केरल की छात्र राजनीति में त्रिपुनिथुरा स्थित गवर्नमेंट संस्कृत कॉलेज का छात्रसंघ चुनाव इस बार खास चर्चा में है। लंबे समय से वामपंथी छात्र संगठन SFI के प्रभाव वाले इस कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने सभी प्रमुख पदों पर जीत हासिल की है। ABVP के इस प्रदर्शन ने न सिर्फ कॉलेज की छात्र राजनीति में समीकरण बदल दिए हैं, बल्कि इसे संगठन के लिए एक महत्वपूर्ण चुनावी सफलता के तौर पर भी देखा जा रहा है। ABVP ने छात्रसंघ की सभी छह प्रमुख सीटें जीतकर SFI के लंबे दबदबे को खत्म कर दिया। यह कॉलेज लंबे समय से SFI का मजबूत गढ़ माना जाता था।
छह प्रमुख पद ABVP के खाते में
छात्रसंघ चुनाव में ABVP ने चेयरपर्सन, वाइस चेयरपर्सन, जनरल सेक्रेटरी, मैगजीन एडिटर, आर्ट्स क्लब सेक्रेटरी और यूनिवर्सिटी यूनियन काउंसलर के पदों पर जीत दर्ज की। स्निग्धा एम. हरि चेयरपर्सन, जबकि आदित्य टी. ए. वाइस चेयरपर्सन चुने गए। विग्नेश भट्ट ने जनरल सेक्रेटरी और विग्नेश डी. ने मैगजीन एडिटर का पद जीता। वहीं अंजलि टी. आर्ट्स क्लब सेक्रेटरी और निवेद्या के. एन. यूनिवर्सिटी यूनियन काउंसलर चुनी गईं। शिवानी आर. और अवनी सी. बी. ने सेकेंड यूजी और सेकेंड पीजी रिप्रेजेंटेटिव के पदों पर जीत हासिल की। रिपोर्टों के मुताबिक, ABVP ने कुल 12 सामान्य सीटों पर भी जीत दर्ज की है। संगठन का कहना है कि पिछले साल बहुमत हासिल करने के बाद इस बार उसे पूर्ण बहुमत मिला है।
त्रिपुनिथुरा के इस कॉलेज में वामपंथी छात्र संगठनों का प्रभाव चार दशकों से अधिक समय से बताया जाता रहा है। ऐसे में ABVP का सभी प्रमुख पदों पर कब्जा करना कैंपस की छात्र राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। ABVP ने अपनी जीत को छात्रों की प्रतिक्रिया बताया है। संगठन ने SFI के पिछले कार्यकाल को लेकर संस्कृत के प्रचार-प्रसार, छात्र फंड के इस्तेमाल और कैंपस कार्यक्रमों जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, ये संगठन की ओर से लगाए गए आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है।
















