विश्लेषण

राहुल गांधी का भाजपा और सरकारों के एंटी-इंकम्बेंसी पर मिथ्या प्रलाप

राहुल गांधी सत्ता विरोधी लहर की बात करते हैं, लेकिन कांग्रेस ने असम, दिल्ली, आंध्र, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में लगातार 2-8 बार सरकार बनाई। वर्तमान में 5 राज्यों में शून्य विधायक।

Published by
अभय कुमार

राहुल गांधी ने सरकारों के खिलाफ एंटी-इंकम्बेंसी या सत्ता विरोधी लहर के बारे में देश को गुमराह करने का प्रयास किया है। कांग्रेस और उनके सहयोगियों की अलग-अलग सरकारों ने अलग-अलग राज्यों में सत्ता विरोधी लहर को धता बताते हुए बार-बार सत्ता में वापसी की है। असम में कांग्रेस पार्टी नीत तरुण गोगोई की सरकार ने 2001 से 2016 तक लगातार तीन बार सत्ता में वापसी किया था।

दिल्ली में कांग्रेस पार्टी की सरकार शीला दीक्षित के नेतृत्व में लगातार तीन बार 1998 से 2013 तक सत्ता में वापसी किया था। इसके अलावा कांग्रेस पार्टी की सहयोगी लालू यादव की सरकार संयुक्त बिहार और वर्तमान बिहार में लगातार तीन बार 1995 से 2005 तक सत्ता में लगातार तीन बार सत्ता में रही थी। कांग्रेस पार्टी की समय समय पर सहयोगी रहने वाली ममता बनर्जी 2011 से 2026 तक लगातार तीन बार पश्चिम बंगाल में सत्ता में रही है।

अपनी ही पार्टी के इतिहास को खंगाले कांग्रेस

राहुल गांधी को सत्ता विरोधी लहर को रोकने के अपने पार्टी के इतिहास को खंगालना चाहिए। दक्षिणी राज्य संयुक्त हैदराबाद और आंध्र प्रदेश  में कांग्रेस पार्टी 1952 से लेकर 1983 तक लगातार छह बार सरकार बनाई थी। पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी 1980 से लेकर 2019 तक लगातार आठ बार सरकार बनाने में सफल हुई थी। दूसरे पूर्वोत्तर राज्य असम में कांग्रेस पार्टी 1952 से 1978  तक लगातार पांच बार सरकार बनाने में सफल हुई थी। इसके अलावा 2010 से 2016 तक तरुण गोगोई के नेतृत्व में भी कांग्रेस ने असम में लगातार तीन बार सत्ता में वापसी की थी।

बिहार में लगातार तीन बार सत्ता में रही कांग्रेस

संयुक्त बिहार में कांग्रेस पार्टी 1952 से 1967 तक लगातार तीन बार सरकार बनाई थी। उसके बाद बिहार में कांग्रेस पार्टी 1969 से 1977 तक और 1980 से 1990 तक लगातार दो-दो  बार सरकार बनाने में सफल हुई थी। गुजरात में भी कांग्रेस पार्टी ने 1960 से 1967 तक लगातार दो बार और 1980 से 1990 तक लगातार दो-दो बार सरकार बनाया था। हरियाणा में कांग्रेस पार्टी ने लगातार तीन बार 1967-68 और 1972 में चुनाव जीतकर सरकार बनाई थी।

इसके अलावा 2005 और 2009 के विधानसभा के चुनावों में कांग्रेस पार्टी ने चुनाव जीतकर भूपिंदर सिंह हूडा के नेतृत्व में लगातार दो बार सरकार बनाने में सफल हुई थी। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने 1952, 1967 और 1972 के विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज़ करके सरकार बनाई थी। उसके बाद 1982 और 1985 में भी कांग्रेस पार्टी ने जीत दर्ज़ करके लगातार दो बार सरकार बनाने में सफलता प्राप्त किया था। जम्मू कश्मीर में 1967 और 1972 में लगातार दो बार विधानसभा का चुनाव जीतकर कांग्रेस पार्टी ने सरकार बनाया था।

कर्नाटक के पूर्ववर्ती राज्य मैसूर में कांग्रेस पार्टी ने 1951 से 1972 तक लगातार पांच बार चुनाव जीतकर सरकार बनाई थी। उसके बाद 1999 और 2004 में चुनाव जीतकर लगातार दो बार कांग्रेस पार्टी ने कर्नाटक में सरकार बनाई थी। केरल में भी कांग्रेस पार्टी ने 1970 और 1977 में लगातार दो बार चुनाव जीतकर सरकार बनाने में सफल हुई थी। संयुक्त मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने 1952 से लेकर 1972 तक लगातार पांच बार चुनाव जीतकर सरकार बनाने में सफल हुई थी इसके अलावा 1993 और 1998 में लगातार दो बार विधानसभा का चुनाव जीतकर दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में सरकार बनाने में सफल हुई थी।

महाराष्ट्र में 1962 से 1990 तक सत्ता में रही कांग्रेस

महाराष्ट्र में कांग्रेस पार्टी ने 1962 से लगातार सात विधानसभा का चुनाव 1990 तक जीत कर लगातार सत्ता में रही थी। 1999 से 2014 तक लगातार तीन बार चुनाव जीतकर कांग्रेस पार्टी सत्ता में रहती है। मणिपुर में कांग्रेस पार्टी ने 1980 और 1984 में लगातार दो बार और 1990 और 1995 में फिर से लगातार दो बार विधानसभा का चुनाव जीतकर सरकार बनाई थी। कांग्रेस पार्टी ने फिर से मणिपुर में  2002 से 2017 तक  लगातार तीन बार विधानसभा का चुनाव जीतकर ओकराम इबोबी सिंह के नेतृत्व में सरकार बनाई थी। पूर्वोत्तर राज्य मेघालय में कांग्रेस पार्टी ने 1988 और 1993 में विधानसभा का चुनाव जीतकर लगातार दो बार सरकार बनाने में सफलता प्राप्त किया था।

इसके बाद मेघालय में 2003, 2008 और 2013 में लगातार तीन बार विधानसभा का चुनाव जीतकर लगातार तीन बार सरकार बनाने में सफलता प्राप्त किया था। मिजोरम में कांग्रेस पार्टी ने 1989-1993 और 2008-13 में लगातार दो-दो बार विधानसभा का चुनाव जीतकर सरकार बनाने में सफलता प्राप्त किया था। नागालैंड में कांग्रेस पार्टी ने लगातार दो बार 1987 और 1989 में विधानसभा का चुनाव जीतकर सरकार बनाने में सफलता प्राप्त किया था। ओडिशा में कांग्रेस पार्टी ने लगातार तीन बार 1952, 57 और 62 में चुनाव जीतकर सरकार बनाई थी। उसके बाद ओडिशा में ही कांग्रेस पार्टी ने 1985 और 1990 में लगातार दो बार चुनाव जीतकर सरकार बनाई थी। केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में कांग्रेस पार्टी ने 1963–1964  और 2001-06 में विधानसभा का चुनाव में जीतकर लगातार दो बार सरकार बनाई थी। संयुक्त पंजाब में 1952-57-62 में लगातार तीन बार चुनाव जीतकर सरकार बनाने में सफल हुई थी। राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने 1972, 1957, 1962, 1967 और 1972 में लगातार पांच बार सरकार बनाने में सफल हुई थी।

इसके बाद 1980 और 1985 के विधानसभा के चुनाव में भी कांग्रेस पार्टी ने लगातार दो बार चुनाव जीतकर बनाने में सफल हुई थी। तमिलनाडु में कांग्रेस पार्टी ने लगातार तीन बार 1952, 1957 और 1962 में चुनाव जीतकर सरकार बनाने में सफल हुई थी। पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में 1963,1967 और 1972 में लगातार तीन बार विधानसभा चुनाव जीतकर सरकार बनाने में सफल हुई थी। उत्तर प्रदेश में 1952 से 1967 तक लगातार चार बार और 1980 और 1985 में लगातार दो बार विधानसभा चुनाव जीतकर सरकार बनाने में सफल हुई थी। पश्चिम बंगाल में लगातार तीन बार 1952, 1957 और 1962 में चुनाव जीतकर सरकार बनाने में सफल हुई थी।

5 राज्यों में कांग्रेस का नहीं है एक भी विधायक

वर्तमान में कांग्रेस पार्टी का दिल्ली, आंध्र प्रदेश, नागालैंड, मेघालय, सिक्किम में एक भी विधायक नही हैं। ऐसा नहीं है कि जनता कांग्रेस पार्टी को छोड़ रही है, बल्कि कांग्रेस पार्टी के निर्वाचित विधायक और सांसद भी पार्टी से अपने को अलग कर रहे हैं। मेघालय में कांग्रेस पार्टी के पांच विधायक सत्तारूढ़ एनपीपी में शामिल हो गए हैं। असम में नौगाव लोकसभा सीट के लगातार दो बार के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई भाजपा में शामिल हो गए हैं और इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है। गोवा में कांग्रेस पार्टी के आठ विधायक पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए हैं। पश्चिम बंगाल के विगत विधानसभा में सागरदिघी विधानसभा सीट से उपचुनाव में जीते कांग्रेस पार्टी के एकलौते विधायक बायरन बिस्वास ने पार्टी छोड़कर ममता बनर्जी की पार्टी में शामिल हो गए थे और कांग्रेस पार्टी पश्चिम बंगाल विधानसभा में फिर से शून्य विधायकों वाली पार्टी बन गई थी।

कांग्रेस पार्टी के लोकसभा में उपनेता गौरव गोगोई जोरहाट विधानसभा सीट से 2026 में अपना खुद का विधानसभा का चुनाव हार जाते हैं वही पुडुचेर्री के सांसद वी  वैथिलिंगम 2026 के पुडुचेर्री  विधानसभा चुनाव में अपना जमानत गवा देते हैं।

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