विदेशी अंशदान (नियमन) संशोधन विधेयक, 2026 की जांच के लिए बनी संयुक्त संसदीय समिति यानी जेपीसी आज मंगलवार को अपनी दूसरी बैठक करने जा रही है। यह बैठक संसद एनेक्सी में होगी। समिति इस बिल के प्रावधानों को विस्तार से समझ रही है और अलग-अलग पक्षों से बात कर रही है।
बैठक का समय और जगह
लोकसभा सचिवालय की जानकारी के मुताबिक, बैठक सुबह 11 बजे शुरू होकर दोपहर दो बजे तक चलेगी। इसमें गृह मंत्रालय और कानून एवं न्याय मंत्रालय के अधिकारी शामिल होंगे। ये अधिकारी समिति के सदस्यों को बिल में बताए गए अलग-अलग प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताएंगे। यानी बिल में क्या-क्या बदलाव सुझाए गए हैं, उनका मतलब क्या है और वो कैसे काम करेंगे, इस पर चर्चा होगी।
विशेषज्ञों और हितधारकों से बातचीत
दोपहर दो बजे के बाद समिति विषय विशेषज्ञों और हितधारकों की राय सुनेगी। इनमें भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु शेट्टी और दिल्ली हाई कोर्ट के लिए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा भी शामिल हैं। ये लोग अपने अनुभव और समझ के आधार पर समिति को अपनी बात रखेंगे। इससे समिति को बिल के व्यावहारिक पहलू समझने में मदद मिलेगी।
पहली बैठक में क्या हुआ था
जेपीसी की पहली बैठक 18 सितंबर को हुई थी। उसमें केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने समिति के सदस्यों को इस विधेयक के पीछे के कारण, इसके उद्देश्य और बड़े नीतिगत ढांचे के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि सरकार इन बदलावों को क्यों जरूरी मान रही है और इसका मकसद क्या है।
यह पूरा प्रोसेस संसद में चल रहा है ताकि बिल पर अच्छी तरह चर्चा हो सके। समिति अब मंत्रालयों से तकनीकी जानकारी ले रही है और विशेषज्ञों से राय ले रही है। बैठक संसद एनेक्सी में हो रही है और इसमें संबंधित मंत्रालयों के अधिकारी तथा चुने हुए विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।

















