक सीमित नहीं रहती। पुरी दर्शन के बाद प्रत्येक गांव के घर-घर में महाप्रसाद/निर्माल्य पहुंचाया जाता है तथा प्रत्येक गांव को महाप्रभु श्री जगन्नाथ की ध्वजा प्रदान की जाती है।
एकल विद्यालय के बच्चे ढोल-नगाड़ों के साथ शोभायात्रा निकालकर गांव के किसी पवित्र स्थान पर विधिवत भगवान जगन्नाथ की ध्वजा स्थापित करते हैं। इस पूरे आयोजन से ग्रामीणों में भगवान जगन्नाथ के प्रति आस्था और जुड़ाव और अधिक गहरा होता है। बच्चों के माध्यम से महाप्रभु का संदेश और आशीर्वाद गांव-गांव तक पहुंचता है।
भक्ति के साथ संस्कृति और संस्कार का संदेश
एफटीएस की यह पहल बच्चों को केवल तीर्थ दर्शन ही नहीं कराती, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति, परंपरा, आस्था और सामाजिक एकता से जोड़ने का अवसर भी देती है। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों का शहर और प्रमुख धार्मिक स्थलों से परिचय उन्हें व्यापक सामाजिक परिवेश को समझने का अवसर प्रदान करता है।
इसी उद्देश्य से 5वीं जगन्नाथ दर्शन यात्रा–2026 का आयोजन किया गया। यह यात्रा भक्ति, संस्कार, संस्कृति और सामाजिक समरसता का सुंदर संगम बनकर सामने आई।
एफटीएस नेतृत्व एवं एफटीएस युवा का सहयोग
इस परियोजना को सफल बनाने में एफटीएस पैटरन अजय अग्रवाल एवं मनसुख सेठिया, अध्यक्ष प्रकाश भुरा तथा सचिव सुरेश अग्रवाल का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। कार्यक्रम का संचालन एफटीएस युवा द्वारा किया गया। इस यात्रा के संयोजक सौम्य साहू एवं विकास बथुवाल रहे, जबकि एफटीएस युवा अध्यक्ष श्रीराम अग्रवाल के नेतृत्व में पूरी टीम ने यात्रा को सफल बनाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाई।

















