भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मौजूदगी लगातार दर्ज करा रहा है। करीब 8 बार सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य रहे भारत ने एक बार फिर से अस्थायी सदस्यता के लिए अपना प्रचार शुरू कर दिया है। इसके लिए भारत ने SHANTI फ्रेमवर्क लॉन्च किया है। इस बार की सदस्यता साल 2028-29 के लिए होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत केवल SHANTI (नॉर्म्स, ट्रस्ट और इंटीग्रिटी के जरिए समग्र प्रगति को सुनिश्चित करना)- के सिद्धांत पर चलेगा।
SHANTI फ्रेमवर्क और भारत की प्राथमिकताएं
जयशंकर ने भारत की उम्मीदवारी के लिए छह मुख्य प्राथमिकताएं बताईं:
- ग्लोबल साउथ की आवाज बनाना
- सुधारा हुआ मल्टीलेटरलिज्म (बहुपक्षीय व्यवस्था) को आगे बढ़ाना
- भविष्य के लिए तैयार पीसकीपिंग (शांति स्थापना) को बढ़ावा देना
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दुरुपयोग से होने वाले खतरे से निपटना
- समुद्री क्षेत्र को सुरक्षित रखना
- आतंकवाद फंडिंग का मुकाबला करना
उन्होंने कहा कि ग्लोबल गवर्नेंस को बदलने के लिए सुधार जरूरी है। मल्टीलेटरलिज्म को लोकतांत्रिक, प्रतिनिधित्वपूर्ण और प्रभावी बनाना होगा। दुनिया के बड़े मुद्दों पर अलग-अलग राय और हित हो सकते हैं, लेकिन इन्हें सामंजस्य में लाकर सुरक्षा परिषद को और मजबूत, जवाबदेह और तैयार बनाया जा सकता है। भारत जैसे देश, जो लंबे समय से मतभेदों को पाटने और सहमति बनाने में भूमिका निभाते आए हैं, इसमें अपना योगदान दे सकते हैं।
AI, समुद्री सुरक्षा और अन्य मुद्दे
AI पर बात करते हुए जयशंकर ने भारत के मानव-केंद्रित नजरिए का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत की परंपराओं और क्षमताओं पर आधारित यह विजन है। हाल ही में भारत में हुए AI इम्पैक्ट समिट में ‘AI फॉक ऑल’ का मंत्र अपनाया गया था। साथ ही AI के दुरुपयोग से अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को होने वाले खतरे से निपटने के लिए भी भारत पूरी तरह तैयार है।
समुद्री सहयोग पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में हाल की घटनाओं से समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा एक बड़ी चिंता बन गई है। मजबूत समुद्री सहयोग की जरूरत पर बल दिया गया।
भारत पहले भी आठ बार UNSC की नॉन-परमानेंट सीट पर रह चुका है। देश ने अब तक शांति स्थापना मिशनों में 3 लाख से ज्यादा सैनिक भेजे हैं, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है। इस बार एशिया-पैसिफिक ग्रुप की सीट के लिए तजाकिस्तान के साथ मुकाबला हो सकता है। चुनाव जून 2027 में होने हैं।

















