
मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई का समय नजदीक है लेकिन जाने से पहले मानसून एक बार फिर अपना असर दिखा रहा है। सितंबर के आखिरी दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर सक्रिय हो गया है। खासकर पूर्वी मध्य प्रदेश में अगले 48 घंटे मौसम के लिहाज से काफी अहम रहने वाले हैं। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं कुछ जगहों पर तेज बारिश को देखते हुए स्कूलों को भी बंद रखने का फैसला लिया गया है।
शनिवार को जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है। निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और सतना में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां बारिश के साथ जलभराव और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की स्थिति बन सकती है। भिंड, दतिया, पन्ना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, दमोह, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, जबलपुर, मंडला और डिंडोरी में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर समेत कई जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए सतना और मैहर में स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। सतना में नर्सरी से 8वीं तक और मैहर में नर्सरी से 12वीं तक के स्कूल शनिवार को बंद रहेंगे। प्रशासन ने यह फैसला बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है। मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के मुताबिक गहरे अवदाब की ताकत कम हो रही है, लेकिन इससे मिल रही नमी के कारण पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश जारी रह सकती है। लोगों को नदी-नालों, पुल-पुलियों और निचले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है। मध्य प्रदेश में मानसून का आधिकारिक समय 30 सितंबर तक है। ऐसे में विदाई से पहले हुई यह बारिश एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल रही है। प्रदेश के कई जिलों में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश भी दर्ज की जा चुकी है।